लवलीना ने जीता गोल्ड, नेत्रा कुमानन को ब्रॉन्ज; भारत के नाम कई और पदक

एशियन गेम्स 2026 में 2 अक्टूबर भारत के लिए पदकों से भरा रहा। लवलीना बोरगोहेन ने 75 किग्रा बॉक्सिंग में गोल्ड जीता, जबकि नेत्रा कुमानन ने सेलिंग में ब्रॉन्ज अपने नाम किया। महिला रिकर्व टीम ने भी ऐतिहासिक गोल्ड जीता।

एशियन गेम्स 2026 में 2 अक्टूबर का दिन भारत के लिए बेहद खास रहा।

बॉक्सिंग में लवलीना बोरगोहेन ने महिलाओं के 75 किग्रा वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया।

उन्होंने फाइनल में चीन की बाओ जियी को हराकर एशियन गेम्स में अपना पहला स्वर्ण पदक जीता।

लवलीना एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला बॉक्सर बन गई हैं।

उनसे पहले यह उपलब्धि मैरी कॉम ने हासिल की थी।

लवलीना बोरगोहेन ने रचा इतिहास

महिलाओं के 75 किलोग्राम बॉक्सिंग फाइनल में लवलीना का सामना चीन की बाओ जियी से हुआ।

मुकाबले में जीत के साथ उन्होंने एशियन गेम्स में अपने पदक का रंग बदल दिया।

इससे पहले लवलीना ने 2022 एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल जीता था।

लवलीना इससे पहले सेमीफाइनल में कजाकिस्तान की नतालिया बोगदानोवा को

3-2 के स्प्लिट डिसीजन से हराकर फाइनल में पहुंची थीं।

अब गोल्ड जीतकर उन्होंने अपने शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ ली है।

नेत्रा कुमानन ने सेलिंग में जीता ब्रॉन्ज

भारत के लिए सेलिंग में भी अच्छी खबर आई। नेत्रा कुमानन ने महिलाओं की डिंगी स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया।

इससे भारत की पदक तालिका में एक और इजाफा हुआ।

नेत्रा पूरे मुकाबले में लगातार शीर्ष दावेदारों के बीच बनी रहीं

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और फाइनल रेस के बाद उन्होंने पोडियम पर जगह बनाई।

आर्चरी में भी भारत का शानदार प्रदर्शन

2 अक्टूबर को भारत के लिए आर्चरी में भी बड़ा पदक आया। महिला रिकर्व टीम में अंकिता भकत,

कीर्ति शर्मा और कुमकुम अनिल मोहोद की भारतीय टीम ने दक्षिण कोरिया को हराकर गोल्ड मेडल जीता।

यह इस स्पर्धा में एशियन गेम्स के इतिहास में भारत का पहला स्वर्ण पदक रहा।

इसके अलावा मिश्रित रिकर्व टीम में कुमकुम अनिल मोहोद और

धीरज बोम्मदेवरा की जोड़ी भी पदक मुकाबलों में उतरी।

आर्चरी में भारत की चुनौती कई टीम स्पर्धाओं में देखने को मिली।

महिला हॉकी टीम पर नजर

भारत की महिला हॉकी टीम भी 2 अक्टूबर को गोल्ड मेडल के मुकाबले में चीन के खिलाफ मैदान पर उतरी।

मुकाबला भारतीय समयानुसार दोपहर 3:30 बजे निर्धारित था।

इस मुकाबले का महत्व सिर्फ एशियन गेम्स के स्वर्ण पदक तक सीमित नहीं है,

क्योंकि हॉकी टूर्नामेंट का विजेता लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए सीधे क्वालिफाई करेगा।

कुश्ती और बॉक्सिंग में भी कई भारतीय दावेदार

भारत के लिए कुश्ती में दीपांशी, प्रिया मलिक, सुजीत और रजत रुहाल की चुनौती रही।

अलग-अलग भार वर्गों में भारतीय पहलवानों ने क्वार्टर फाइनल

और आगे के मुकाबलों में जगह बनाने के लिए दम लगाया।

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बॉक्सिंग में लवलीना के अलावा परवीन और अंकुश भी अपने-अपने फाइनल में उतरे।

परवीन महिलाओं के 65 किग्रा वर्ग और अंकुश पुरुषों के 80 किग्रा वर्ग में गोल्ड मेडल के लिए रिंग में थे।

भारत के लिए पदकों से भरा रहा दिन

एशियन गेम्स 2026 के अंतिम चरण में भारत की पदक उम्मीदें कई खेलों में बनी हुई हैं।

बॉक्सिंग, आर्चरी, सेलिंग, कुश्ती, हॉकी और साइकिलिंग में भारतीय खिलाड़ियों की मौजूदगी ने 2 अक्टूबर के कार्यक्रम को बेहद अहम बना दिया।

लवलीना बोरगोहेन का गोल्ड और नेत्रा कुमानन का ब्रॉन्ज भारत के लिए दिन की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल रहे।

वहीं महिला रिकर्व टीम के ऐतिहासिक गोल्ड ने भी भारत के अभियान को नई ऊंचाई दी।