NHAI: हाईवे की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल, 60 फीसदी शिकायतें बढ़ीं; एनएचएआई को बड़ी सर्जरी की जरूरत

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) में बड़ी सर्जरी की जरूरत है, क्योंकि हाईवे की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ चुके हैं। यूपी में कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे के जगह-जगह धंसने की कोई इकलौती घटना नहीं है।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) में बड़ी सर्जरी की जरूरत है, क्योंकि हाईवे की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ चुके हैं। यूपी में कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे के जगह-जगह धंसने की कोई इकलौती घटना नहीं है। महाराष्ट्र, बंगाल, मध्य प्रदेश, ओडिशा व राजस्थान में भी हाईवे की गंभीर रूप से खराब गुणवत्ता के सवाल उठ चुके हैं। स्थिति यह है कि राज्यसभा में रखी गई एक लिखित रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025-26 में राजमार्गों की गुणवत्ता संबंधी शिकायतों में 60 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

एनएचएआई की गुणवत्ता पर सवाल

एनएचएआई में बड़ी सर्जरी की जरूरत है, क्योंकि हाईवे की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ चुके हैं। यूपी में कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे के जगह-जगह धंसने की कोई इकलौती घटना नहीं है। इसके अलावा, महाराष्ट्र, बंगाल, मध्य प्रदेश, ओडिशा व राजस्थान में भी हाईवे की गंभीर रूप से खराब गुणवत्ता के सवाल उठ चुके हैं।

एनएचएआई के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई है। जुलाई में पुणे-बेंगलूरू नेशनल हाईवे (एनएच-24) पर कर्नाटक में निप्पानी शहर के पास दीवार ही ढह गई। इसके बाद एनएचएआई को अपने कई अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी करनी पड़ी।

राज्यसभा रिपोर्ट के मुताबिक 60 प्रतिशत वृद्धि

राज्यसभा में रखी गई एक लिखित रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025-26 में राजमार्गों की गुणवत्ता संबंधी शिकायतों में 60 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसके अलावा, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि हाईवे की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठने के कारण, एनएचएआई को बड़ी सर्जरी की जरूरत है।

हाईवे की गुणवत्ता पर सवाल

हाईवे की गुणवत्ता पर सवाल उठने के कारण, एनएचएआई को बड़ी सर्जरी की जरूरत है। इसके अलावा, राज्यसभा रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2025-26 में राजमार्गों की गुणवत्ता संबंधी शिकायतों में 60 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

  • राज्यसभा रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2025-26 में राजमार्गों की गुणवत्ता संबंधी शिकायतों में 60 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
  • एनएचएआई को बड़ी सर्जरी की जरूरत है, क्योंकि हाईवे की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ चुके हैं।
  • महाराष्ट्र, बंगाल, मध्य प्रदेश, ओडिशा व राजस्थान में भी हाईवे की गंभीर रूप से खराब गुणवत्ता के सवाल उठ चुके हैं।

एनएचएआई की कार्रवाई

एनएचएआई ने अपने अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। इसके अलावा, राज्यसभा रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2025-26 में राजमार्गों की गुणवत्ता संबंधी शिकायतों में 60 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।