देश
अयोध्या : राम मंदिर ट्रस्ट में पहली बार CEO की भर्ती, चढ़ावा विवाद पर सुप्रीम कोर्ट सख्त
अयोध्या। राम मंदिर ट्रस्ट ने पहली बार CEO पद पर भर्ती निकाली है। यह ट्रस्ट के गठन के छह साल बाद पहली नियुक्ति होगी। इसी बीच चढ़ावा चोरी मामला सुप्रीम…
बिज़नेस
एप्पल और ओपनएआई के बीच ट्रेड सीक्रेट्स की लड़ाई
ओपनएआई पर एप्पल के ट्रेड सीक्रेट्स चोरी करने का आरोप, क्या यह सच है?
ओपनएआई ने जीपीटी-5.6 और चैटजीपीटी वर्क लॉन्च किया
ओपनएआई ने अपने नवीनतम फ्लैगशिप परिवार के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल जीपीटी-5.6 और चैटजीपीटी वर्क की घोषणा की, जो उपयोगकर्ताओं को जटिल पेशेवर कार्यों में मदद करने के लिए डिज़ाइन किया गया है
मध्य प्रदेश
MP में UCC लागू होने की राह साफ, ड्राफ्ट में आदिवासी बाहर; लिव-इन पर सख्त नियम
भोपाल। मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। उच्च स्तरीय समिति ने सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को अंतिम…
लाइफस्टाइल
Artificial Sweeteners Study: क्या कृत्रिम मिठास बढ़ा सकती है मस्तिष्क की उम्र? नए अध्ययन में सामने आए चौंकाने वाले संकेत
एक नए अध्ययन में पाया गया है कि कृत्रिम मिठास के सेवन से मस्तिष्क की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया तेज हो सकती है, जो हमारी स्मृति और सोच क्षमता पर प्रभाव डाल सकती है।
क्या आपकी बैठने की आदतें आपकी रीढ़ की हड्डी को नुकसान पहुंचा रही हैं?
एक ऑर्थो से पोस्चर टूल्स के बारे में जानें और अपनी रीढ़ की हड्डी को स्वस्थ रखें
विदेश
ASEAN बैठक: म्यांमार शांति प्रक्रिया पर ASEAN विदेश मंत्रियों की बैठक
बैंकॉक में एएसईएएन विदेश मंत्रियों ने म्यांमार के विदेश मंत्री से मुलाकात की और आंग सान सू ची की स्थिति पर चर्चा की
धर्म/अध्यात्म
आषाढ़ अमावस्या पर करें ये 4 उपाय, पितृ दोष होंगे दूर
हिंदू धर्म में आषाढ़ अमावस्या को विशेष माना जाता है और इस दिन पूर्वजों के लिए तर्पण करने के लिए भी अत्यंत शुभ माना जाता है। आइए जानें आषाढ़ अमावस्या के उपायों के बारे में। आषाढ़ अमावस्या के दिन आपको ब्रह्म मुहूर्त में उठना चाहिए और स्नान आदि से मुक्त होकर सूर्य देव को जल देना चाहिए।
शिवलिंग पर कौन सा धातु का सर्प चढ़ाना होता है शुभ?
शिवलिंग पर विभिन्न धातुओं से बने सर्प अर्पित करने का विशेष महत्व है, जो भगवान शिव की कृपा दिलाता है और कालसर्प दोष जैसे कुंडली दोषों को शांत करता है। शिव जी के गले में सदैव वासुकी नाग सुशोभित रहते हैं, इसलिए उन्हें नागेश्वर भी कहते हैं।