शिवकुमार जोगी,गुना।
सफलता अक्सर लगातार प्रयास करने वालों के कदम चूमती है। गुना जिले के एक किसान पुत्र ने इसे सच साबित कर दिया। राघौगढ़ तहसील के गाड़रवारा निवासी शिवप्रताप यादव ने NEET-2026 में शानदार सफलता हासिल की है।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने 16 जुलाई को NEET-2026 का परिणाम घोषित किया। इसमें शिवप्रताप ने 720 में से 545 अंक प्राप्त किए। उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 41,248 हासिल की। जबकि, कैटेगरी रैंक 12,248 रही। इस प्रदर्शन से यादव का MBBS में प्रवेश तय माना जा रहा है।
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तीन साल असफल रहे, लेकिन हिम्मत नहीं हारी

शिवप्रताप ने एसएल मेमोरियल स्कूल, गुना से पढ़ाई की। पहले तीन प्रयासों में उन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिली। हालांकि, उन्होंने हार मानने से इनकार कर दिया।
नतीजतन,चौथे प्रयास में मेहनत रंग लाई। आखिरकार उनका डॉक्टर बनने का सपना साकार होने लगा।
कोचिंग नहीं, ऑनलाइन पढ़ाई बनी ताकत
शिवप्रताप ने बताया कि उन्होंने किसी कोचिंग संस्थान में प्रवेश नहीं लिया। बल्कि, घर बैठकर ऑनलाइन तैयारी की। विभिन्न टेस्ट सीरीज से लगातार अभ्यास किया।
आकाश और मोशन जैसी संस्थाओं की डिजिटल सामग्री का लाभ लिया। नियमित टेस्ट ने उनकी तैयारी मजबूत बनाई।
एकाग्रता ने दिलाई सफलता
शिवप्रताप ने बताया कि वह रोज 11 से 12 घंटे पढ़ाई करते थे। रात का समय पढ़ाई के लिए चुना। रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक पढ़ना उनकी दिनचर्या बन गया।
शांत माहौल ने उन्हें बेहतर एकाग्रता दी। इसी अनुशासन ने सफलता की नींव रखी।
पिता का भरोसा बना सबसे बड़ी ताकत
जनप्रचार से बातचीत में शिवप्रताप ने अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता को दिया। उन्होंने कहा कि डॉक्टर बनना उनका बचपन का सपना था।
पिता ने कभी उनका मनोबल टूटने नहीं दिया। हर असफलता के बाद उन्होंने नया हौसला दिया। यही विश्वास उन्हें मंजिल तक ले गया।
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अभिभावकों को दी खास सीख
शिवप्रताप के पिता मनोज यादव पेशे से किसान हैं। उन्होंने बेटे पर कभी पढ़ाई का दबाव नहीं बनाया। वे हमेशा उसे प्रेरित करते रहे।
उन्होंने कहा कि बच्चों को समय और विश्वास देना जरूरी है। यादव ने कहा कि दबाव नहीं, प्रोत्साहन सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है।