TET: मप्र के डेढ़ लाख शिक्षकों का इम्तहान अक्टूबर में,आवेदन 21 अगस्त से

मध्य प्रदेश के करीब 1.5 लाख शिक्षकों को TET देनी होगी। परीक्षा 12 अक्टूबर से शुरू होगी। ₹1,000 फीस पर विरोध तेज है।

भोपाल।

मध्य प्रदेश के करीब डेढ़ लाख कार्यरत शिक्षकों के सामने अब पात्रता परीक्षा की नई चुनौती है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शिक्षक पात्रता परीक्षा, यानी TET 2026 की तारीख तय हो गई है।

कर्मचारी चयन मंडल ने प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षकों के लिए नियम पुस्तिका जारी कर दी है।

खास बात यह है कि परीक्षा की घोषणा के साथ फीस को लेकर विवाद भी शुरू हो गया है।

शिक्षक संगठन ₹1,000 प्रति प्रश्नपत्र शुल्क का विरोध कर रहे हैं।

संगठन ऑनलाइन परीक्षा के बजाय ऑफलाइन परीक्षा कराने की मांग भी कर रहे हैं।

12 अक्टूबर से शुरू होगी परीक्षा

मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा 12 अक्टूबर 2026 से आयोजित की जाएगी।

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 21 अगस्त 2026 से शुरू होगी।

अभ्यर्थी 4 सितंबर 2026 तक आवेदन जमा कर सकेंगे।

आवेदन में 9 सितंबर 2026 तक संशोधन किया जा सकेगा।

यह परीक्षा 1998 से 2009 के बीच नियुक्त संबंधित शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण होगी।

पात्र शिक्षकों को निर्धारित समय-सीमा में TET उत्तीर्ण करना जरूरी होगा।

150 सवाल, 150 अंक और ढाई घंटे का पेपर

प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा में कुल 150 प्रश्न पूछे जाएंगे।

प्रत्येक प्रश्न एक अंक का होगा।

परीक्षा कुल 150 अंकों की होगी।

अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र हल करने के लिए ढाई घंटे मिलेंगे।

गलत उत्तर देने पर कोई अंक नहीं काटा जाएगा।

माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा में भी यही समय सीमा लागू रहेगी।

यहां भी प्रत्येक प्रश्न एक अंक का होगा।

माध्यमिक परीक्षा में भी नेगेटिव मार्किंग नहीं होगी।

पास होने के लिए कितने अंक जरूरी?

आरक्षित वर्गों के लिए न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक जरूरी होंगे।

इसमें SC, ST, OBC, दिव्यांग और EWS वर्ग शामिल हैं।

अन्य वर्गों के अभ्यर्थियों को कम से कम 60 प्रतिशत अंक लाने होंगे।

पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करने की अंतिम समय-सीमा 31 अगस्त 2028 तय की गई है।

₹1,000 फीस पर शिक्षकों का विरोध

परीक्षा के लिए ₹1,000 प्रति प्रश्नपत्र शुल्क निर्धारित किया गया है।

इसके अलावा पोर्टल और अन्य निर्धारित शुल्क भी देने होंगे।

MP Online पोर्टल से आवेदन करने पर ₹60 पोर्टल शुल्क लगेगा।

रजिस्टर्ड सिटीजन यूजर के जरिए आवेदन करने पर ₹20 शुल्क लगेगा।

आवेदन में पहली बार संशोधन के लिए ₹20 देने होंगे।

अंतिम चरण के संशोधन के लिए ₹40 शुल्क तय किया गया है।

शासकीय शिक्षक संगठन ने इस शुल्क व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।

संगठन का कहना है कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।

ऑफलाइन परीक्षा और अध्ययन अवकाश की मांग

 

शिक्षक संगठन ने परीक्षा शुल्क पूरी तरह माफ करने की मांग की है।

संगठन ऑनलाइन परीक्षा के बजाय ऑफलाइन परीक्षा चाहता है।

शिक्षकों के लिए विशेष अध्ययन अवकाश देने की मांग भी उठाई गई है।

ग्रामीण क्षेत्रों के लिए सुगम परीक्षा केंद्र बनाने की मांग रखी गई है।

संगठन ने पूरी प्रक्रिया को शिक्षक हितैषी बनाने की अपील की है।

किन शिक्षकों को देना होगा TET?

