भोपाल से चल रहा था नशीले सिरप का साम्राज्य, STF ने दबोचे 5 इनामी आरोपी

भोपाल में संचालित नशीले कफ सिरप के अवैध कारोबार में एसटीएफ ने पांच इनामी आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले में अब तक 2.5 करोड़ रुपए का माल जब्त किया जा चुका है।

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भोपाल।

मध्यप्रदेश एसटीएफ ने नशीले कफ सिरप के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे पांच इनामी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

इन गिरफ्तारियों के साथ ही भोपाल से संचालित उस नेटवर्क की कई परतें खुलने लगी हैं, जो प्रदेश के कई जिलों में नशीले सिरप की सप्लाई कर रहा था।

अब तक इस मामले में करीब 2.5 करोड़ रुपए का माल जब्त किया जा चुका है।

फैक्ट्री पर छापे में मिला था बड़ा जखीरा

एसटीएफ ने 28 और 29 मई की रात भोपाल के गांधीनगर स्थित पटेल सिटी में छापा मारकर अवैध फैक्ट्री का खुलासा किया था।

कार्रवाई के दौरान 49,920 बोतल ऑनरेक्स कफ सिरप बरामद हुई थीं। इसके बाद आरोपियों की निशानदेही पर मुबारकपुर स्थित गोदाम से 23,125 और बोतलें जब्त की गईं।

इनामी आरोपी अलग-अलग राज्यों से गिरफ्तार

जांच के दौरान फरार चल रहे मुख्य आरोपी अर्जुन मालवीय को बैतूल से गिरफ्तार किया गया। उस पर 30 हजार रुपए का इनाम घोषित था।

वहीं शिवांग टिटोरिया को दिल्ली से और नीरज चेलानी को इंदौर-भोपाल मार्ग से पकड़ा गया। सप्लाई नेटवर्क संभालने वाले नवाब खान और शरीफ खान को सीहोर से गिरफ्तार किया गया।

महाकौशल और विंध्य तक फैला था जाल

एसटीएफ की जांच में सामने आया है कि भोपाल में तैयार किया गया नशीला कफ सिरप ट्रकों के जरिए महाकौशल और विंध्य क्षेत्र के कई जिलों तक पहुंचाया जाता था।

इसके लिए आरोपियों ने डमी फार्मास्युटिकल कंपनियों का सहारा लिया था, ताकि अवैध कारोबार को वैध दिखाया जा सके।

पहले भी पकड़े गए थे 10 आरोपी

मामले में एसटीएफ पहले ही तीन किशोरों समेत 10 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। अब मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क के आर्थिक और कारोबारी लिंक खंगाल रही हैं।

रिमांड में होंगे कई खुलासे

गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश कर पांच दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। एसटीएफ को उम्मीद है कि पूछताछ में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और सप्लाई चेन के बारे में अहम जानकारियां सामने आएंगी।

नारकोटिक्स एक्ट के तहत केस दर्ज

आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक्स एक्ट और ड्रग कंट्रोल एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।