नई दिल्ली: उत्तर भारत के कई राज्यों में मानसून एक बार फिर कहर बरपा रहा है। उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण गंगा और घाघरा समेत छह नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। प्रदेश के 13 जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। वहीं, वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से सभी 84 घाट पानी में डूब गए हैं। हालात इतने गंभीर हैं कि मणिकर्णिका घाट पर छत के ऊपर अंतिम संस्कार किया जा रहा है, जबकि दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती भी छत से कराई जा रही है।
मौसम विभाग ने शनिवार को मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मध्य प्रदेश के 22 और उत्तर प्रदेश के 28 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट बताया गया है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ और ओडिशा में भी तेज बारिश की संभावना जताई गई है।
वाराणसी में सभी 84 घाट जलमग्न
गंगा के बढ़ते जलस्तर का सबसे ज्यादा असर वाराणसी के घाटों पर दिखाई दे रहा है। शहर के सभी 84 घाट पानी में डूब चुके हैं। घाटों पर बने करीब 100 छोटे-बड़े मंदिर भी जलमग्न हो गए हैं।
मणिकर्णिका घाट पर पानी बढ़ने के कारण अंतिम संस्कार की प्रक्रिया घाट की ऊपरी छत पर करनी पड़ रही है। वहीं, प्रसिद्ध दशाश्वमेध घाट पर होने वाली गंगा आरती भी सामान्य स्थान के बजाय छत पर कराई जा रही है। इससे वाराणसी में गंगा के बढ़ते जलस्तर की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
यूपी के 13 जिलों में बाढ़ जैसे हालात
लगातार बारिश के चलते उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। गंगा और घाघरा समेत छह प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। कई निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
लखनऊ में भी शुक्रवार शाम तेज बारिश हुई। हुसैनगंज इलाके में करीब आधे घंटे की बारिश के बाद कई दुकानों और घरों में पानी भर गया। प्रशासन की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई गई है।
मध्य प्रदेश में तीन मानसूनी सिस्टम सक्रिय
मध्य प्रदेश में भी बारिश का दौर मजबूत हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में एक साथ तीन मौसमी सिस्टम सक्रिय हैं। रीवा-सीधी के आसपास कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके अलावा उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश से मानसून ट्रफ गुजर रही है और दक्षिण-पश्चिमी मध्य प्रदेश में चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।
इन मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। शनिवार को राज्य के 22 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
भारी बारिश के कारण सतना का शबरी वाटरफॉल भी उफान पर है। तेज बहाव के चलते झरने का स्वरूप बेहद रौद्र दिखाई दे रहा है।
राजस्थान में कमजोर पड़ा मानसून, बढ़ी गर्मी
दूसरी तरफ राजस्थान में मानसून कमजोर पड़ने से गर्मी और उमस बढ़ गई है। शुक्रवार को श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 39.9 डिग्री सेल्सियस, जबकि चूरू में 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
राज्य के कई हिस्सों में बारिश कम होने के कारण लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।
पहाड़ी राज्यों में भी बारिश का असर
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भी बारिश से मुश्किलें बढ़ी हैं। रुद्रप्रयाग में तेज बारिश के बीच बच्चे स्कूल जाते दिखाई दिए। वहीं देहरादून-मसूरी रोड पर भूस्खलन के कारण सड़क पर मलबा आ गया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के ताराहाल इलाके में एक चलती कार के अगले हिस्से पर पेड़ गिर गया। हादसे में बाइक सवार भी बाल-बाल बच गया।
मौसम विभाग ने लोगों को भारी बारिश, जलभराव, बाढ़ और भूस्खलन वाले इलाकों में सावधानी बरतने की सलाह दी है। आने वाले घंटों में बारिश की स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है।