मुंबई: हिंदी सिनेमा के जाने-माने अभिनेता मुश्ताक खान अब हमारे बीच नहीं रहे। ‘वेलकम’, ‘गदर’, ‘आशिकी’, ‘मुझसे शादी करोगी’ और ‘हम हैं राही प्यार के’ जैसी फिल्मों में अपने सपोर्टिंग और कॉमेडी किरदारों से पहचान बनाने वाले अभिनेता ने 24 सितंबर 2026 को अंतिम सांस ली। वह लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे और मुंबई के नानावती अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था।
मुश्ताक खान के निधन की खबर की पुष्टि उनके करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े संगठनों ने की। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्हें करीब पांच साल पहले कैंसर का पता चला था। इलाज के बाद उनकी स्थिति में सुधार हुआ था, लेकिन हाल में बीमारी दोबारा लौट आई और उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी।
करीब 15 दिनों से अस्पताल में भर्ती थे मुश्ताक खान
रिपोर्ट के अनुसार, मुश्ताक खान पिछले करीब दो सप्ताह से मुंबई के नानावती अस्पताल में भर्ती थे। उनके बिजनेस पार्टनर शिवम यादव ने बताया कि वह कुछ समय पहले तक काम कर रहे थे और उनके कई प्रोजेक्ट पाइपलाइन में थे। तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें दिल्ली से मुंबई लाया गया था।
आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, मुश्ताक खान करीब पांच साल से फेफड़ों के कैंसर से जूझ रहे थे और बीमारी दोबारा लौटने के बाद संक्रमण लिवर तक भी फैल गया था। 24 सितंबर को उन्होंने अस्पताल में आखिरी सांस ली।
‘वेलकम’ के बल्लू ने खूब हंसाया
मुश्ताक खान के करियर का सबसे यादगार किरदार 2007 में आई फिल्म ‘वेलकम’ में देखने को मिला। फिल्म में उन्होंने ‘बल्लू’ का किरदार निभाया था। उनका मजेदार डायलॉग और खास अंदाज आज भी दर्शकों को याद है।
फिल्म में उनका किरदार भले ही बहुत बड़ा नहीं था, लेकिन उनकी कॉमिक टाइमिंग ने उसे यादगार बना दिया। ‘मेरी एक टांग नकली है…’ वाला उनका सीन फिल्म के चर्चित दृश्यों में शामिल रहा और सोशल मीडिया के दौर में भी इस पर मीम्स बनते रहे।
‘गदर’ में भी निभाया था यादगार किरदार
मुश्ताक खान ने सनी देओल स्टारर ‘गदर: एक प्रेम कथा’ में भी अहम सपोर्टिंग रोल किया था। उन्होंने फिल्म में गुल खान यानी गुल्लू का किरदार निभाया था। 2001 में रिलीज हुई इस फिल्म की सफलता के बाद वह 2023 में आई ‘गदर 2’ में भी इसी फ्रेंचाइजी का हिस्सा रहे।
इसके अलावा मुश्ताक खान ने ‘आशिकी’, ‘हम हैं राही प्यार के’, ‘राजा’, ‘हेरा फेरी’, ‘जुड़वा’, ‘मुझसे शादी करोगी’, ‘वॉन्टेड’, ‘ओह माय गॉड!’ और कई अन्य फिल्मों में काम किया। बाद के वर्षों में वह ‘स्त्री’, ‘बधाई दो’, ‘गदर 2’, ‘स्त्री 2’, ‘वनवास’, ‘बेबी जॉन’, ‘धूम धाम’ और ‘जाट’ जैसी फिल्मों में भी नजर आए।
थिएटर से शुरू हुआ था फिल्मी सफर
मुश्ताक खान ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत थिएटर से की थी। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, मध्य प्रदेश के बालाघाट से आने वाले मुश्ताक खान बचपन से ही रामलीला और नाटकों में हिस्सा लेते थे। कॉलेज के दौरान भी उन्होंने थिएटर में काम किया।
मुंबई पहुंचने के बाद उन्हें शुरुआती दौर में काफी संघर्ष करना पड़ा। रिपोर्टों के अनुसार, उनके पास रहने की स्थायी जगह तक नहीं थी और उन्होंने मुश्किल हालात में अपने करियर को आगे बढ़ाया। बाद में थिएटर से जुड़े और यहीं से फिल्मों में काम करने का रास्ता खुला।
उनका स्क्रीन डेब्यू 1980 में आई फिल्म ‘Albert Pinto Ko Gussa Kyon Aata Hai’ से हुआ था। इसके बाद चार दशक से ज्यादा लंबे करियर में उन्होंने अलग-अलग तरह के किरदार निभाए।
500 से ज्यादा फिल्मों में किया काम
मुश्ताक खान उन कलाकारों में शामिल थे जिन्होंने मुख्य अभिनेता के बजाय सपोर्टिंग और कैरेक्टर रोल के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई। रेडिफ की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने अपने लंबे करियर में 500 से ज्यादा फिल्मों में काम किया था।
फिल्मों के साथ-साथ उन्होंने टेलीविजन और थिएटर में भी काम किया। ‘अदालत’, ‘भारत एक खोज’ और ‘वागले की दुनिया’ जैसे टीवी प्रोजेक्ट्स में भी वह नजर आए थे।
परिवार में पत्नी और बच्चे
मुश्ताक खान अपने पीछे पत्नी और बच्चों को छोड़ गए हैं। आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, उनके परिवार में बेटा मोहसिन खान और बेटी सबा खान हैं। उनका परिवार आम तौर पर लाइमलाइट से दूर रहा है।
मुश्ताक खान के छोटे बेटे मोहसिन खान फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े हुए हैं और निर्देशन व प्रोडक्शन के क्षेत्र में काम करते हैं। पिता के निधन के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर
मुश्ताक खान के निधन की खबर सामने आने के बाद फिल्म और कॉमेडी जगत में शोक की लहर है। उनके लंबे समय के साथी और फिल्ममेकर अशोक पंडित ने भी उनके निधन पर दुख जताया। उन्होंने मुश्ताक खान के साथ थिएटर के दिनों को याद करते हुए उन्हें अपना करीबी दोस्त बताया।
मुश्ताक खान ने भले ही फिल्मों में ज्यादातर छोटे और सपोर्टिंग रोल निभाए, लेकिन उनके किरदारों ने दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी। ‘वेलकम’ के बल्लू से लेकर ‘गदर’ के गुल खान तक, उनके कई किरदार आज भी हिंदी सिनेमा के दर्शकों को याद हैं।
25 सितंबर को होगा अंतिम संस्कार
रिपोर्टों के मुताबिक, मुश्ताक खान का अंतिम संस्कार 25 सितंबर 2026 को मुंबई के यारी रोड कब्रिस्तान में किया जाएगा। उनके निधन से हिंदी फिल्म इंडस्ट्री ने एक ऐसे कलाकार को खो दिया है, जिसने चार दशक से ज्यादा समय तक अपने अभिनय और कॉमिक टाइमिंग से दर्शकों का मनोरंजन किया।