दीपक विश्वकर्मा,उमरिया/भोपाल।
(9826019364)
गरीब आदिवासी छात्राओं की छात्रवृत्ति वापस लेने के मामले में अनुसूचित जनजाति कार्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है।
राजकीय कन्या शिक्षा परिसर, पाली की तत्कालीन प्रभारी प्राचार्य सरिता जैन को निलंबित कर दिया गया है।
साथ ही उनसे छात्राओं से ली गई पूरी राशि लौटाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
हालांकि जांच के दौरान मिली उनकी पदोन्नति अब विभाग के लिए नए सवाल खड़े कर रही है।

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जांच में दोषी मिलने पर कार्रवाई
(संभागीय उपायुक्त जेपी यादव)
अधिकारिक सूत्रों के अनुसार विभागीय जांच में सरिता जैन के खिलाफ आरोप सही पाए गए।
इसके बाद निलंबन आदेश जारी किया गया।
शहडोल संभाग के उपायुक्त जेपी यादव ने निलंबन और छात्राओं को राशि लौटाने के निर्देशों की पुष्टि की।
एफआईआर पर फैसला अभी बाकी
विभाग ने फिलहाल प्राचार्य के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कराने की सिफारिश नहीं की है।
हालांकि पहले आयुक्त स्तर पर जरूरत पड़ने पर एफआईआर की संभावना जताई गई थी।
विद्यालय में करीब ढाई सौ छात्राएं अध्ययनरत हैं।
अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ कि कितनी छात्राओं से कितनी राशि ली गई थी।
पदोन्नति पर उठे नए सवाल

