ग्वालियर।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में अहम सुनवाई हुई।
मामला सरकारी सेवा के नियमों से जुड़ा है।
साथ ही, इसमें दो बच्चों की शर्त का मुद्दा उठा।
सुनवाई के दौरान खनिज अधिकारी पंकजध्वज मिश्रा का मामला सामने आया।
अदालत के सामने उनके तीन बच्चे होने की जानकारी रखी गई।
नियुक्ति के बाद तीसरा बच्चा तो क्या होगा?

इसी पर कोर्ट ने सरकार से सीधा सवाल किया।
अदालत ने पूछा कि दो बच्चों की शर्त कब तक लागू रहती है।
क्या यह शर्त सिर्फ नियुक्ति के समय लागू होती है?
या नौकरी मिलने के बाद भी इसका असर रहता है?
कोर्ट ने इस सवाल को गंभीर माना
अदालत ने कहा कि नियम का उद्देश्य भी स्पष्ट होना चाहिए।
यदि नौकरी के बाद तीसरे बच्चे पर नियम लागू नहीं होता,
तो फिर दो बच्चों की सीमा का उद्देश्य क्या रह जाएगा?
सरकार से दो सप्ताह में जवाब
सरकार की ओर से तत्काल स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया।
सरकारी वकील ने जवाब के लिए समय मांगा।
इसके बाद कोर्ट ने दो सप्ताह का समय दिया।
राज्य सरकार को नियम की स्पष्ट व्याख्या पेश करनी होगी।
संबंधित खनिज अधिकारी को भी पक्ष रखने का मौका मिलेगा।
अवैध खनन मामले में भी सख्ती
इसी सुनवाई में अवैध खनन का मुद्दा भी उठा।
अशोक यादव की तीन खदानों पर रोक जारी रही।
कोर्ट ने रोक अगले आदेश तक बरकरार रखी है।
इसके अलावा पिछले पांच वर्षों का रिकॉर्ड भी मांगा गया है।
अदालत ने अवैध खनन से जुड़ी FIR का पूरा रिकॉर्ड तलब किया है।
अब अगली सुनवाई में सरकार का जवाब अहम होगा।
खासकर यह साफ होगा कि दो बच्चों की शर्त सेवा में कब तक लागू रहती है।
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अशोक यादव, खदानों पर रोक, FIR रिकॉर्ड
