मकर संक्रांति पर सूर्य मकर राशि में प्रवेश के साथ ही उत्तरायण होना शुरू होंगे। इस दिन से मांगलिक व शुभ कार्यों की शुरुआत भी होती है।

सनातन धर्म में मकर संक्रांति Makar Sankranti का विशेष महत्व है। देशभर में इस बार यह पर्व रविवार 15 जनवरी को मनाया जाएगा। पर्व को लेकर उल्लास का वातावरण है। शनिवार व रविवार के दो दिवसीय अवकाश ने इसे दूना कर दिया है।
मकर संक्रांति पर सूर्य मकर राशि (The Sun entering Capricorn on Makar Sankranti)में प्रवेश के साथ ही उत्तरायण होना शुरू होंगे। इस दिन से मांगलिक व शुभ कार्यों की शुरुआत भी होती है। इस दिन दान.दक्षिणा व तिल से बनी वस्तुएं देने व पवित्र नदियों में स्नान bathing in holy rivers का भी विशेष महत्व है।
पुण्यकाल में स्नान-दान का महत्व,शुभ मुहूर्त

मकर संक्रांति की शुरुआत 14 जनवरी को रात 08 बजकर 43 मिनट पर होगी लेकिन इसका पुण्य काल मुहूर्त 15 जनवरी को सुबह 06 बजकर 47 मिनट पर शुरू होगा। वहीं समापन शाम 05 बजकर 40 मिनट पर होगा।
वहीं महापुण्य काल सुबह 07 बजकर 15 मिनट से सुबह 09 बजकर 06 मिनट तक रहेगा। उदया तिथि Udaya Tithi के अनुसार, पुण्यकाल और महापुण्य काल में स्नान.दान करना शुभ होता है।
इस दिन अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 09 मिनट से लेकर 12 बजकर 52 मिनट तक रहेगा। विजय मुहूर्त इस दिन दोपहर 02 बजकर 16 मिनट से लेकर दोपहर 02 बजकर 58 मिनट तक होगा ।
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मकर संक्रांति के दिन भूलकर न करें ये काम


