नई दिल्ली।
भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। पीएम ने कहा कि डॉ मुखर्जी ने भारत की एकता और अखंडता के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया था। प्रधानमंत्री ने वीडियो संदेश जारी कर कहा कि डॉ. मुखर्जी के विचार, संकल्प और राष्ट्रदृष्टि आज भी आधुनिक भारत को दिशा देने का कार्य कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि डॉ. मुखर्जी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि ऐसे दूरदर्शी व्यक्तित्व थे। जिन्होंने राष्ट्रीय एकता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उनकी विचारधारा ने देश के राजनीतिक और वैचारिक विमर्श को नई दिशा प्रदान की।
भारतवर्ष की एकता, अखंडता और स्वाभिमान के लिए डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान हर पीढ़ी को प्रेरित करता रहेगा।
जयन्ति ते सुकृतिनो रससिद्धाः कवीश्वराः।
नास्ति येषां यशःकाये जरामरणजं भयम्॥ pic.twitter.com/qRIG8vPYZr
— Narendra Modi (@narendramodi) July 6, 2026
सालभर चलेगा राष्ट्रीय स्मरण समारोह
प्रधानमंत्री ने बताया कि डॉ. मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय स्मरण कार्यक्रम तैयार किया है। इसकी शुरुआत आज 6 जुलाई से हो चुकी है। यह आयोजन अगले वर्ष 6 जुलाई तक जारी रहेगा।
इस दौरान देशभर में सेमिनार, प्रदर्शनी, व्याख्यानमाला, युवा संवाद, सांस्कृतिक कार्यक्रम और शोध गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। ताकि नई पीढ़ी को डॉ. मुखर्जी के जीवन, संघर्ष और राष्ट्रवादी चिंतन से परिचित कराया जा सके।
‘एक देश में दो विधान’ के विरोध से राष्ट्रीय पहचान
आज देश अखंड भारत के प्रणेता, प्रखर राष्ट्रवादी एवं महान शिक्षाविद् डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की 125वीं जन्म-जयंती मना रहा है। सशक्त और आत्मनिर्भर भारत का उनका विजन राष्ट्र निर्माण के हमारे संकल्प को नई ऊर्जा दे रहा है। इस अवसर पर उनके अमूल्य योगदान को समर्पित मेरा यह आलेख……
— Narendra Modi (@narendramodi) July 6, 2026
डॉ. मुखर्जी का जन्म 6 जुलाई 1901 को हुआ था। वे महज 33 वर्ष की आयु में कलकत्ता विश्वविद्यालय के सबसे युवा कुलपति बने।