बाजार में बढ़ती LPG कीमतों पर कांग्रेस का तीखा सवाल: क्यों नहीं BJP नेताओं ने सड़कों पर सिलेंडर लेकर विरोध किया?

कांग्रेस ने मोदी सरकार की LPG कीमत वृद्धि पर तीखा सवाल उठाया, भाजपा नेताओं की सड़कों पर असहयोग की आलोचना की, और ग्रामीण LPG कमी के कारणों को उजागर किया।

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नई दिल्ली: नई दिल्ली में 7 जून 2026 को कांग्रेस अध्यक्ष मलिकरजुन खड़गे ने मोदी सरकार की घरेलू LPG कीमत वृद्धि पर कड़ी टोकरी फेंकी, यह सवाल उठाते हुए कि भाजपा नेता अब सिलेंडर लेकर सड़कों पर क्यों नहीं उतर रहे हैं।

कांग्रेस ने बताया कि दिल्ली में 14.2 किलोग्राम LPG सिलेंडर की कीमत ₹942 तक बढ़ गई, जबकि पीएमयूवाई योजना के तहत लाभार्थियों को अब केवल ₹642 ही देना पड़ रहा है, जो पहले के 9 रिफिल के मुकाबले घटा है।

खड़गे ने सरकार के 41 देशों के साथ ईंधन स्रोत विविधीकरण के वादे को भी प्रश्नांकित किया, यह दर्शाते हुए कि ग्रामीण क्षेत्रों में LPG की कमी अभी भी बनी हुई है।

इन आरोपों के बीच राज्य-स्वामित्व वाली तेल कंपनियों को प्रत्येक सिलेंडर पर लगभग ₹703 का नुकसान हो रहा है, जिससे आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।

यह लेख इस विवाद के विभिन्न आयामों—राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक—को गहराई से विश्लेषित करेगा, साथ ही भविष्य की नीति दिशा पर प्रकाश डालेगा।

कांग्रेस के प्रमुख बयान और LPG कीमतों में हालिया वृद्धि

कांग्रेस अध्यक्ष मलिकरजुन खड़गे का बयान

कांग्रेस ने रविवार को एक विस्तृत पोस्ट में मोदी सरकार की LPG कीमत वृद्धि को ‘सामान्य जनता के रसोईघरों को ध्वस्त करने’ वाली नीति कहा, और पूछा कि भाजपा नेता अब सिलेंडर लेकर सड़कों पर क्यों नहीं उतर रहे हैं, जैसा कि उन्होंने यूपीए काल में किया था।

वर्तमान LPG मूल्य वृद्धि का विवरण

दिल्ली में 14.2 kg घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत ₹913 से बढ़कर ₹942 हो गई, जबकि पीएमयूवाई लाभार्थियों को अब केवल ₹642 ही देना पड़ रहा है, जिससे कुल चार रिफिल पर ₹300 की सब्सिडी घट गई। यह वृद्धि मार्च 7 को हुए ₹60 की पहली बढ़ोतरी के बाद कुल ₹89 की बढ़ोतरी बनाती है।

मोदी सरकार के ईंधन विविधीकरण वादे और उनकी वास्तविकता

पार्लियामेंट में 41 देशों के साथ ईंधन स्रोत विविधीकरण का वादा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में कहा था कि पश्चिम एशिया के संघर्ष के जवाब में भारत 41 देशों के साथ ईंधन स्रोतों को विविधीकृत करेगा, जिससे LPG जैसी घरेलू ईंधन की कीमतों में स्थिरता आएगी।

वास्तविक कार्यान्वयन में अंतर और ग्रामीण LPG कमी

परंतु वास्तविक आंकड़े दिखाते हैं कि 2025‑26 में 5.56 crore परिवारों को एक भी रिफिल नहीं मिली, और 3.30 crore परिवारों ने एक भी सिलेंडर रिफिल नहीं चुना, जिससे स्पष्ट होता है कि नीति का कार्यान्वयन अभी भी कई क्षेत्रों में विफल है।

LPG कीमतों के आँकड़े और आर्थिक प्रभाव

नवीनतम आंकड़े यह दर्शाते हैं कि LPG कीमतों में लगातार बढ़ोतरी ने भारतीय उपभोक्ताओं की खर्च क्षमता पर गहरा असर डाला है, साथ ही राज्य-स्वामित्व वाली तेल कंपनियों को भारी वित्तीय नुकसान झेलना पड़ रहा है।

  • कुल मूल्य वृद्धि: मार्च से अब तक 14.2 kg सिलेंडर पर ₹89 की कुल बढ़ोतरी, जिससे औसत उपभोक्ता का मासिक खर्च लगभग 12 % बढ़ गया।
  • राज्य कंपनियों का नुकसान: प्रत्येक सिलेंडर पर अनुमानित ₹703 का नुकसान, जिससे वर्ष 2026 में कुल अनुमानित घाटा ₹5,200 crore तक पहुंच सकता है।
  • PMUY सब्सिडी में कटौती: पहले 9 रिफिल पर दी जाने वाली सब्सिडी अब केवल 4 रिफिल तक सीमित, जिससे लाभार्थी परिवारों की आर्थिक बोझ में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।

सार्वजनिक प्रतिक्रिया और भविष्य की नीति दिशा

जनमत में बदलाव और विपक्षी दबाव

सोशल मीडिया और स्थानीय बाजारों में जनता ने LPG कीमत वृद्धि के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों की घोषणा की है, जबकि विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को सरकार की आर्थिक नीतियों की विफलता के रूप में उजागर किया है।

आगामी कदम और संभावित समाधान

विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार को सब्सिडी मॉडल का पुनर्समीक्षा, वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों का तेज़ी से विकास, और ग्रामीण वितरण नेटवर्क को सुदृढ़ करने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी कीमत वृद्धि से बचा जा सके।