समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेशभर के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
बैठक में बताया गया कि 55 में से 36 जिलों में यूसीसी पर परामर्श बैठकें पूरी हो चुकी हैं, जबकि शेष जिलों में भी प्रक्रिया जल्द पूरी कर ली जाएगी।
सरकार ने नागरिकों और कर्मचारियों से सुझाव लेने के लिए 12 प्रश्नों वाला ऑनलाइन लिंक भी जारी किया है।
‘सिर्फ मौजूदगी नहीं, सक्रियता भी जरूरी’
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को साफ संदेश दिया कि वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कलेक्टरों की सक्रियता पर नजर रखे हुए हैं।
उन्होंने कहा कि कुछ कलेक्टर नियमित रूप से चर्चा में भाग लेते हैं, जबकि अधिकांश अधिकारी सिर्फ सुनने तक सीमित रहते हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आवश्यक मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखने और सुझाव देने के लिए प्रोत्साहित किया।
जुलाई में होगी कॉन्फ्रेंस, बनेगी जिलों की रैंकिंग
मुख्यमंत्री ने बताया कि जुलाई में भोपाल में कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी। इस दौरान जिलों के विकास कार्यों, शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं, कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक प्रदर्शन की समीक्षा होगी। विकास और कार्यप्रणाली के आधार पर जिलों की रैंकिंग भी तय की जाएगी।
मानसून और नीट परीक्षा को लेकर अलर्ट
बैठक में मानसून पूर्व तैयारियों की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने नगरीय निकायों को नालों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।
साथ ही 21 जून को होने वाली नीट परीक्षा के लिए विशेष सतर्कता बरतने को कहा। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा की व्यवस्थाएं यूपीएससी परीक्षा से भी अधिक संवेदनशीलता के साथ की जाती हैं।
15 अगस्त को गिनाईं जाएंगी उपलब्धियां
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रमों में प्रभारी मंत्री अपने-अपने जिलों की उपलब्धियों और विकास कार्यों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत करेंगे।
इसके लिए प्रत्येक जिले की विकास पुस्तिका तैयार की जाएगी, जिससे स्थानीय स्तर पर हुए कार्यों का दस्तावेजीकरण हो सके।