दिग्गज गायिका सुमन कल्याणपुर का निधन, संगीत जगत ने खोया एक अनमोल सितारा

हिंदी और मराठी संगीत जगत की मशहूर पार्श्व गायिका सुमन कल्याणपुर का 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया। छह दशकों से अधिक लंबे करियर में उन्होंने 800 से ज्यादा गीत गाए और भारतीय संगीत को अमूल्य योगदान दिया।

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भारतीय संगीत जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। मशहूर पार्श्व गायिका Suman Kalyanpur का 31 मई को 89 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन की खबर से फिल्म और संगीत जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। फैंस, कलाकारों और राजनीतिक हस्तियों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।

सुमन कल्याणपुर ने छह दशक से अधिक लंबे अपने संगीत सफर में हिंदी, मराठी और कई अन्य भारतीय भाषाओं में सैकड़ों यादगार गीत गाए। उनकी मधुर और भावपूर्ण आवाज ने कई पीढ़ियों के संगीत प्रेमियों के दिलों में विशेष स्थान बनाया।

इन सदाबहार गीतों के लिए हमेशा याद की जाएंगी

सुमन कल्याणपुर ने अपने करियर में अनेक सुपरहिट गीतों को आवाज दी। उनके कुछ सबसे लोकप्रिय गीतों में शामिल हैं:

लोकप्रिय हिंदी गीत

  • “आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे”
  • “ना ना करते प्यार तुम्हीं से”
  • “तुमने पुकारा और हम चले आए”
  • “ना तुम हमें जानो”
  • “परबतों के पेड़ों पर”
  • “शराबी शराबी ये सावन का मौसम”

प्रसिद्ध मराठी गीत

  • “केतकिच्या बानी तिथे”
  • “सांग कधी कळणार तुला”
  • “निम्बोण्याच्या झाडामागे”

उनके गीत आज भी रेडियो, संगीत मंचों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर बेहद पसंद किए जाते हैं।

मोहम्मद रफी के साथ रही शानदार जोड़ी

सुमन कल्याणपुर की जोड़ी महान गायक Mohammed Rafi के साथ बेहद लोकप्रिय रही। दोनों ने कई यादगार युगल गीत गाए, जो आज भी भारतीय संगीत प्रेमियों की पसंद बने हुए हैं।

अपने करियर में उन्होंने 800 से अधिक गीत रिकॉर्ड किए और भारतीय पार्श्व गायन में अपनी अलग पहचान बनाई।

लता मंगेशकर से मिलती-जुलती थी आवाज

संगीत जगत में अक्सर उनकी आवाज की तुलना Lata Mangeshkar से की जाती थी। कई श्रोता पहली बार सुनने पर दोनों की आवाज में अंतर नहीं कर पाते थे। हालांकि सुमन कल्याणपुर ने अपनी विशिष्ट शैली और प्रस्तुति के दम पर अलग पहचान बनाई।

नेताओं और कलाकारों ने दी श्रद्धांजलि

वरिष्ठ नेता Sharad Pawar ने उनके निधन को भारतीय संगीत जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया। वहीं Devendra Fadnavis ने कहा कि भारतीय संगीत की एक मधुर और भावपूर्ण आवाज हमेशा के लिए खामोश हो गई है।

दोनों नेताओं ने उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और संगीत जगत में उनके योगदान को याद किया।

पद्म भूषण से सम्मानित थीं सुमन कल्याणपुर

सुमन कल्याणपुर को भारतीय संगीत में उनके असाधारण योगदान के लिए Padma Bhushan से सम्मानित किया गया था। उन्होंने भजन, ग़ज़ल, अभंग और भावगीतों में भी अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।

सुमन कल्याणपुर के बारे में

  • जन्म: 28 जनवरी 1937, ढाका (तत्कालीन अविभाजित भारत)
  • भाषाएं: हिंदी, मराठी, बंगाली, ओड़िया सहित कई भाषाएं
  • करियर: 800+ गीत
  • सम्मान: पद्म भूषण
  • परिवार: बेटी चारू अग्नि

भारतीय संगीत के स्वर्णिम युग का एक अध्याय हुआ समाप्त

सुमन कल्याणपुर का निधन केवल एक कलाकार का जाना नहीं, बल्कि भारतीय संगीत के स्वर्णिम दौर के एक महत्वपूर्ण अध्याय का अंत माना जा रहा है। उनकी आवाज और गीत आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा और संगीत धरोहर बने रहेंगे।