Swine Flu: स्वाइन फ्लू को लेकर न घबराएं, AIIA डायरेक्टर ने बताए बचाव के तरीके; आयुर्वेदिक दवाएं लेने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूरी

नई दिल्ली: बदलते मौसम के साथ स्वाइन फ्लू के मामलों को लेकर चिंता बढ़ रही है। इस बीच अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA), दिल्ली के डायरेक्टर प्रदीप कुमार प्रजापति ने लोगों से घबराने के बजाय सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि इस दौरान खान-पान, आराम, साफ-सफाई और पर्याप्त नींद पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।

प्रदीप कुमार प्रजापति के मुताबिक, इस साल सामने आ रहे स्वाइन फ्लू के मामलों को समझने के लिए संस्थान की ओर से 10 मामलों का अध्ययन किया गया। उनके अनुसार कुछ मरीजों में कई दिनों तक बुखार बना रहा। हालांकि, उन्होंने लोगों को घबराने के बजाय डॉक्टर की सलाह के अनुसार इलाज कराने पर जोर दिया।

बदलते मौसम में क्यों बढ़ सकता है संक्रमण?

AIIA निदेशक ने बताया कि बारिश और मौसम में बदलाव के दौरान संक्रमण फैलाने वाले वायरस और बैक्टीरिया के प्रभाव की संभावना बढ़ जाती है। साथ ही इस मौसम में खान-पान की आदतों में बदलाव और स्वास्थ्य संबंधी लापरवाही भी परेशानी बढ़ा सकती है।

उन्होंने इस दौरान शरीर की प्रतिरोधक क्षमता का ध्यान रखने और व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने की सलाह दी है।

चार दिन तक रह सकता है तेज बुखार

प्रदीप कुमार प्रजापति के अनुसार, उनके अध्ययन में शामिल मामलों में कई लोगों को करीब चार दिनों तक तेज बुखार रहा। उन्होंने बताया कि कुछ मरीजों में तापमान 100 डिग्री फारेनहाइट से ऊपर बना रहा।

हालांकि, बीमारी की गंभीरता हर व्यक्ति में अलग हो सकती है। इसलिए लगातार या तेज बुखार होने पर केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

सुदर्शन घनवटी और दशमूलारिष्ट का भी किया जिक्र

AIIA डायरेक्टर ने स्वाइन फ्लू के दौरान सुदर्शन घनवटी, दशमूलारिष्ट और अमृतारिष्ट का भी उल्लेख किया। लेकिन उन्होंने इनका सेवन डॉक्टर की सलाह के बाद ही करने की बात कही। इसलिए किसी भी आयुर्वेदिक दवा को अपनी तरफ से शुरू करना उचित नहीं है, खासकर यदि मरीज पहले से कोई अन्य दवा ले रहा हो।

भूख-प्यास कम लगे तो रखें खान-पान का ध्यान

स्वाइन फ्लू के दौरान भूख-प्यास में कमी और सिरदर्द जैसी परेशानियां हो सकती हैं। ऐसे समय में शरीर को आराम देने के साथ हल्का और गर्म भोजन लेने की सलाह दी गई है।

पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेना और शरीर को हाइड्रेटेड रखना भी महत्वपूर्ण है। यदि खाने-पीने में लगातार परेशानी हो रही हो, तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

साफ-सफाई और अच्छी नींद पर दें जोर

AIIA निदेशक ने बीमारी के दौरान आराम करने, साफ-सफाई बनाए रखने और पर्याप्त नींद लेने पर जोर दिया। उन्होंने भाप लेने का भी सुझाव दिया और बताया कि बुखार कम होने के बाद कुछ लोगों में सिरदर्द, सर्दी-जुकाम जैसी परेशानियां बनी रह सकती हैं।

कब डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें?

स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण होने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। खासतौर पर तेज या लगातार बुखार, सांस लेने में परेशानी, अत्यधिक कमजोरी, लगातार उल्टी-पानी की कमी या हालत बिगड़ने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।

AIIA निदेशक ने लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन बीमारी के दौरान लापरवाही भी नहीं करनी चाहिए। बीमारी से उबरने का समय व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति और प्रतिरोधक क्षमता के आधार पर अलग-अलग हो सकता है।