हॉल नहीं मिला तो फिर सड़क पर उतरेंगे ‘कॉकरोच’: CJP का ‘जंतर-मंतर सीजन-2’ प्लान

दिल्ली में बैठक के लिए हॉल नहीं मिलने का दावा करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी ने फिर जंतर-मंतर जाने के संकेत दिए हैं। NEET आंदोलन के बाद CJP अब देशभर में लिसनिंग टूर और शिक्षा अभियान शुरू करने की तैयारी में है।

नई दिल्ली।

छात्र आंदोलन से अपनी पहचान बनाने वाली कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) अब एक बार फिर जंतर-मंतर का रुख करने की तैयारी में है।

पार्टी का दावा है कि दिल्ली में वॉलेंटियर्स की बैठक के लिए किराए का हॉल तक नहीं मिल रहा।

इसके बाद पार्टी ने इसे दबाव की राजनीति बताते हुए ‘जंतर-मंतर सीजन-2’ का संकेत दिया है।

पार्टी फाउंडर अभिजीत दीपके का आरोप है कि दिल्ली में बैठक के लिए कई जगह संपर्क किया गया,

लेकिन कोई हॉल देने को तैयार नहीं हुआ।

उनके मुताबिक, कई लोगों ने इसके पीछे “ऊपर से दबाव” होने की बात कही।

बैठक के लिए हॉल नहीं, अब जंतर-मंतर की तैयारी

दीपके ने कहा कि इस तरह की परिस्थितियों से पार्टी पीछे हटने वाली नहीं है।

उन्होंने आरोप लगाया कि इसके पीछे भाजपा का हाथ है।

हालांकि, हॉल उपलब्ध न होने या कथित दबाव के आरोपों पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।

CJP अब इस पूरे घटनाक्रम को संगठन के खिलाफ कथित दबाव के रूप में पेश कर रही है।

पार्टी का कहना है कि यदि बैठक के लिए जगह नहीं मिलती,

तो वह फिर सार्वजनिक प्रदर्शन का रास्ता अपना सकती है।

NEET आंदोलन के बाद फिर एक्टिव होगी CJP?

कॉकरोच जनता पार्टी इससे पहले NEET पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर लंबे धरना-प्रदर्शन से चर्चा में आई थी।

अब पार्टी एक बार फिर छात्र और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को केंद्र में लाने की तैयारी कर रही है।

पार्टी के चीफ स्पोक्सपर्सन सौरव दास के मुताबिक, CJP देशभर में ‘लिसनिंग टूर’ शुरू करेगी।

इस अभियान के जरिए पार्टी लोगों और खासकर युवाओं की समस्याएं सुनने का दावा कर रही है।

स्वतंत्रता दिवस से शिक्षा पर फोकस

CJP का कहना है कि आगामी अभियान में शिक्षा के मुद्दे को प्राथमिकता दी जाएगी।

पार्टी स्वतंत्रता दिवस के आसपास अपने अगले चरण की गतिविधियों को गति देने की तैयारी में है।

यानी NEET आंदोलन के बाद CJP अब सिर्फ एक प्रदर्शन तक सीमित रहने के बजाय खुद को व्यापक जन-अभियान के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रही है।

एक बयान से बनी ‘कॉकरोच जनता पार्टी’

CJP के बनने की कहानी भी काफी अलग है। 15 मई को एक सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत की एक टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर “कॉकरोच” शब्द चर्चा में आया।

इसके अगले दिन अभिजीत दीपके ने कॉकरोच जनता पार्टी के नाम से सोशल मीडिया अकाउंट और वेबसाइट शुरू की।

इसके बाद पार्टी ने ऑनलाइन फॉर्म और डिजिटल कैंपेन के जरिए लोगों को जोड़ना शुरू किया।

शुरुआती दिनों में इसके फॉलोअर्स तेजी से बढ़े। बाद में एक अकाउंट बंद होने के बाद दूसरा अकाउंट बनाया गया।

ऑनलाइन से आंदोलन तक पहुंची पार्टी

CJP ने सोशल मीडिया अभियान के बाद NEET पेपर लीक मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर ऑनलाइन पिटीशन भी शुरू की गई।

पार्टी के मुताबिक, इस अभियान में बड़ी संख्या में लोगों ने समर्थन दर्ज कराया।

अब जंतर-मंतर की संभावित वापसी और देशव्यापी ‘लिसनिंग टूर’ के जरिए CJP एक बार फिर अपनी राजनीतिक और सामाजिक मौजूदगी मजबूत करने की कोशिश में है।