नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव 2026 के नतीजों को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने चार केंद्रीय पदों में से तीन पर जीत दर्ज की है। ABVP के यश डबास ने अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की, जबकि रिया छावड़ी ने सचिव और लक्ष्य राज सिंह ने संयुक्त सचिव पद अपने नाम किया। उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन विजयी रहे।
NSUI इस बार चारों केंद्रीय पदों में से कोई भी सीट नहीं जीत सकी। अध्यक्ष पद पर यश डबास ने NSUI के विजय शंकर मीणा को 2,053 वोटों के अंतर से हराया। डबास को 24,576 और मीणा को 22,523 वोट मिले।
डूसू चुनाव के इस नतीजे पर जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने भी प्रतिक्रिया दी। 20 सितंबर 2026 को बेगूसराय में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि छात्रों में गुस्सा होना और उस गुस्से का चुनावी बदलाव में तब्दील होना दो अलग बातें हैं।
‘बरसाती पानी से सिंचाई नहीं हो सकती’, डूसू रिजल्ट पर क्या बोले प्रशांत किशोर?
डूसू चुनाव में NSUI के सभी केंद्रीय पदों पर हार के सवाल पर प्रशांत किशोर ने कहा कि केवल नाराजगी से चुनावी नतीजे नहीं बदलते। उन्होंने इसे समझाने के लिए ‘बरसाती पानी से सिंचाई’ का उदाहरण दिया।
प्रशांत किशोर के मुताबिक, समाज में अगर गुस्सा है तो उसे किसी सकारात्मक दिशा में संगठित और चैनलाइज करना जरूरी है। उनके अनुसार, केवल सत्ता या किसी संगठन के खिलाफ नाराजगी होना इस बात की गारंटी नहीं है कि विपक्षी उम्मीदवार चुनाव जीत जाएगा।
उन्होंने कहा कि जिस तरह बरसाती पानी से खेती की सिंचाई नहीं की जा सकती और उसके लिए नहर की जरूरत होती है, उसी तरह राजनीतिक बदलाव के लिए भी नाराजगी को व्यवस्थित तरीके से चुनावी समर्थन में बदलना पड़ता है।
CJP की स्कूल सुधार मुहिम पर भी बोले प्रशांत किशोर
डूसू चुनाव के अलावा प्रशांत किशोर से कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की स्कूलों को बेहतर बनाने की मुहिम को लेकर भी सवाल किया गया।
इस पर उन्होंने कहा कि स्कूलों को सुधारने का काम शिक्षकों और सरकार की जिम्मेदारी है। उनका कहना था कि किसी राजनीतिक पार्टी के लिए सीधे तौर पर स्कूल व्यवस्था को ठीक करना संभव नहीं है और इसके लिए सरकार तथा शिक्षा व्यवस्था की भूमिका अहम है।
डूसू चुनाव में ABVP के तीन उम्मीदवार जीते
DUSU Election Result 2026 में ABVP ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पद पर जीत दर्ज की। अध्यक्ष पद पर यश डबास, सचिव पद पर रिया छावड़ी और संयुक्त सचिव पद पर लक्ष्य राज सिंह विजयी रहे।
वहीं उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने जीत दर्ज की। उन्हें 30,615 वोट मिले। उन्होंने ABVP के इशू मौर्य और NSUI के वीर छत्रथ समेत अन्य उम्मीदवारों को पीछे छोड़ा।
DUSU Election Result 2026 Winner List
| पद | विजेता | संगठन | वोट |
|---|---|---|---|
| अध्यक्ष | यश डबास | ABVP | 24,576 |
| उपाध्यक्ष | दीपांशु शौकीन | निर्दलीय | 30,615 |
| सचिव | रिया छावड़ी | ABVP | 21,650 |
| संयुक्त सचिव | लक्ष्य राज सिंह | ABVP | 16,615 |
अखिलेश यादव ने भी डूसू रिजल्ट पर दी प्रतिक्रिया
डूसू चुनाव के नतीजों पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी सोशल मीडिया के जरिए प्रतिक्रिया दी। उन्होंने चुनाव में ABVP की जीत को लेकर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि चुनाव में गड़बड़ी के जरिए जीत हासिल की गई।
अखिलेश यादव ने दावा किया कि छात्रों के बीच बीजेपी के विरोध के बावजूद चुनाव परिणाम उसके पक्ष में आया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी समर्थित उम्मीदवारों की जीत वास्तविक मतगणना के बजाय कथित गड़बड़ी से हुई।
ये आरोप अखिलेश यादव के राजनीतिक बयान के रूप में हैं। उपलब्ध चुनाव परिणामों के अनुसार ABVP ने तीन केंद्रीय पद जीते, जबकि उपाध्यक्ष पद निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने हासिल किया।
DUSU चुनाव में NSUI को नहीं मिली कोई सीट
डूसू के 2026 के केंद्रीय पैनल में NSUI कोई पद नहीं जीत सकी। अध्यक्ष पद पर उसके उम्मीदवार विजय शंकर मीणा को 22,523 वोट मिले, जबकि ABVP के यश डबास को 24,576 वोट मिले।
हालांकि उपाध्यक्ष पद के नतीजे में तस्वीर अलग रही। यहां निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने 30,615 वोट हासिल किए और जीत दर्ज की।
सम्राट चौधरी पर प्रशांत किशोर की टिप्पणी
बिहार की शराबबंदी व्यवस्था को लेकर पूछे गए सवाल पर प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने मुख्यमंत्री की शिक्षा और आपराधिक मामलों से जुड़े आरोपों का उल्लेख करते हुए सरकार से बेहतर परिणाम की उम्मीद पर सवाल उठाया।
यह ध्यान रखना जरूरी है कि प्रशांत किशोर द्वारा सम्राट चौधरी को लेकर लगाए गए ये आरोप उनके राजनीतिक बयान हैं। सम्राट चौधरी की शैक्षणिक योग्यता को लेकर पहले भी विवाद और राजनीतिक दावे सामने आते रहे हैं।
विधान परिषद चुनाव पर बोले- ‘हमको नहीं मालूम’
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर प्रस्तावित चुनाव को लेकर भी प्रशांत किशोर से सवाल किया गया। उनसे पूछा गया कि जेडीयू विधायक अनंत सिंह द्वारा पार्टी के नेता नीरज कुमार के विरोध का जन सुराज को चुनाव में फायदा मिल सकता है या नहीं।
इस सवाल पर प्रशांत किशोर ने संक्षिप्त जवाब देते हुए कहा, “हमको नहीं मालूम है.”
DUSU Election 2026: क्या संकेत देता है रिजल्ट?
डूसू चुनाव के आंकड़ों में ABVP ने तीन केंद्रीय पद हासिल किए, जबकि उपाध्यक्ष पद निर्दलीय उम्मीदवार के पास गया। वहीं NSUI चारों केंद्रीय पदों में जीत दर्ज नहीं कर सकी। अध्यक्ष पद पर मुकाबला अपेक्षाकृत करीबी रहा, जबकि उपाध्यक्ष पद पर दीपांशु शौकीन ने बड़ी बढ़त के साथ जीत दर्ज की।
प्रशांत किशोर ने इसी चुनावी तस्वीर को छात्रों के असंतोष और उसे संगठित राजनीतिक समर्थन में बदलने के संदर्भ में देखा। उनके बयान के मुताबिक, केवल नाराजगी चुनावी बदलाव के लिए पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे व्यवस्थित तरीके से राजनीतिक विकल्प में बदलना जरूरी है।