सागर।
बंडा के जहरीली शराब कांड में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है।
मुख्य आरोपियों में शामिल और 20 हजार रुपये के इनामी रवि लखेरा को पुलिस ने बरायठा के जंगल से पकड़ लिया।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी से बचने के लिए रवि ने फायरिंग की।
इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की।
इस दौरान उसके पैर में गोली लगी।
घायल रवि को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

जंगल में घेराबंदी, फिर हुई फायरिंग
पुलिस को सूचना मिली थी कि रवि लखेरा बरायठा इलाके के जंगल में छिपा है।
इसके बाद टीम ने घेराबंदी की।
पुलिस के अनुसार, उसे पकड़ने की कोशिश हुई तो उसने फायरिंग कर दी।
जवाब में पुलिस ने गोली चलाई।
गोली पैर में लगने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
रवि पर बहेरिया थाने में भी अवैध शराब से जुड़ा मामला दर्ज बताया गया है।
इस मामले में भी वह फरार था।
जहरीली शराब कांड में क्या है रवि की भूमिका?

पुलिस की जांच में रवि लखेरा का नाम कथित तौर पर अवैध शराब के नेटवर्क से जुड़ा सामने आया है।
पुलिस के अनुसार, वह जहरीली शराब तैयार करने का फॉर्मूला उपलब्ध कराता था।
बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से कई लोगों की मौत के बाद पुलिस ने पूरे नेटवर्क की जांच शुरू की।
इस जांच में रवि लखेरा के साथ मनीष लोधी उर्फ यशवंत ठाकुर और शिवान्जय ठाकुर के नाम भी सामने आए हैं।
मौतों के बाद सामने आया बड़ा नेटवर्क

बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब पीने के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ी थी।
शुरुआत में कई मौतों की पुष्टि हुई।
बाद में मृतकों का आंकड़ा बढ़ता गया।
सरकारी और अलग-अलग मीडिया रिपोर्टों में मौतों की संख्या को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं।
पोस्टमार्टम से जुड़ी रिपोर्टों में कुछ मृतकों की मौत को मेथाइल अल्कोहल विषाक्तता से जोड़े जाने की बात सामने आई है।
हालांकि, पूरे मामले की जांच जारी है।
ललितपुर से भी जुड़ी कड़ी
जांच में उत्तर प्रदेश के ललितपुर का कनेक्शन भी सामने आया है।
रिपोर्टों के मुताबिक, वहां नकली शराब बनाने का नेटवर्क पकड़ा गया था।
इसमें स्प्रिट, खाली बोतलें और ब्रांडेड रैपर बरामद किए गए थे।
सागर पुलिस ने रवि लखेरा की तलाश में ललितपुर में भी डेरा डाला था।
वहीं, जांच में नकली रैपर और QR कोड के इस्तेमाल की बात भी सामने आई है।
इससे आशंका है कि मामला सिर्फ एक स्थानीय सप्लायर तक सीमित नहीं था।
पूरी सप्लाई चेन की जांच की जा रही है।
प्रशासन पर भी हुई कार्रवाई

शराबकांड के बाद सरकार ने अधिकारियों पर भी कार्रवाई की।
आबकारी विभाग के अधिकारियों को निलंबित किया गया।
इसके अलावा प्रशासनिक और पुलिस स्तर पर भी तबादले और कार्रवाई हुई।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
साथ ही, अवैध शराब के खिलाफ प्रदेशव्यापी कार्रवाई तेज करने की बात सामने आई है।
अब रवि लखेरा की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की नजर पूरे नेटवर्क पर है।
पूछताछ में यह पता चलना अहम होगा कि जहरीली शराब की सप्लाई कहां से हुई।
साथ ही, इसमें और कौन-कौन लोग शामिल थे।
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