CM मोहन का ‘युवा-रोजगार’ रोडमैप: हर साल 1 लाख नौकरियां, 2027 बनेगा युवा वर्ष

स्वतंत्रता दिवस पर CM मोहन यादव ने युवा और रोजगार को केंद्र में रखा। हर साल एक लाख रोजगार, 2027 युवा वर्ष और हर जिले में MSME पार्क का लक्ष्य घोषित किया।

भोपाल(9826019364)।

80वें स्वतंत्रता दिवस पर मध्यप्रदेश देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया।

हर ओर तिरंगा लहराया और देशभक्ति गीत गूंजते रहे।

इसी बीच भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में राज्य स्तरीय समारोह आयोजित हुआ।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यहां ध्वजारोहण किया।

कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के गायन से हुई।

इसके बाद ध्वजारोहण हुआ और राष्ट्रगान की धुन गूंजी।

मुख्यमंत्री ने परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली।

सशस्त्र दलों ने हर्ष फायर किया, जबकि पुलिस बैंड ने देशभक्ति गीत बजाए।

समारोह में पुलिस बैंड सहित कुल 22 टुकड़ियों ने हिस्सा लिया।

हालांकि, मुख्यमंत्री के संबोधन का सबसे बड़ा फोकस युवा, रोजगार और निवेश रहा।

हर साल एक लाख से अधिक युवाओं को रोजगार का लक्ष्य

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार अब रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ाएगी।

उनके अनुसार, अब तक 85 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्तियां मिली हैं।

आने वाले वर्षों में हर साल एक लाख से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसर देने का लक्ष्य है।

इसमें सार्वजनिक क्षेत्र के साथ कौशल आधारित अवसरों पर भी जोर रहेगा।

सरकार अगले एक वर्ष में एक लाख से अधिक युवाओं को आईटीआई में प्रवेश दिलाएगी।

इसके अलावा हर साल 10 हजार युवाओं को ग्लोबल स्किल पार्क में प्रशिक्षण दिया जाएगा।

युवाओं और उद्योगों के बीच बेहतर समन्वय के लिए अलग प्लेसमेंट सेल बनाया जाएगा।

इससे प्रशिक्षण के बाद रोजगार तक पहुंच आसान बनाने की तैयारी है।

2027 होगा मध्यप्रदेश का ‘युवा वर्ष’

मुख्यमंत्री ने एक और बड़ी घोषणा की।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 को मध्यप्रदेश में युवा वर्ष के रूप में मनाया जाएगा।

सरकार पहले 2025 को निवेश और रोजगार वर्ष के रूप में मना चुकी है।

वहीं, वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित किया गया है।

अब 2027 में युवाओं के समग्र विकास पर विशेष फोकस रहेगा।

सरकार शिक्षा, कौशल, उद्यमिता, रोजगार और स्टार्टअप पर काम करेगी।

इसके साथ खेल और नेतृत्व क्षमता को भी प्राथमिकता दी जाएगी।

इस तरह युवाओं के लिए सात प्रमुख क्षेत्रों में योजनाएं तैयार की जाएंगी।

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‘न देरी, न दूरी’ के साथ जन विश्वास अभियान

मुख्यमंत्री ने जनविश्वास और जनसंवाद को सुशासन की बड़ी ताकत बताया।

उन्होंने कहा कि जनता का भरोसा लोकतंत्र की सबसे मजबूत नींव है।

इसी सोच के तहत 7 अगस्त 2026 से मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान शुरू किया गया।

अभियान का नारा है—‘न देरी, न दूरी’।

इसका उद्देश्य लोगों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है।
अभियान का पहला चरण 8 जनवरी 2027 तक चलेगा।

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4.38 लाख करोड़ का बजट, GYANII मॉडल पर जोर

मुख्यमंत्री ने प्रदेश की आर्थिक स्थिति का भी उल्लेख किया।

वर्ष 2026-27 के लिए 4.38 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया है।Set featured image

यह पिछले वर्ष की तुलना में करीब 10 प्रतिशत अधिक है।

इसके अलावा प्रति व्यक्ति आय में 9 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश त्रिवर्षीय रोलिंग बजट लागू करने वाला देश का पहला राज्य है।

सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के GYAN मंत्र को आगे बढ़ाने की बात कही।

GYAN में गरीब, युवा, नारी और किसान शामिल हैं।

मध्यप्रदेश ने इसमें उद्योग और बुनियादी ढांचे को भी जोड़ा है।
इसी आधार पर सरकार ने अपना नया GYANII मॉडल तैयार किया है।

हर जिले में MSME पार्क, स्टार्टअप पर भी बड़ा दांव

मुख्यमंत्री ने उद्योग और निवेश को लेकर भी नई योजनाएं बताईं।

प्रदेश के प्रत्येक जिले में एक MSME पार्क स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।

इसके साथ 10 नए MSME क्लस्टर भी विकसित किए जाएंगे।

भोपाल में इंजीनियरिंग सेक्टर के लिए नया केंद्र स्थापित किया जा रहा है।

इस केंद्र पर 30 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

वहीं, प्रदेश में स्टार्टअप की संख्या 12 हजार से अधिक करने का लक्ष्य है।

सरकार 100 नए इन्क्यूबेशन सेंटर भी स्थापित करना चाहती है।

इन केंद्रों से नए उद्यमियों और स्टार्टअप को सहयोग मिलने की उम्मीद है।

स्वतंत्रता दिवस से भविष्य के एजेंडे का संदेश

मुख्यमंत्री के संबोधन में केवल उत्सव और देशभक्ति की बात नहीं थी।

उन्होंने किसान, युवा, निवेश, शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योग को साथ जोड़ा।

समान नागरिक संहिता, वन, धर्म और संस्कृति का भी उल्लेख किया गया।

हालांकि, रोजगार और युवा विकास का रोडमैप सबसे प्रमुख संदेश बनकर उभरा।

अब सरकार की बड़ी चुनौती इन घोषणाओं को जमीन पर उतारने की होगी।