नई दिल्ली।
फ्लाईदुबई की फ्लाइट में हुए हमले के बाद भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार चर्चा में हैं।
उन्होंने गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद विमान को संभालने में अहम भूमिका निभाई।
विमान में कुल 174 लोग सवार थे।
हमले के बाद विमान को सऊदी अरब के ताबुक में सुरक्षित उतारा गया।
मोदी से करीब 9 मिनट हुई बात
#WATCH दिल्ली: प्रधानमंत्री मोदी ने बहादुर कैप्टन स्मित मच्छार से बातचीत करते हुए कहा, "मैं आपकी देखभाल करने के लिए सऊदी और UAE सरकारों का शुक्रिया अदा करता हूं। मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि जब भी आपको मेरी ज़रूरत होगी, मैं बस एक फ़ोन कॉल की दूरी पर हूं।" pic.twitter.com/yIK6F08BqR
— ANI_HindiNews (@AHindinews) October 2, 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन स्मित से वीडियो कॉल पर बात की।
इस दौरान स्मित ने कॉकपिट में हुए घटनाक्रम की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि हमला होने के बाद स्थिति बेहद गंभीर थी।
इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी।

स्मित ने कहा कि उन्हें पता था कि यह आखिरी मौका हो सकता है।
उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया।
उन्होंने बताया कि उस समय वे हनुमान चालीसा पढ़ रहे थे।
स्मित ने कहा कि उन्हें विश्वास था कि भगवान ने ही सबको बचाया।
भावुक हुए कैप्टन स्मित

प्रधानमंत्री से बातचीत के दौरान स्मित भावुक हो गए।
उन्होंने कहा कि पीएम का फोन आना उनके लिए गर्व की बात है।
वे बातचीत के दौरान रो भी पड़े।
मोदी ने उनके साहस की सराहना की।
उन्होंने स्मित के माता-पिता के संस्कारों की भी तारीफ की।
मोदी ने कहा कि पूरा देश उनके साहस को सलाम कर रहा है।
कॉकपिट में हुआ था हमला

30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट में यह घटना हुई।
रिपोर्टों के अनुसार, ओमानी को-पायलट ने कैप्टन स्मित पर हमला किया।
इस हमले में स्मित गंभीर रूप से घायल हुए।
विमान के तेजी से नीचे जाने की स्थिति बनी।
स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने का फैसला किया।
इसके बाद यात्रियों और क्रू ने हमलावर को काबू करने में मदद की।
विमान को बाद में सऊदी अरब के ताबुक की ओर डायवर्ट किया गया।
अबू धाबी में चल रहा इलाज
हमले के बाद स्मित को इलाज के लिए सऊदी अरब ले जाया गया।
बाद में उन्हें अबू धाबी शिफ्ट किया गया।
रिपोर्टों के अनुसार उनकी हालत स्थिर है।
उनका इलाज जारी है।
गुजरात सरकार देगी बड़ा सम्मान

कैप्टन स्मित को गुजरात सरकार ‘विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार’ देगी।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इसकी घोषणा की है।
सरकार ने उनके साहस और यात्रियों की जान बचाने के प्रयासों की सराहना की है।
नेतन्याहू और ट्रंप ने भी की तारीफ
कैप्टन स्मित की बहादुरी की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा हुई।
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उनकी तारीफ की।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी उनके साहस की सराहना की।
11 साल स्पाइसजेट में भी रहे
स्मित ने फ्लाईदुबई से पहले स्पाइसजेट में काम किया था।
वहां उन्होंने 11 साल से ज्यादा समय बिताया।
इसके बाद जून 2022 में फ्लाईदुबई से जुड़े।
उनके पास कमर्शियल विमान उड़ाने का लंबा अनुभव है।
Keywords:
- Captain Smit Machchhar
- Smit Machchhar Pilot
- Flydubai Flight Attack
- Indian Pilot Saves 174 Lives
- PM Modi Smit Machchhar
- Flydubai Hijack Attempt
- Smit Machchhar Hanuman Chalisa