भोपाल/इंदौर।
अगर आज बाजार जाने की तैयारी है, तो पर्स जरूर साथ रखें।
मध्यप्रदेश में बुधवार को व्यापारी ‘नो-UPI डे’ मना रहे हैं।
भोपाल, इंदौर समेत प्रदेश के कई शहरों में व्यापारी ₹2,000 से ज्यादा का UPI भुगतान नहीं लेने का सांकेतिक विरोध करेंगे।
इसके चलते बड़े भुगतान के लिए आपको नकद या अन्य विकल्प रखना पड़ सकता है।
हालांकि, व्यापारियों ने साफ किया है कि किसी ग्राहक पर UPI बंद करने के लिए जबरदस्ती नहीं की जाएगी।
QR कोड पर भी लगेगा ‘काला पर्दा’
भोपाल में व्यापारी अपने UPI स्कैनर और QR कोड को काले कपड़े से ढकेंगे।
इसके जरिए प्रस्तावित मर्चेंट चार्ज का विरोध जताया जाएगा।
वहीं, इंदौर के बाजारों में भी व्यापारी QR कोड को ढककर प्रतीकात्मक प्रदर्शन करेंगे।
आखिर व्यापारी क्यों कर रहे विरोध?
व्यापारियों का विरोध ₹2,000 से ज्यादा के UPI लेन-देन पर प्रस्तावित 0.4% MDR को लेकर है।
व्यापारियों का कहना है कि इसका सीधा असर उनके कारोबार पर पड़ेगा।
खासकर थोक कारोबार में बड़ी रकम का डिजिटल भुगतान आम है।
व्यापार मंडल के प्रदेश महासचिव अनुपम अग्रवाल के मुताबिक,
अधिकतम शुल्क ₹300 तक हो सकता है।
ऐसे में ज्यादा संख्या में बड़े डिजिटल भुगतान लेने वाले कारोबारियों का खर्च बढ़ सकता है।
उन्होंने बताया कि थोक किराना कारोबार में बड़ी संख्या में लेन-देन ₹2,000 से ज्यादा के होते हैं।
इसलिए इस क्षेत्र के व्यापारियों पर इसका असर ज्यादा पड़ सकता है।
₹2,200 के तेल के डिब्बे पर भी पड़ेगा असर?
व्यापारियों ने रोजमर्रा के कारोबार का उदाहरण भी दिया है।
थोक तेल कारोबार में 15 लीटर का एक जार करीब ₹2,200 का हो सकता है।
ऐसे में ग्राहक अगर पूरा भुगतान UPI से करता है,
तो व्यापारी के अनुसार प्रस्तावित MDR का खर्च उसे उठाना पड़ेगा।
इंदौर में पहले से चल रहा अभियान
इंदौर में पिछले कुछ दिनों से व्यापारी संगठनों ने इसके खिलाफ अभियान चलाया है।
मंगलवार रात रीगल स्क्वायर पर टाइल्स एंड सेनेटरी वेयर व्यापारी एसोसिएशन के नेतृत्व में प्रदर्शन हुआ।
इसमें 150 से ज्यादा व्यापारी शामिल हुए।
व्यापारियों ने नारे लगाए—
‘UPI बंद करो, UPI पर चार्ज बंद करो।’
दुकानों पर पहुंचकर ग्राहकों से की अपील

इंदौर रिटेल गारमेंट्स एसोसिएशन के पदाधिकारी भी बाजार में पहुंचे।
उन्होंने दुकानदारों और ग्राहकों से अभियान में सहयोग मांगा।
ग्राहकों से अपील की गई कि वे एक दिन बड़े भुगतान के लिए UPI का इस्तेमाल न करें।
राजबाड़ा के पीछे QR कोड ढकेंगे व्यापारी
अहिल्या चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के आह्वान पर इंदौर रिटेल गारमेंट्स एसोसिएशन भी अभियान में शामिल है।
बुधवार दोपहर राजबाड़ा के पीछे मुख्य बाजार में व्यापारी अपने UPI बारकोड बॉक्स एकत्र करेंगे।
इसके बाद उन्हें काले कपड़े से ढककर विरोध जताया जाएगा।
पेट्रोल पंप भी विरोध में
मध्यप्रदेश पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन ने भी विरोध का ऐलान किया है।
एसोसिएशन के अनुसार, 16 अक्टूबर से ₹2,000 से ज्यादा के बिल पर UPI भुगतान नहीं लेने का फैसला किया गया है।
इससे पहले पेट्रोल पंप संचालक भी सांकेतिक विरोध में शामिल होंगे।
15 अक्टूबर से प्रस्तावित है नया चार्ज
व्यापारियों के अनुसार, 15 अक्टूबर से ₹2,000 से ज्यादा के Person-to-Merchant UPI भुगतान पर 0.4% MDR लागू होने का प्रस्ताव है।
इस शुल्क की अधिकतम सीमा ₹300 प्रति लेन-देन बताई गई है।
इसका भुगतान ग्राहक के बजाय व्यापारी की ओर से किया जाना है।
मतलब साफ है…
आज ₹2,000 से ज्यादा की खरीदारी है तो पर्स में नकद रखना बेहतर रहेगा।
हालांकि, यह अभियान व्यापारियों का सांकेतिक विरोध है।
हर दुकान पर UPI स्वीकार करने की स्थिति अलग हो सकती है।
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