नई दिल्ली: स्मार्टफोन इस्तेमाल करने वालों के लिए केंद्र सरकार ने स्क्रीन प्रोटेक्टर और टेम्पर्ड ग्लास को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब भारत में बिकने वाले स्मार्टफोन स्क्रीन प्रोटेक्टर को तय गुणवत्ता मानकों पर खरा उतरना होगा। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने स्मार्टफोन स्क्रीन प्रोटेक्टर को BIS (Bureau of Indian Standards) के अनिवार्य पंजीकरण ढांचे में शामिल कर दिया है। यह नियम 1 अप्रैल 2027 से लागू होगा।
इसका सीधा मतलब है कि तय मानकों को पूरा नहीं करने वाले स्क्रीन गार्ड को भारत में बनाने, आयात करने, बिक्री के लिए रखने या बेचने की अनुमति नहीं होगी। सरकार का यह कदम बाजार में बिकने वाले कम गुणवत्ता वाले स्क्रीन प्रोटेक्टर पर लगाम लगाने और उपभोक्ताओं को बेहतर गुणवत्ता वाला उत्पाद उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उठाया गया है।
21 सितंबर को जारी हुआ नोटिफिकेशन
MeitY ने 21 सितंबर 2026 को Electronics and Information Technology Goods (Requirement of Compulsory Registration) Order, 2021 में संशोधन किया। इसके तहत ‘Screen Protectors for Smartphones’ को अनिवार्य पंजीकरण वाली वस्तुओं की सूची में शामिल किया गया है।
यह इस सूची में शामिल होने वाला 66वां उत्पाद है। इससे पहले स्मार्टफोन, लैपटॉप, मोबाइल और लैपटॉप चार्जर, एलईडी टीवी और प्रिंटर जैसे इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों को भी संबंधित भारतीय मानकों के दायरे में लाया जा चुका है।
1 अप्रैल 2027 से क्या बदलेगा?
नए नियम के तहत 1 अप्रैल 2027 से भारत में बेचे जाने वाले स्मार्टफोन स्क्रीन प्रोटेक्टर के लिए BIS अनुपालन जरूरी होगा। संबंधित उत्पाद को भारतीय मानक IS 19348:2025 के अनुरूप होना होगा।
यानी अभी से तुरंत सभी स्क्रीन गार्ड बाजार से हटाए नहीं जा रहे हैं। निर्माताओं और आयातकों को नए नियमों के मुताबिक तैयारी करने के लिए समय दिया गया है। तय तारीख के बाद गैर-अनुपालन वाले उत्पादों पर नियम लागू होंगे।
स्क्रीन गार्ड में किन चीजों की होगी जांच?
IS 19348:2025 में स्क्रीन प्रोटेक्टर की गुणवत्ता से जुड़े कई पहलुओं को शामिल किया गया है। इनमें मुख्य रूप से:
- ग्लास की गुणवत्ता
- स्क्रीन प्रोटेक्टर की मोटाई और आकार
- मजबूती और टिकाऊपन
- प्रकाश का ट्रांसमिशन और ऑप्टिकल क्लैरिटी
- ग्लास की सतह से जुड़े दोष
- अतिरिक्त कोटिंग और फीचर्स
- पैकेजिंग से जुड़ी जानकारी
शामिल हैं।
इसके अलावा एंटी-ग्लेयर, ओलेओफोबिक कोटिंग, ब्लू-लाइट फिल्टर और प्राइवेसी फिल्म जैसे अतिरिक्त फीचर्स वाले स्क्रीन प्रोटेक्टर को भी संबंधित आवश्यकताओं का पालन करना होगा।
पैकेट पर भी देनी होगी जरूरी जानकारी
नए मानकों के तहत स्क्रीन प्रोटेक्टर की पैकेजिंग पर भी महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध करानी होगी। इसमें निर्माता का नाम, बैच नंबर और प्रोडक्ट की मोटाई जैसी जानकारी शामिल होगी। अनुपालन करने वाले उत्पाद पर निर्धारित BIS ‘Standard’ मार्क भी दिखाई देगा।
इससे ग्राहकों के लिए स्क्रीन गार्ड खरीदते समय उत्पाद की गुणवत्ता और मानक से जुड़ी जानकारी को समझना आसान हो सकता है।
ग्राहकों पर क्या होगा असर?
