IRCTC मनी लॉन्ड्रिंग केस: लालू यादव, राबड़ी और तेजस्वी के खिलाफ आरोप तय, कोर्ट ने क्या कहा?

IRCTC मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत नौ आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया है।

नई दिल्ली: IRCTC होटल मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने लालू यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी यादव समेत नौ आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोप तय करने का आदेश दिया है। अदालत ने मामले में प्रथम दृष्टया आगे मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त आधार माना है।

कोर्ट ने लालू यादव पर क्या टिप्पणी की?

विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने की अदालत ने कहा कि मामले में लालू प्रसाद यादव द्वारा रेल मंत्री के पद पर रहते हुए अपने पद के कथित दुरुपयोग को लेकर मजबूत संदेह बनता है। अदालत ने जांच को राजनीतिक रूप से प्रेरित होने की दलील को भी स्वीकार नहीं किया।

अदालत के अनुसार, मामले में पटना में जमीन के कथित हस्तांतरण को अपराध से अर्जित आय से जोड़ने के पर्याप्त आधार हैं। कोर्ट ने आरोपों की सुनवाई के अगले चरण के लिए आरोप तय करने का आदेश दिया है।

राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव भी आरोपी

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लालू प्रसाद यादव के अलावा राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के नाम भी शामिल हैं। अदालत ने LARA Projects, पीसी गुप्ता, सरला गुप्ता, सुजाता होटल्स, विजय कोचर और विनय कोचर समेत कुल नौ आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया है। वहीं, कुछ अन्य आरोपियों को मामले से राहत मिली है।

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क्या है IRCTC होटल मामला?

यह मामला उस समय का है जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे। आरोप है कि वर्ष 2006 में रेलवे के रांची और पुरी स्थित IRCTC होटलों के संचालन का ठेका एक निजी कंपनी को देने में नियमों की अनदेखी की गई। जांच एजेंसियों का आरोप है कि इस प्रक्रिया के बदले कथित तौर पर लालू परिवार से जुड़े लोगों को लाभ पहुंचाया गया।

ED का मामला CBI की FIR से जुड़ा है। जांच एजेंसियों ने आरोप लगाया है कि होटल टेंडर प्रक्रिया और बाद के संपत्ति लेनदेन के बीच संबंध था। अदालत ने अब इन्हीं आरोपों के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया शुरू करने का रास्ता साफ किया है।

पहले CBI केस में भी तय हो चुके हैं आरोप

IRCTC मामले से जुड़े CBI केस में लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ पहले ही आरोप तय किए जा चुके हैं। अमर उजाला की पिछली रिपोर्ट के अनुसार, CBI मामले में आरोप 13 अक्टूबर 2025 को तय हुए थे। ED की कार्रवाई इसी कथित मूल अपराध से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग पहलू पर आधारित है।

आगे क्या होगा?

अदालत के आरोप तय करने के आदेश के बाद अब मामले में ट्रायल की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। आरोप तय होना किसी आरोपी की अंतिम दोषसिद्धि नहीं है। मामले में अभियोजन पक्ष को अपने आरोप अदालत में साबित करने होंगे और आरोपियों को अपना बचाव रखने का पूरा कानूनी अधिकार रहेगा।

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लंबे समय से चल रहे इस मामले में आज का आदेश लालू यादव और उनके परिवार के लिए महत्वपूर्ण कानूनी घटनाक्रम माना जा रहा है।