हरियाली तीज पर शिव-पार्वती को चढ़ाएं ये फूल, दूर होंगी जीवन की बाधाएं और बनी रहेगी खुशहाली

हरियाली तीज पर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा में विशेष फूल अर्पित करने की धार्मिक परंपरा है। जानिए शिवजी को अपराजिता-धतूरा और माता पार्वती को लाल गुड़हल, गुलाब, बेला व चमेली क्यों चढ़ाए जाते हैं।

उज्जैन।

हरियाली तीज का पर्व भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना के लिए विशेष माना जाता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन विधि-विधान से पूजा करने और भगवान शिव-पार्वती को प्रिय पुष्प अर्पित करने से मनोकामनाएं पूरी होने और घर-परिवार में सुख-समृद्धि बने रहने की कामना की जाती है।

इस साल हरियाली तीज 15 अगस्त 2026 को मनाई जाएगी।

तीज के दिन महिलाएं माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा करती हैं।

ऐसे में पूजा सामग्री में फूलों का भी विशेष महत्व माना जाता है।

आइए जानते हैं कि हरियाली तीज पर भगवान शिव और माता पार्वती को कौन-कौन से फूल अर्पित किए जा सकते हैं।

हरियाली तीज पर शिव जी को चढ़ाएं अपराजिता का फूल

धार्मिक मान्यताओं में अपराजिता के फूल को भगवान शिव की पूजा के लिए शुभ माना जाता है। हरियाली तीज पर शिवलिंग का जलाभिषेक करने के बाद अपराजिता का फूल अर्पित किया जा सकता है।

मान्यता है कि इससे भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-शांति बनी रहती है। पूजा के दौरान श्रद्धा और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

भगवान शिव को प्रिय माना जाता है धतूरा

भगवान शिव की पूजा में धतूरे का विशेष महत्व बताया गया है।

धार्मिक परंपराओं में धतूरा शिवजी को अर्पित किए जाने वाले प्रमुख पुष्पों और पूजन सामग्रियों में शामिल है।

हरियाली तीज पर जलाभिषेक के बाद शिवलिंग पर धतूरा अर्पित कर भगवान शिव की आराधना की जा सकती है।

मान्यता है कि इससे भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं और भक्त पर अपनी कृपा बनाए रखते हैं।

माता पार्वती को चढ़ाएं लाल गुड़हल या गुलाब

माता पार्वती को लाल रंग के फूल अर्पित करना शुभ माना जाता है।

हरियाली तीज के दिन देवी पार्वती की पूजा करते समय लाल गुड़हल या लाल गुलाब चढ़ाया जा सकता है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, लाल पुष्प शक्ति, सौभाग्य और समर्पण का प्रतीक माने जाते हैं।

इसलिए तीज की पूजा में इन फूलों का इस्तेमाल विशेष रूप से किया जाता है।

बेला और चमेली के फूल भी कर सकते हैं अर्पित

माता पार्वती की पूजा में सुगंधित फूलों का भी प्रयोग किया जाता है।

हरियाली तीज पर देवी को बेला और चमेली जैसे सुगंधित पुष्प अर्पित किए जा सकते हैं।

मान्यता है कि सुगंधित पुष्प अर्पित करने से पूजा का वातावरण सकारात्मक और भक्तिमय बनता है।

हालांकि, अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में पूजा की परंपराएं अलग हो सकती हैं।

हरियाली तीज पर फूल चढ़ाते समय रखें ध्यान

पूजा में फूल अर्पित करते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि पुष्प ताजे और साफ हों।

टूटे, मुरझाए या गंदे फूलों का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।

साथ ही, पूजा की स्थानीय परंपरा और परिवार की मान्यताओं के अनुसार ही सामग्री का उपयोग करना बेहतर माना जाता है।

हरियाली तीज पर कौन से फूल चढ़ाएं?

  • अपराजिता: भगवान शिव की पूजा में अर्पित किया जाता है।
  • धतूरा: शिव पूजा में इसका विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है।
  • लाल गुड़हल: माता पार्वती को अर्पित किया जा सकता है।
  • लाल गुलाब: देवी पूजा में शुभ माना जाता है।
  • बेला और चमेली: माता पार्वती की पूजा में सुगंधित पुष्प के रूप में चढ़ाए जा सकते हैं।

हरियाली तीज भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना का महत्वपूर्ण पर्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन श्रद्धापूर्वक पूजा करने और शिव-पार्वती को प्रिय माने जाने वाले फूल अर्पित करने से सुख, शांति और समृद्धि की कामना की जाती है।

हालांकि, इन मान्यताओं का आधार धार्मिक परंपराएं हैं, वैज्ञानिक प्रमाण नहीं। पूजा में सबसे महत्वपूर्ण श्रद्धा, स्वच्छता और अपनी पारिवारिक परंपराओं का पालन माना जाता है।