अमेरिकी रिपोर्ट में दावा- भारत के पास 190 परमाणु बम, 225 तक बढ़ने की क्षमता

FAS के 2026 आकलन के मुताबिक भारत के पास करीब 190 परमाणु वारहेड हैं और उपलब्ध परमाणु सामग्री के आधार पर भविष्य में यह संख्या 225 तक बढ़ने की क्षमता का अनुमान है।

नई दिल्ली: भारत के परमाणु हथियारों के भंडार को लेकर फेडरेशन ऑफ अमेरिकन साइंटिस्ट्स (FAS) का नया आकलन सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के पास करीब 190 परमाणु वारहेड हैं। इनमें 160 से अधिक वारहेड मौजूदा ऑपरेशनल डिलीवरी सिस्टम से जुड़े बताए गए हैं, जबकि बाकी नए विकसित हो रहे मिसाइल सिस्टम के लिए हो सकते हैं।

रिपोर्ट में यह भी अनुमान लगाया गया है कि भारत के मौजूदा प्लूटोनियम भंडार से भविष्य में परमाणु हथियारों की संख्या बढ़ाकर करीब 225 वारहेड तक ले जाने की क्षमता हो सकती है। हालांकि, भारत सरकार अपने परमाणु हथियारों के सटीक भंडार से जुड़े आंकड़े सार्वजनिक नहीं करती है, इसलिए ये संख्या स्वतंत्र विश्लेषण और उपलब्ध सार्वजनिक सूचनाओं पर आधारित अनुमान हैं।

190 परमाणु वारहेड का अनुमान

FAS के 2026 के वैश्विक आकलन में भारत के सैन्य परमाणु भंडार का अनुमान 190 वारहेड लगाया गया है। इनमें करीब 178 को सैन्य स्टॉकपाइल का हिस्सा माना गया है, जबकि कुल इन्वेंट्री का अनुमान 190 है। रिपोर्ट यह भी बताती है कि भारत के पास मौजूद परमाणु हथियारों की वास्तविक संख्या सार्वजनिक रूप से सत्यापित नहीं की जा सकती।

भारत के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी जानकारी जुटाने के लिए विशेषज्ञ सार्वजनिक स्रोतों, सरकारी बयानों, बजट संबंधी दस्तावेजों, सैन्य गतिविधियों और सैटेलाइट इमेजरी जैसे स्रोतों का विश्लेषण करते हैं। FAS की 2024 की India Nuclear Weapons रिपोर्ट में भी कहा गया था कि भारत सरकार अपने परमाणु हथियारों के स्टॉकपाइल की संख्या सार्वजनिक नहीं करती।

225 तक बढ़ सकता है परमाणु भंडार?

नई रिपोर्ट के अनुसार भारत के पास मौजूद प्लूटोनियम संसाधन भविष्य में बड़े परमाणु शस्त्रागार की गुंजाइश देते हैं। FAS से जुड़े विश्लेषण में भारत की परमाणु सामग्री उत्पादन क्षमता और भविष्य के भंडार को भी ध्यान में रखा गया है।

हालांकि, 225 का आंकड़ा मौजूदा हथियारों की संख्या नहीं है, बल्कि उपलब्ध परमाणु सामग्री और उत्पादन क्षमता के आधार पर संभावित भविष्य के विस्तार का अनुमान है। इसलिए इसे भारत के वर्तमान परमाणु शस्त्रागार के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।

भारत लगातार आधुनिक बना रहा परमाणु क्षमता

FAS की पिछली India Nuclear Weapons रिपोर्ट में भी भारत के परमाणु हथियार कार्यक्रम के आधुनिकीकरण का उल्लेख किया गया था। 2024 के आकलन में भारत के पास करीब 172 असेंबल्ड परमाणु वारहेड होने का अनुमान लगाया गया था और कई नए हथियार सिस्टम तथा डिलीवरी प्लेटफॉर्म विकसित किए जाने की बात कही गई थी।

भारत की परमाणु क्षमता में जमीन, हवा और समुद्र आधारित प्लेटफॉर्म शामिल हैं। FAS के अनुसार भारत ने अपनी परमाणु त्रिस्तरीय क्षमता यानी न्यूक्लियर ट्रायड को विकसित करने की दिशा में भी प्रगति की है।

चीन और पाकिस्तान के बीच भारत की परमाणु रणनीति

भारत की परमाणु नीति का एक अहम पहलू क्षेत्रीय सुरक्षा भी है। FAS के विश्लेषण में भारत के परमाणु आधुनिकीकरण को चीन और पाकिस्तान से जुड़ी सुरक्षा चुनौतियों के संदर्भ में देखा गया है।

FAS के 2026 के वैश्विक आंकड़ों में पाकिस्तान के परमाणु हथियारों की संख्या करीब 170 और चीन के कुल परमाणु हथियारों की संख्या करीब 620 आंकी गई है। इन आंकड़ों से यह भी स्पष्ट होता है कि दक्षिण एशिया और एशिया-प्रशांत क्षेत्र में परमाणु क्षमता लगातार रणनीतिक महत्व का विषय बनी हुई है।

भारत की ‘नो फर्स्ट यूज’ नीति

भारत लंबे समय से अपनी परमाणु नीति में नो फर्स्ट यूज (NFU) सिद्धांत को महत्वपूर्ण आधार के तौर पर रखता आया है। हालिया रिपोर्टों में भी भारत की इस घोषित नीति का उल्लेख किया गया है।

हालांकि परमाणु हथियारों की संख्या और तैनाती से जुड़े अधिकांश आंकड़े सार्वजनिक नहीं होते। ऐसे में FAS जैसे संस्थानों के आंकड़े उपलब्ध सूचनाओं और विश्लेषण पर आधारित अनुमान होते हैं, जिन्हें आधिकारिक भारतीय आंकड़ा नहीं माना जाना चाहिए।

FAS के ताजा आकलन के मुताबिक भारत के पास करीब 190 परमाणु वारहेड हैं और परमाणु सामग्री के आधार पर भविष्य में यह संख्या बढ़ने की संभावना जताई गई है। रिपोर्ट भारत के परमाणु आधुनिकीकरण और नई डिलीवरी क्षमताओं के विकास की ओर भी संकेत करती है। हालांकि, वास्तविक संख्या की पुष्टि भारत सरकार की ओर से सार्वजनिक रूप से नहीं की गई है।