भारत में स्क्रीन गार्ड और टेम्पर्ड ग्लास का बाजार काफी बड़ा है और इसमें अलग-अलग कीमत और गुणवत्ता वाले उत्पाद उपलब्ध हैं। नए नियम लागू होने के बाद बाजार में उपलब्ध स्क्रीन प्रोटेक्टर के लिए निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पालन जरूरी होगा।
हालांकि, सरकारी नोटिफिकेशन में खुदरा कीमतों में बढ़ोतरी की कोई निश्चित बात नहीं कही गई है। कारोबारियों के लिए टेस्टिंग और BIS अनुपालन की लागत बढ़ सकती है, जिसका असर भविष्य में कुछ उत्पादों की कीमतों पर पड़ सकता है, लेकिन इसकी मात्रा अभी स्पष्ट नहीं है।
घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को मिल सकता है बढ़ावा
उद्योग संगठनों ने इस फैसले को घरेलू विनिर्माण के लिए महत्वपूर्ण बताया है। ICEA के अनुसार, भारत में हर साल लगभग 500 मिलियन स्क्रीन प्रोटेक्टर की खपत होती है और मौजूदा मांग का बड़ा हिस्सा कम लागत वाले आयात से पूरा होता है। संगठन का अनुमान है कि अनिवार्य गुणवत्ता मानक इस क्षेत्र में घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा दे सकते हैं।
ICEA ने अनुमान लगाया है कि यह कदम 12,000 से 16,000 करोड़ रुपये की गुणवत्ता-केंद्रित इंडस्ट्री को बढ़ावा दे सकता है और करीब 60,000 प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा कर सकता है। ये आंकड़े उद्योग संगठन के अनुमान हैं, सरकारी गारंटी नहीं।
क्या अभी से BIS वाला स्क्रीन गार्ड खरीदना जरूरी है?
नहीं। नया अनिवार्य नियम 1 अप्रैल 2027 से लागू होगा। फिलहाल कंपनियों और आयातकों के पास नए मानकों के अनुरूप अपने उत्पाद और प्रक्रियाएं तैयार करने का समय है। नियम लागू होने के बाद गैर-अनुपालन वाले स्क्रीन प्रोटेक्टर के निर्माण, आयात और बिक्री पर रोक से जुड़े प्रावधान प्रभावी होंगे।
क्यों महत्वपूर्ण है सरकार का यह फैसला?
स्क्रीन प्रोटेक्टर स्मार्टफोन का एक सामान्य एक्सेसरी है, लेकिन बाजार में इसकी गुणवत्ता को लेकर काफी अंतर देखने को मिलता है। नए BIS मानक के बाद कंपनियों को निर्धारित तकनीकी और गुणवत्ता आवश्यकताओं का पालन करना होगा।
सरकार के इस कदम से एक तरफ उपभोक्ताओं को निर्धारित मानकों वाले उत्पाद मिलने की उम्मीद है, वहीं दूसरी तरफ घरेलू कंपनियों के लिए स्क्रीन प्रोटेक्टर निर्माण के क्षेत्र में अवसर बढ़ सकते हैं।
1 अप्रैल 2027 से स्मार्टफोन स्क्रीन गार्ड खरीदने का तरीका बदल सकता है। BIS के अनिवार्य नियम लागू होने के बाद भारत में बिकने वाले स्क्रीन प्रोटेक्टर को IS 19348:2025 के अनुरूप होना पड़ेगा। ग्राहकों के लिए इसका सबसे बड़ा बदलाव यह होगा कि बाजार में उपलब्ध उत्पादों के लिए गुणवत्ता का एक निर्धारित नियामक मानक लागू होगा।