प्राथमिक और माध्यमिक स्तर के निर्धारित श्रेणी के शिक्षक परीक्षा में शामिल होंगे।

इनमें सहायक शिक्षक और प्राथमिक शिक्षक शामिल हैं।

सहायक अध्यापक और संविदा शाला शिक्षक वर्ग-3 भी पात्र हो सकते हैं।

प्रयोगशाला सहायक और प्राथमिक शिक्षक विज्ञान वर्ग भी निर्धारित पात्रता में शामिल हैं।

अन्य संबंधित शिक्षक श्रेणियां भी नियम पुस्तिका के अनुसार परीक्षा दे सकेंगी।

इन 11 शहरों में होंगे परीक्षा केंद्र

TET 2026 के लिए प्रदेश के 11 शहरों में परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे।

परीक्षा भोपाल और इंदौर में आयोजित होगी।

जबलपुर, रीवा, सागर और सतना भी परीक्षा शहरों में शामिल हैं।

सीधी, उज्जैन, रतलाम, नीमच और खंडवा में भी परीक्षा केंद्र होंगे।

परीक्षा केंद्र पर मोबाइल समेत इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बैन

परीक्षा केंद्र में मोबाइल फोन ले जाना प्रतिबंधित रहेगा।

स्मार्ट वॉच और ब्लूटूथ डिवाइस भी प्रतिबंधित रहेंगे।

कैलकुलेटर, ईयरफोन और रिकॉर्डिंग डिवाइस की अनुमति नहीं होगी।

नकल या अनुचित साधनों के इस्तेमाल पर सख्त कार्रवाई हो सकती है।

फर्जी पहचान और दूसरे अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देना भी गंभीर अनियमितता होगी।

दिव्यांग अभ्यर्थियों को मिलेगी विशेष सुविधा

निर्धारित दिव्यांग श्रेणी के अभ्यर्थियों को अतिरिक्त समय मिलेगा।

नियमों के अनुसार लेखन सहायक, यानी Scribe की सुविधा भी उपलब्ध होगी।

इसके लिए निर्धारित शैक्षणिक और प्रशासनिक शर्तों का पालन करना होगा।

एडमिट कार्ड, रिजल्ट और आपत्ति की सुविधा

अभ्यर्थी ESB की वेबसाइट से टेस्ट एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे।

एडमिट कार्ड में केंद्र, समय और परीक्षा संबंधी जानकारी होगी।

परीक्षा के बाद विषयवार मॉडल आंसर भी जारी किए जाएंगे।

अभ्यर्थियों को प्रश्नों और उत्तरों पर आपत्ति दर्ज करने का अवसर मिलेगा।

आपत्तियों पर विषय विशेषज्ञों की समिति निर्णय करेगी।

किसी प्रश्न के निरस्त होने पर अंक निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार दिए जाएंगे।

TET केवल परीक्षा नहीं, शिक्षकों के लिए नई कसौटी

करीब डेढ़ लाख शिक्षकों के लिए यह परीक्षा बड़ी प्रशासनिक प्रक्रिया साबित होगी।

हालांकि, असली चुनौती केवल 150 प्रश्नों तक सीमित नहीं है।

फीस, ऑनलाइन परीक्षा और तैयारी के समय को लेकर शिक्षक संगठन पहले ही सक्रिय हैं।

ऐसे में 12 अक्टूबर की परीक्षा से पहले शिक्षक हितों का मुद्दा भी गरमा सकता है।