रवि अवस्थी, भोपाल।
मध्यप्रदेश की नौकरशाही में बड़ा बदलाव हो गया है। केंद्र सरकार ने प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन को नीति आयोग का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है। इसके साथ ही राज्य सरकार ने वरिष्ठता की परंपरा से अलग फैसला लेते हुए 1991 बैच के आईएएस अधिकारी अशोक वर्णवाल को मध्यप्रदेश का नया और 35वां मुख्य सचिव नियुक्त कर दिया है। वे गुरुवार को पदभार संभालेंगे।
सरकार के इस फैसले में सबसे ज्यादा चर्चा 1990 बैच के वरिष्ठ आईएएस डॉ. राजेश राजौरा के एक बार फिर मुख्य सचिव पद से चूकने की रही। वे लगातार तीसरी बार इस दौड़ में पिछड़ गए। वरिष्ठता के बावजूद उन्हें सुपरसीड कर वर्णवाल को शीर्ष प्रशासनिक जिम्मेदारी सौंपी गई।
अनुराग जैन अब नीति आयोग के CEO
अनुराग जैन को नीति आयोग का मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया गया है। केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने बुधवार इसके आदेश जारी किया। जैन पदभार ग्रहण करने की तिथि से दो वर्ष तक इस पद पर रहेंगे।
अनुराग जैन को अगस्त 2025 में मुख्य सचिव पद पर एक वर्ष का सेवा विस्तार दिया गया था। उनका कार्यकाल अगस्त 2026 तक प्रस्तावित था, लेकिन केंद्र में नई नियुक्ति के कारण उन्होंने समय से पहले यह जिम्मेदारी छोड़ दी।
दो मुख्यमंत्रियों के भरोसेमंद रहे वर्णवाल

अशोक वर्णवाल उन चुनिंदा अधिकारियों में हैं, जिन्होंने अलग-अलग राजनीतिक दलों की सरकारों में भी मुख्यमंत्री कार्यालय का भरोसा कायम रखा।
वे नवंबर 2015 से अप्रैल 2018 तक तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रमुख सचिव रहे। इसके बाद कांग्रेस सरकार बनने पर तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी उन्हें अपना प्रमुख सचिव बनाया। इससे पहले वे दिल्ली प्रतिनियुक्ति के दौरान कमलनाथ के निजी सचिव भी रह चुके हैं।
प्रशासनिक हलकों में उनकी पहचान समन्वय स्थापित करने वाले अधिकारी के रूप में रही है।
सीएम से चर्चा के बाद बनी सहमति
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जुलाई के पहले सप्ताह से ही नए मुख्य सचिव के नाम पर मंथन शुरू कर दिया था। केंद्रीय नेतृत्व से चर्चा के बाद अशोक वर्णवाल के नाम पर सहमति बनी। निवर्तमान मुख्य सचिव अनुराग जैन से भी राय ली गई और उन्होंने भी इस नाम का समर्थन किया।
बुधवार शाम केंद्र से नियुक्ति आदेश जारी होने के बाद अनुराग जैन स्वयं अशोक वर्णवाल को लेकर मुख्यमंत्री निवास पहुंचे, जहां दोनों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की।
अब प्रशासनिक फेरबदल की तैयारी
अशोक वर्णवाल अभी तक अपर मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) का दायित्व संभाल रहे थे। मुख्य सचिव बनने के बाद स्वास्थ्य विभाग का नया मुखिया कौन होगा, इसका फैसला मुख्यमंत्री से चर्चा के बाद होगा। इसके साथ ही वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के विभागों में बदलाव और नई तबादला सूची भी जल्द जारी होने की संभावना है।
राजौरा लगातार तीसरी बार पीछे रह गए
1990 बैच के आईएएस डॉ. राजेश राजौरा (In Photo) का नाम इस बार भी मुख्य सचिव पद की दौड़ में सबसे आगे माना जा रहा था। इससे पहले सितंबर 2024 में अनुराग जैन की नियुक्ति और अगस्त 2025 में उन्हें सेवा विस्तार दिए जाने के समय भी राजौरा प्रमुख दावेदार थे। लेकिन तीनों बार उन्हें शीर्ष पद नहीं मिल सका।
राजौरा मई 2027 में सेवानिवृत्त होंगे। अब उनसे जूनियर अधिकारी के मुख्य सचिव बनने के बाद उनके मंत्रालय से बाहर किसी महत्वपूर्ण संस्थान में पदस्थ किए जाने की संभावना जताई जा रही है। प्रशासन अकादमी, माध्यमिक शिक्षा मंडल या कर्मचारी चयन मंडल जैसे संस्थानों में उनकी नियुक्ति हो सकती है।
1991 बैच में भी दिलचस्प स्थिति
1991 बैच में मनोज गोविल वरिष्ठ हैं, लेकिन वे फिलहाल केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर हैं। प्रदेश में इसी बैच के मनु श्रीवास्तव अपर मुख्य सचिव के पद पर कार्यरत हैं। ऐसे में अशोक वर्णवाल का मुख्य सचिव बनना राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
5 बड़ी बातें
अनुराग जैन बने नीति आयोग के CEO।
अशोक वर्णवाल मध्यप्रदेश के 35वें मुख्य सचिव नियुक्त।
वरिष्ठता के बावजूद डॉ. राजेश राजौरा तीसरी बार चूके।
जल्द हो सकता है बड़े स्तर पर आईएएस अधिकारियों का फेरबदल।
स्वास्थ्य विभाग समेत कई अहम विभागों में नई जिम्मेदारियां तय होंगी।