नई दिल्ली
इंडिया गेट से लेकर राष्ट्रपति भवन तक राजपथ नाम से मशहूर सड़क का नाम अब कर्तव्य पथ होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने राजपथ के साथ ही नवनिर्मित सेंट्रल विस्टा लान का नाम बदलने का निर्णय लिया है। औपचारिकताएं पूरी करने के लिए बुधवार को नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) की विशेष बैठक बुलाई गई है।
एनडीएमसी काउंसिल की बैठक प्रत्येक माह के तीसरे बुधवार को होती है, ऐसे में माह के शुरुआत में ही विशेष बैठक बुलाकर नाम परिवर्तन पर मुहर लगाए जाने की पूरी संभावना है। प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से पांच प्रण की घोषणा की थी। इनमें एक प्रण गुलामी के प्रतीकों को खत्म करने का भी था। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने आजादी के सौ वर्ष पूरे होने तक नागरिकों के कर्तव्यों पर भी जोर दिया था। माना जा रहा है कि इसी वजह से राजपथ और सेंट्रल विस्टा लान का नाम कर्तव्य पथ रखा जाएगा। ऐसे में इंडिया गेट के पास स्थापित नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा से लेकर राष्ट्रपति भवन तक की पूरी सड़क कर्तव्य पथ के नाम से जानी जाएगी। इससे पूर्व भी प्रधानमंत्री आवास के लिए मशहूर सड़क का नाम रेसकोर्स रोड से बदलकर लोक कल्याण मार्ग किया गया था।
सेंट्रल विस्टा एवेन्यू को इसके उद्घाटन के एक दिन बाद 9 सितंबर से जनता के लिए खोल दिया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने हाल के 15 अगस्त के भाषण में औपनिवेशिक मानसिकता से संबंधित प्रतीकों के उन्मूलन पर जोर दिया था। 2047 तक पीएम ने कर्तव्यों के महत्व पर भी जोर दिया है। इन दोनों कारकों को 'कार्तव्य पथ' के नामकरण के पीछे देखा जा सकता है।
नेताजी की प्रतिमा से लेकर राष्ट्रपति भवन तक की पूरी सड़क और क्षेत्र कार्तव्य पथ के नाम से जाना जाएगा। यह एक संदेश है कि शासकों और प्रजा का युग समाप्त हो गया है। इससे पहले, मोदी सरकार के लोकाचार को अधिक जन-केंद्रित बनाने के लिए, जिस सड़क पर पीएम आवास स्थित है, उसका नाम भी रेसकोर्स रोड से लोक कल्याण मार्ग में बदल दिया गया था।















