उमरिया: छात्राओं की स्कॉलरशिप हड़पी, प्राचार्य सस्पेंड,लौटाएंगी रकम
पाली छात्रवृत्ति मामले में प्रभारी प्राचार्य सरिता जैन निलंबित कर दी गईं। छात्राओं की राशि लौटाने के आदेश हुए। जांच के दौरान मिली पदोन्नति पर भी विभागीय प्रक्रिया सवालों के घेरे में आ गई।
सूत्रों का दावा है कि मई में शुरू हुई जांच की जानकारी समय पर विभागीय मुख्यालय को नहीं भेजी गई।
इसी कारण पदोन्नति प्रक्रिया में उनका नाम शामिल हो गया।
इस संबंध में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का पक्ष नहीं मिल सका।
‘जनप्रचार’ की खबर के बाद तेज हुई कार्रवाई
मई में छात्राओं और अभिभावकों ने जनसुनवाई में शिकायत की थी।
प्रारंभिक जांच के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
इसके बाद जनप्रचार ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। फिर नई जांच समिति बनी।
करीब डेढ़ माह की जांच में आरोप सही पाए गए। इसके बाद निलंबन की कार्रवाई हुई।
स्थानीय स्तर पर भी हुआ विरोध
मामले को लेकर सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने प्रदर्शन किए। कुछ युवाओं ने भूख हड़ताल और सत्याग्रह भी किया। उन्होंने आदिवासी विभाग के अन्य छात्रावासों और संस्थानों की जांच की मांग भी उठाई।
क्या था पूरा मामला
छात्राओं और उनके अभिभावकों ने आरोप लगाया था कि छात्रवृत्ति और अन्य शैक्षणिक मदों की राशि उनके खातों से निकलवाई गई। विरोध करने पर परीक्षा में फेल करने और पढ़ाई प्रभावित करने की धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया गया था।