भोपाल(9826019364)।
शिक्षक भर्ती-2025 का आंदोलन अब सियासी रंग लेता दिख रहा है।
बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों के बीच पहुंचे।
उन्होंने उनकी मांगों का समर्थन किया।
साथ ही सरकार को आंदोलन तेज करने की चेतावनी भी दी।

शिक्षक दिवस से भूख हड़ताल का ऐलान
दिग्विजय सिंह ने कहा कि सरकार को अभ्यर्थियों की मांगों पर जल्द फैसला लेना चाहिए।
यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो वे खुद आंदोलन में उतरेंगे।
उन्होंने शिक्षक दिवस से 24 घंटे की भूख हड़ताल करने की चेतावनी दी।
इस ऐलान से शिक्षक भर्ती आंदोलन को नया राजनीतिक समर्थन मिल गया है।
बोले- शिक्षा और स्वास्थ्य हमेशा प्राथमिकता रहे
इस दौरान सिंह ने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि शिक्षा उनके लिए हमेशा महत्वपूर्ण मुद्दा रहा है।
उनके मुताबिक, उस दौरान करीब 45 हजार नए स्कूल खोले गए थे।
साथ ही शिक्षक भर्ती का अधिकार स्थानीय स्तर तक पहुंचाया गया था।
उन्होंने दावा किया कि इससे ग्रामीण युवाओं को रोजगार के अवसर मिले।
इस दौरान पूर्व मंत्री पीसी शर्मा भी उनके साथ मौजूद रहे।
महिला अभ्यर्थियों ने सिंह को राखी भी बांधी।
सिलेबस बदलने पर भी उठाए सवाल
इसके बाद सिंह ने शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि सिलेबस बदलने से पुराने शिक्षकों पर असर पड़ा है।
उनका तर्क था कि वर्षों तक पुराने सिलेबस से पढ़ाने वालों को अब नए सिलेबस पर परीक्षा देनी पड़ रही है।
भाजपा और RSS पर भी निशाना
सिंह ने इस दौरान भाजपा और RSS पर भी हमला बोला।
उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा और रोजगार के बजाय दूसरे मुद्दों को प्राथमिकता दी जा रही है।
राम मंदिर चंदे को लेकर भी उन्होंने आरोप लगाए।
हालांकि, ये उनके राजनीतिक आरोप हैं।
सिंह ने अपनी उम्र का जिक्र करते हुए कहा-
80 साल की उम्र में भी वे खुद को नौजवान मानते हैं।
पदवृद्धि को लेकर जारी है आंदोलन
