अयोध्या : राम मंदिर ट्रस्ट में पहली बार CEO की भर्ती, चढ़ावा विवाद पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

राम मंदिर ट्रस्ट ने पहली बार CEO भर्ती शुरू की है। इसी बीच सुप्रीम कोर्ट ने चढ़ावा चोरी मामले में SIT से रिपोर्ट मांगी, CCTV सुरक्षित रखने के निर्देश दिए और आठों आरोपियों की न्यायिक हिरासत 27 जुलाई तक बढ़ गई।

अयोध्या।

राम मंदिर ट्रस्ट ने पहली बार CEO पद पर भर्ती निकाली है। यह ट्रस्ट के गठन के छह साल बाद पहली नियुक्ति होगी। इसी बीच चढ़ावा चोरी मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है।
इससे ट्रस्ट की कार्यप्रणाली भी चर्चा में आ गई है।

हिंदू अभ्यर्थी ही कर सकेंगे आवेदन

CEO पद के लिए केवल हिंदू अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे। आवेदक की उम्र 50 से 70 वर्ष के बीच होनी चाहिए। इसके लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता स्नातक तय की गई है।
चयनित CEO महासचिव को रिपोर्ट करेंगे। उक्त पद के लिए 18 जुलाई 2026 के शाम 4 बजे तक आवेदन किए जा सकेंगे।

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सुप्रीम कोर्ट ने SIT से रिपोर्ट मांगी

इधर, सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार और ट्रस्ट को नोटिस जारी किया। अदालत ने SIT से जांच की स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। वहीं, CCTV फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।

प्रकरण में अगली सुनवाई 20 जुलाई को होगी।  CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच 4 याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है। इनमें CBI जांच की मांग की गई है। इसके अलावा विशेषज्ञ समिति बनाने की मांग भी अदालत में रखी गई।

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आठों आरोपी 27 जुलाई तक जेल में

दान की रकम हेरफेर मामले में पुलिस ने 8  लोगों को आरोपी बनाया है। कोर्ट ने इनकी न्यायिक हिरासत 27 जुलाई तक बढ़ा दी है। सभी आरोपियों की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कराई गई। पुलिस चार आरोपियों से रिमांड पर पूछताछ कर चुकी है। इन्हें अलग-अलग बैरकों में रखा गया है।

तेज हुईं राजनीतिक और धार्मिक प्रतिक्रियाएं

मंदिर मामले में राजनी​तिक व धार्मिक प्रतिक्रियाएं निरंतर जारी हैं।  हनुमानगढ़ी के महंत राजूदास ने सुप्रीम कोर्ट और SIT जांच का स्वागत किया। उन्होंने निष्पक्ष जांच की उम्मीद जताई। दूसरी ओर फैजाबाद बार एसोसिएशन का रुख भी सख्त है।उसके एक सदस्य ने चंपत व अनिल मिश्रा के खिलाफ FIR कराने की बात कही।

इधर, साध्वी ऋतंभरा ने इसे “भगवान के धन पर गिद्ध दृष्टि” बताया। जबकि शिवसेना (UBT) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। जबकि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद भी इस मामले में मुखर बने हुए हैं।