पांढुर्णा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पांढुर्णा दौरे के दौरान किसानों ने फसल नुकसान का मुद्दा उठाया।
रविवार को कार्यक्रम से लौटते समय किसानों ने मुख्यमंत्री का काफिला रोक दिया।
किसान हाथों में सूखी और मुरझाई फसलें लेकर पहुंचे थे।
किसानों ने जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की।
उन्होंने कृषि कर्ज माफी और तत्काल राहत राशि देने की भी मांग रखी।
खेतों में नमी खत्म, फसलें सूखने का दावा

किसानों ने मुख्यमंत्री को बताया कि इस सीजन में बारिश उम्मीद के मुताबिक नहीं हुई।
कम बारिश से खेतों की नमी खत्म हो गई है।
इसका असर खरीफ फसलों पर दिखाई दे रहा है।

किसानों के अनुसार कपास, तुअर, ज्वार और मूंगफली की फसलें प्रभावित हुई हैं।
पूर्व कांग्रेस विधायक जतन उईके ने भी फसल नुकसान का मुद्दा उठाया।
उन्होंने कहा कि किसानों पर नई लागत के साथ पुराने कर्ज का बोझ भी है।
CM ने कलेक्टर को सर्वे के निर्देश दिए

किसानों की शिकायत सुनने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वाहन से नीचे उतरे।
उन्होंने किसानों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पांढुर्णा कलेक्टर को फसल नुकसान का तत्काल सर्वे कराने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि सर्वे के बाद फसल नुकसान की वास्तविक स्थिति सामने आएगी।
इसके आधार पर नियमानुसार किसानों को राहत देने के कदम उठाए जाएंगे।
तीन घंटे देरी से पहुंचे मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ‘सेवा सेतु अभियान-सरकार आपके द्वार’ शिविर में शामिल हुए।
उन्होंने योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी ली।
इस दौरान बुजुर्गों और लाड़ली लक्ष्मी योजना के हितग्राहियों को सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2023 में जिला बनने के बाद पांढुर्णा में प्रशासनिक ढांचा मजबूत किया जा रहा है।
नए पदों और भवनों की स्वीकृति भी दी जा रही है।
मंडला में कांग्रेस नेताओं को पुलिस ने रोका
