Economical Management:चुनावी साल के आर्थिक प्रबंधन में जुटी शिवराज सरकार,केंद्र से मदद की दरकार

“मप्र को आत्मनिर्भर बनाने के दिशा में अग्रसर प्रदेश की शिवराज सरकार साल में विकास की गति को और अधिक बढ़ाने के लिए प्रयासरत है। इसके लिए धन के इंतजाम की तैयारी भी तेज कर दी गई है।”

चुनावी वर्ष में शिवराज सरकार को केंद्र से बड़ी आर्थिक मदद की उम्मीद

भोपाल। Economic management , 2023 मध्य प्रदेश के लिए चुनावी वर्ष है। नवंबर में प्रस्तावित चुनाव के लिए उल्टी गिनती शुरु हो चुकी है। मप्र  की शिवराज सरकार साल में विकास की गति को और अधिक बढ़ाने के लिए प्रयासरत है।

इसके लिए धन के इंतजाम की तैयारी भी तेज कर दी गई है। नए वित्तीय वर्ष में राज्य को केंद्र से बड़ी मदद की उम्मीद है।


मप्र सरकार ने केंद्र प्रवर्तित विभिन्न योजनाओं में अव्वल रहने की उपलब्धि अर्जित की है। मप्र सुशासन के इंडेक्स व स्वच्छता मिशन में भी प्रथम है।

यही नहीं ,आत्मनिर्भर भारत की 5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था में उसने 5 सौ बिलियन डॉलर की भागीदारी का लक्ष्य तय किया है।

केंद्रीय बजट एक फरवरी को 

केंद्र प्रवर्तित योजनाओं को गति देने के साथ ही सरकार का ध्यान प्रदेश की सड़क,बिजली,पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं को बढ़ाने पर भी है। विशेषकर सड़कें, जिन्हें पिछले बारिश के मौसम में हुई अतिवृष्टि ने काफी नुकसान पहुंचाया।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, सरकार आगामी मानसून से पूर्व इन्हें दुरुस्त करने युद्धस्तर पर काम करना चाहती है। नए वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए केंद्र सरकार संभवतया एक फरवरी को बजट पेश करेगी।

इसमें मप्र में लागू विभिन्न योजनाओं के लिए धन पाने राज्य सरकार ने प्रस्ताव केंद्र को भेजे हैं।

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इन मदों से राशि जुटाने की तैयारी में मप्र

1. केन-बेतवा लिंक परियोजना के लिए केंद्र ने करीब 44 हजार 650 करोड़ की परियोजना स्वीकृत की है। नए वित्तीय वर्ष में इसके काम को आगे बढाने राज्य सरकार को केंद्र से करीब ढाई हजार करोड़ रुपए मिलने की उम्मीद है।

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत Gajendra Singh Shekhawat राज्य के चुनाव से पहले इस परियोजना का काम शुरू करने की बात गत दिनों भोपाल में कह चुके हैं।

2.जल जीवन मिशन अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2023- 24 में 63 लाख से अधिक घरों में नल से जल पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके लिए राज्य State ने केंद्र से साढ़े सात हजार करोड़ रुपए की मांग रखी है।

3.महाराष्ट्र के गोंदिया को जबलपुर से जोड़ने वाली रेलवे लाइन पर ट्रेन संचालन शुरू होने की भी उम्मीद की जा रही है। इसे ब्राड गेज किया जा चुका है। इसके लिए राज्य को बडी रकम बजट में मिलने की उम्मीद है।

4 इसके अलावा मध्य प्रदेश की बड़ी सड़क परियोजनाओं के लिए पैकेज मिल सकता है।

सकल घरेलू उत्पाद में वृद्धि

5 मप्र जीएसडीपी यानी सकल घरेलू उत्पाद में वृद्धि हुई है। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने इसका एक प्रतिशत अतिरिक्त ऋण लेने की अनुमति दिए जाने का प्रस्ताव केंद्रीय वित्त मंत्रालय को दिया है।

6.नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन व नए निवेश को लेकर मप्र में पिछले कुछ वर्षों में अभूतपूर्व काम हुए। इसे देखते हुए राज्य को ऊर्जा क्षेत्र में केंद्रीय बजट में शिथिलता मिलने की उम्मीद है।

7 मप्र सरकार आशान्वित है कि जीएसटी क्षतिपूर्ति अनुदान की व्यवस्था को 15वें वित्त आयोग की अवार्ड अवधि तक निरंतर रखा जा सकता है।

ऐसा हुआ तो जीएसटी का एक बड़ा हिस्सा पूर्व की तरह राज्य को इस साल भी मिलता रहेगा।

8. राज्य सरकार ने किसानों से फसल उपार्जन के लंबित प्रकरणों की 18 करोड़ 14 लाख 29 हजार रुपए की दावा राशि का भुगतान नए वित्तीय वर्ष Financial Year में किए जाने की भी मांग रखी है।

9. इनके अलावा केंद्र सरकार से राज्य में निर्माणाधीन विभिन्न एक्सप्रेस-वे,एन एच व अन्य नई सड़कों के लिए भी बडी रकम मिलने की उम्मीद है।

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