सुबह उठते ही एड़ी में होता है तेज दर्द? हो सकता है प्लांटर फैसाइटिस, जानें कारण, लक्षण और बचाव के उपाय

सुबह उठते ही एड़ी में तेज दर्द प्लांटर फैसाइटिस का संकेत हो सकता है। जानें इसके कारण, लक्षण, राहत के उपाय और उपयोगी स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज।

क्या सुबह बिस्तर से उठते ही पैर जमीन पर रखते समय एड़ी में तेज दर्द होता है?

शुरुआत में कुछ कदम चलना मुश्किल लगता है, लेकिन थोड़ी देर बाद दर्द कम हो जाता है?

अगर ऐसा बार-बार हो रहा है तो इसे सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज न करें।

यह प्लांटर फैसाइटिस (Plantar Fasciitis) की समस्या हो सकती है।

इसमें पैर के तलवे में एड़ी से पंजे तक फैले ऊतक में खिंचाव और परेशानी होती है।

लंबे समय तक खड़े रहने, गलत जूते पहनने और पैरों पर ज्यादा दबाव पड़ने से यह समस्या बढ़ सकती है।

क्या होता है प्लांटर फैसाइटिस?

पैर के तलवे में एड़ी की हड्डी से लेकर पैर की उंगलियों के आधार तक एक मोटा और मजबूत ऊतक होता है,

जिसे प्लांटर फेशिया (Plantar Fascia) कहते हैं।

यह पैर के आर्च यानी तलवे के प्राकृतिक घुमाव को सहारा देता है और चलते समय शरीर का भार संभालने में मदद करता है।

जब इस ऊतक पर बार-बार जरूरत से ज्यादा दबाव या खिंचाव पड़ता है तो

इसमें छोटे-छोटे नुकसान और जलन जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।

इसी समस्या को आमतौर पर प्लांटर फैसाइटिस कहा जाता है।

इसमें सबसे ज्यादा दर्द एड़ी के निचले हिस्से में महसूस होता है।

कई लोगों को सुबह उठने के बाद या लंबे समय तक बैठने के बाद खड़े होते समय परेशानी होती है।

सुबह पहला कदम रखते ही एड़ी में दर्द क्यों होता है?

रात में सोते समय पैर लंबे समय तक आराम की स्थिति में रहता है।

इस दौरान प्लांटर फेशिया और आसपास की मांसपेशियों में अकड़न महसूस हो सकती है।

सुबह अचानक खड़े होकर चलने पर इस ऊतक पर खिंचाव पड़ता है।

इससे एड़ी में तेज या चुभने वाला दर्द हो सकता है। कुछ देर चलने और पैर गर्म होने के बाद दर्द कम हो जाता है,

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लेकिन लंबे समय तक खड़े रहने या ज्यादा चलने पर दोबारा बढ़ सकता है।

प्लांटर फैसाइटिस के प्रमुख लक्षण

इस समस्या में हर व्यक्ति को एक जैसे लक्षण नहीं होते, लेकिन कुछ संकेत आम हैं:

  • सुबह बिस्तर से उठते ही एड़ी में तेज दर्द।
  • लंबे समय तक बैठने के बाद खड़े होने पर दर्द।
  • एड़ी के निचले हिस्से या तलवे में चुभन।
  • लंबे समय तक चलने या खड़े रहने पर दर्द बढ़ना।
  • पैर के तलवे में अकड़न और खिंचाव महसूस होना।
  • व्यायाम या दौड़ने के बाद एड़ी में परेशानी बढ़ना।

अगर दर्द लगातार बना रहे या रोजमर्रा के काम प्रभावित होने लगें तो डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।

प्लांटर फैसाइटिस होने के कारण

पैरों पर लगातार दबाव पड़ना इस समस्या की प्रमुख वजहों में शामिल है।

इसके कुछ सामान्य जोखिम कारक हैं:

1. लंबे समय तक खड़े रहना: जिन लोगों का काम लंबे समय तक खड़े रहने या चलने से जुड़ा है, उनके पैरों पर लगातार दबाव पड़ता है।

2. गलत जूते पहनना: ऐसे जूते जिनमें एड़ी और तलवे को पर्याप्त सहारा नहीं मिलता, परेशानी बढ़ा सकते हैं।

3. वजन बढ़ना: शरीर का वजन अधिक होने पर एड़ी और तलवे पर दबाव बढ़ता है।

4. अचानक ज्यादा व्यायाम करना: बिना तैयारी के दौड़ना, कूदना या कठिन एक्सरसाइज शुरू करना प्लांटर फेशिया पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है।

5. पैरों की बनावट: फ्लैट फुट या बहुत ऊंचे आर्च वाले पैरों में वजन का वितरण बदल सकता है, जिससे इस समस्या का जोखिम बढ़ता है।

6. उम्र: 40 से 60 साल की उम्र के लोगों में यह समस्या अपेक्षाकृत अधिक देखी जाती है।

