भोपाल।
मध्य प्रदेश में चुनावों में इस्तेमाल होने वाली EVM को लेकर नई व्यवस्था सामने आई है।
राज्य निर्वाचन आयोग ने अपनी अतिरिक्त EVM दूसरे राज्यों को किराए पर देना शुरू किया है।
इससे मध्य प्रदेश को करीब ₹11.22 करोड़ की आय हुई है।
इस व्यवस्था का मकसद खाली पड़ी मशीनों का उपयोग करना है।
साथ ही दूसरे राज्यों को नई मशीनें खरीदने की जरूरत कम होती है।
दूसरे राज्यों के चुनाव में MP की मशीनें
मध्य प्रदेश ने अपनी EVM Sharing Policy तैयार की है।
इसके तहत जरूरत से ज्यादा उपलब्ध मशीनें दूसरे राज्यों को दी जाती हैं।
इन्हें स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों के लिए किराए पर दिया जाता है।
इस नीति के तहत छत्तीसगढ़ को 3,000 EVM उपलब्ध कराई गई थीं।
जम्मू-कश्मीर और महाराष्ट्र के साथ भी समझौते किए गए।
उत्तराखंड और गुजरात के साथ भी व्यवस्था बनाने की पहल हुई थी।
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राजस्थान को 90 हजार यूनिट देने का करार
फरवरी 2026 में मध्य प्रदेश और राजस्थान के बीच अतिरिक्त समझौता हुआ।
इसके तहत राजस्थान को 30 हजार कंट्रोल यूनिट
और 60 हजार बैलेट यूनिट किराए पर देने की व्यवस्था की गई।
इनका इस्तेमाल राजस्थान के नगरीय निकाय और पंचायती राज चुनावों में होना है।
दूसरे राज्यों को भी बड़ी बचत
इस मॉडल से केवल MP को आय नहीं हो रही है।
दूसरे राज्यों को भी फायदा हो रहा है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, महाराष्ट्र, राजस्थान, सिक्किम, त्रिपुरा और छत्तीसगढ़
जैसे राज्यों ने नई मशीनें खरीदने के बजाय MP की EVM का इस्तेमाल किया।
इससे करीब ₹200 करोड़ की खरीद लागत बचने का दावा किया गया है।
EVM का हिसाब भी डिजिटल होगा
मशीनें दूसरे राज्यों में भेजने के बाद उनका रिकॉर्ड रखना जरूरी है।
इसके लिए MP राज्य निर्वाचन आयोग ने
EVM Randomisation Software विकसित किया है।
इससे मशीनों की पहचान, उपलब्धता और आवंटन का रिकॉर्ड रखा जा सकेगा।
वापसी के बाद उनका दोबारा इस्तेमाल भी सिस्टम के जरिए ट्रैक किया जा सकेगा।
राज्यों के बीच बनेगा EVM का पूल
MP की इस नीति को राज्य निर्वाचन आयुक्तों की स्टैंडिंग कमेटी में भी रखा गया था।
कमेटी ने नीति को मान्यता दी।
साथ ही दूसरे राज्यों को भी ऐसी व्यवस्था अपनाने पर सहमति बनी।
राज्यों से उपलब्ध EVM और आगामी स्थानीय चुनावों की
संभावित तारीखों की जानकारी साझा करने को कहा गया।
चोरी गई ईवीएम का सुराग नहीं
इधर,अनूपपुर में चोरी गई दो दर्जन ईवीएम का अब तक सुराग नहीं मिला।
इनमें 8 बैलेट यूनिट 16 कंट्रोल यूनिट शामिल हैं।
यह मशीनें तहसील कार्यालय की गोदाम से चोरी गईं।
अनूपपुर कोतवाली पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया है।
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