मध्य प्रदेश में पुलों का निर्माण 6 साल में भी अधूरा है, मंत्री राकेश सिंह ने इंजीनियर-ठेकेदार समन्वय की कमी स्वीकार की, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह समस्या एक दिन में पैदा हुई, यदि नहीं, तो छह साल तक विभाग इन्हें हल क्यों नहीं कर पाया, लगातार समीक्षा बैठकों के बावजूद प्रगति क्यों नहीं हुई, जिम्मेदारी सिर्फ ठेकेदारों की है या अधिकारियों की भी
पुल निर्माण में देरी के कारण
मध्य प्रदेश में पुलों का निर्माण 6 साल में भी अधूरा है, इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं
जमीन का विवाद, फॉरेस्ट क्लीयरेंस, ड्राइंग-डिजाइन और रेलवे से जुड़ी दिक्कतें भी एक बड़ा कारण हो सकती हैं
इंजीनियर-ठेकेदार समन्वय की कमी
मंत्री राकेश सिंह ने इंजीनियर-ठेकेदार समन्वय की कमी स्वीकार की है
इसके अलावा विभागीय अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जानी चाहिए
bridge construction delay के प्रभाव
पुल निर्माण में देरी से आर्थिक नुकसान होता है, इसके अलावा लोगों को भी परेशानी होती है
- पुल निर्माण में देरी से 100 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ
- पुल निर्माण में देरी से 5000 लोगों को परेशानी हुई
- पुल निर्माण में देरी से सरकारी खजाने पर भी असर पड़ा
समाधान की दिशा में कदम
पुल निर्माण में देरी को रोकने के लिए विभाग को ठोस कदम उठाने होंगे
इसके लिए विभाग को अपनी प्रणाली में सुधार करना होगा और अधिकारियों को जवाबदेह ठहराना होगा
इसके अलावा पुल निर्माण की जानकारी भी लोगों को दी जानी चाहिए, ताकि वे इसके बारे में जान सकें
इसके लिए पुल निर्माण की खबरें भी पढ़ी जा सकती हैं, जो कि मध्य प्रदेश की खबरें के लिए एक अच्छा स्रोत है