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प्लांटर फैसाइटिस से राहत के लिए 5 उपाय

इस समस्या में शुरुआती राहत के लिए कुछ घरेलू उपाय और नियमित व्यायाम मददगार हो सकते हैं।

हालांकि, इन्हें डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट की सलाह के अनुसार करना बेहतर है।

1. बर्फ से सिकाई करें

एक तौलिए में बर्फ लपेटकर एड़ी के दर्द वाले हिस्से पर 10 से 20 मिनट तक रखें।

इससे दर्द और परेशानी कम करने में मदद मिल सकती है। बर्फ सीधे त्वचा पर न लगाएं।

2. सही जूते पहनें

ऐसे जूते चुनें जिनमें एड़ी को कुशनिंग और तलवे के आर्च को अच्छा सपोर्ट मिले।

घर में भी कठोर फर्श पर नंगे पैर चलने से बचें।

3. पैरों को आराम दें

कुछ समय के लिए दौड़ने, कूदने और लंबे समय तक खड़े रहने जैसी गतिविधियां कम करें।

जरूरत के अनुसार आराम करें और पैर को थोड़ा ऊंचा रख सकते हैं।

4. हल्की स्ट्रेचिंग करें

पिंडली और पैर के तलवे की हल्की स्ट्रेचिंग से मांसपेशियों और प्लांटर फेशिया के तनाव को कम करने में मदद मिल सकती है।

सुबह बिस्तर से उतरने से पहले भी हल्की स्ट्रेचिंग की जा सकती है।

5. जरूरत पड़ने पर फिजियोथेरेपी लें

अगर दर्द लंबे समय तक बना रहता है तो फिजियोथेरेपिस्ट की मदद से सही स्ट्रेचिंग और

पैर की मांसपेशियों को मजबूत करने वाले व्यायाम सीखें।

प्लांटर फैसाइटिस में कौन-सी एक्सरसाइज कर सकते हैं?

1. टॉवल स्ट्रेच

  • जमीन पर बैठकर दोनों पैर सामने की ओर फैलाएं।
  • एक तौलिया पैर के पंजे के नीचे लगाएं।
  • तौलिए के दोनों सिरों को हाथ से पकड़कर धीरे-धीरे अपनी तरफ खींचें।
  • इस स्थिति में करीब 20 से 30 सेकंड रहें।
  • फिर पैर को आराम दें और जरूरत के अनुसार दोहराएं।
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2. वॉल काफ स्ट्रेच

  • दीवार के सामने खड़े हो जाएं।
  • एक पैर आगे और दूसरा पीछे रखें।
  • दोनों हाथ दीवार पर रखें।
  • पीछे वाले पैर की एड़ी जमीन पर टिकाकर घुटने को सीधा रखें।
  • शरीर को धीरे-धीरे दीवार की तरफ झुकाएं।
  • पिंडली में खिंचाव महसूस होने पर 20 से 30 सेकंड रुकें।

3. पैर के तलवे की स्ट्रेचिंग

  • कुर्सी पर बैठकर दर्द वाले पैर को दूसरे पैर के घुटने पर रखें।
  • हाथ से पैर की उंगलियों को धीरे-धीरे अपनी तरफ खींचें।
  • तलवे में हल्का खिंचाव महसूस होने पर 20 से 30 सेकंड रुकें।
  • फिर पैर को सामान्य स्थिति में ले आएं।

4. टेनिस बॉल से मसाज

  • कुर्सी पर बैठकर पैर के तलवे के नीचे टेनिस बॉल रखें।
  • इसे धीरे-धीरे एड़ी से पंजे की ओर घुमाएं।
  • बहुत ज्यादा दबाव न डालें।
  • दर्द बढ़ने पर व्यायाम रोक दें।

कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी है?

अगर एड़ी का दर्द तेज है, लगातार बढ़ रहा है या चलने-फिरने में परेशानी हो रही है तो डॉक्टर से संपर्क करें।

दो सप्ताह तक घरेलू उपाय करने के बाद भी सुधार न हो, पैर में सुन्नपन या झनझनाहट हो अथवा

डायबिटीज होने के साथ पैरों में दर्द हो तो जांच में देरी न करें।

डॉक्टर जरूरत पड़ने पर शारीरिक जांच और अन्य परीक्षणों की सलाह दे सकते हैं।

उपचार में फिजियोथेरेपी, स्ट्रेचिंग, जूते में सपोर्ट देने वाले इनसोल और

कुछ मामलों में अन्य चिकित्सा विकल्प शामिल हो सकते हैं।

सुबह एड़ी में दर्द होना हमेशा प्लांटर फैसाइटिस का संकेत नहीं होता।

एड़ी में दर्द के दूसरे कारण भी हो सकते हैं।

सही कारण जानने के लिए विशेषज्ञ से जांच कराना जरूरी है।