New Labour Codes: ₹21,000 तक सैलरी वालों के लिए बड़ा ऐलान, मिलेगा बोनस; जानें कितना होगा फायदा

नए लेबर कोड के तहत ₹21,000 तक मासिक वेतन पाने वाले पात्र कर्मचारियों को वैधानिक बोनस का लाभ मिलेगा। बोनस की न्यूनतम दर 8.33 फीसदी और अधिकतम 20 फीसदी तक हो सकती है। हालांकि बोनस की गणना पूरी सैलरी पर नहीं, बल्कि तय वेतन आधार के अनुसार होगी।

नई दिल्ली: नए लेबर कोड के तहत कर्मचारियों के लिए बोनस से जुड़ा एक अहम अपडेट सामने आया है। केंद्र सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने Code on Wages, 2019 के तहत बोनस की पात्रता और उसकी गणना से जुड़े प्रावधानों को स्पष्ट किया है। नए नियमों के मुताबिक, ₹21,000 प्रति माह तक वेतन पाने वाले कर्मचारी, जरूरी शर्तें पूरी करने पर वैधानिक बोनस के पात्र होंगे।

हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि ₹21,000 कमाने वाले हर कर्मचारी को ₹21,000 के आधार पर बोनस मिलेगा। बोनस की गणना के लिए अलग वेतन सीमा तय की गई है। यही वजह है कि कर्मचारियों के लिए पात्रता और बोनस की गणना—दोनों को अलग-अलग समझना जरूरी है।

₹21,000 तक सैलरी वालों को मिलेगा बोनस

नए प्रावधान के तहत जिस कर्मचारी की मासिक मजदूरी ₹21,000 से अधिक नहीं है, वह बोनस के दायरे में आ सकता है। इसके लिए कर्मचारी का संबंधित अकाउंटिंग वर्ष में कम से कम 30 दिन काम करना जरूरी है।

वहीं, ₹21,000 से ज्यादा मासिक वेतन पाने वाले कर्मचारियों के लिए यह वैधानिक बोनस अनिवार्य नहीं है। ऐसे कर्मचारियों को कंपनी अपनी नीति या रोजगार की शर्तों के आधार पर बोनस दे सकती है।

बोनस की गणना पूरी सैलरी पर नहीं होगी

नए नियम का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बोनस की गणना से जुड़ा है। यदि कोई पात्र कर्मचारी ₹7,000 से ज्यादा मासिक वेतन पाता है, तो बोनस की गणना उसकी पूरी वास्तविक सैलरी पर नहीं की जाएगी।

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ऐसे मामलों में गणना के लिए ₹7,000 प्रति माह या केंद्र सरकार द्वारा तय न्यूनतम मजदूरी, इनमें से जो अधिक हो, उसे आधार बनाया जाएगा।

यानी किसी कर्मचारी की वास्तविक मासिक सैलरी ₹12,000 है, तो जरूरी नहीं कि बोनस ₹12,000 के आधार पर ही निकाला जाए। संबंधित न्यूनतम मजदूरी और निर्धारित आधार के हिसाब से बोनस की गणना होगी।

उदाहरण से समझिए कितना मिलेगा बोनस

मान लीजिए किसी पात्र कर्मचारी की मासिक गणना योग्य मजदूरी ₹12,000 है और लागू न्यूनतम मजदूरी ₹7,000 से अधिक होने के कारण ₹12,000 ही आधार बनती है।

न्यूनतम बोनस की दर 8.33 फीसदी है। ऐसे में एक साल के लिए गणना इस तरह होगी:

₹12,000 × 8.33% × 12 = करीब ₹11,995

यानी इस उदाहरण में कर्मचारी को न्यूनतम करीब ₹11,995 सालाना बोनस मिल सकता है।

हालांकि, बोनस की अधिकतम दर 20 फीसदी तक हो सकती है। वास्तविक भुगतान संस्थान के उपलब्ध allocable surplus और लागू कानूनी प्रावधानों पर निर्भर करेगा।

बोनस के लिए 30 दिन काम करना जरूरी

बोनस पाने के लिए केवल ₹21,000 तक वेतन होना ही पर्याप्त नहीं है। कर्मचारी ने संबंधित अकाउंटिंग वर्ष में कम से कम 30 दिन काम किया होना चाहिए। Code on Wages के तहत पात्र कर्मचारियों के लिए वार्षिक बोनस की न्यूनतम दर 8.33 फीसदी और अधिकतम 20 फीसदी निर्धारित है।

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कब तक देना होगा बोनस?

नए प्रावधानों के मुताबिक बोनस का भुगतान अकाउंटिंग वर्ष समाप्त होने के आठ महीने के भीतर किया जाना है। कुछ परिस्थितियों में नियोक्ता पर्याप्त कारण बताते हुए समय बढ़ाने का अनुरोध कर सकता है।

कर्मचारियों के लिए क्या है इसका मतलब?

नए नियमों से खास तौर पर कम और मध्यम वेतन पाने वाले कर्मचारियों को बोनस के अधिकार को लेकर स्पष्टता मिलती है। लेकिन यह ध्यान रखना जरूरी है कि ₹21,000 की सीमा बोनस की पात्रता से जुड़ी है, जबकि बोनस की वास्तविक गणना अलग वेतन आधार पर हो सकती है।

इसलिए यदि आपकी मासिक सैलरी ₹21,000 तक है, तो आपको यह देखना होगा कि आप 30 दिन काम करने की शर्त पूरी करते हैं या नहीं और आपके मामले में बोनस की गणना के लिए कौन-सी न्यूनतम मजदूरी लागू होती है।