गोंडा: पूर्व बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने राज्यसभा जाने की अटकलों पर विराम लगाते हुए अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वह राज्यसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे, बल्कि 2029 में गोंडा जिले की किसी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज है।
राज्यसभा की अटकलों पर बृजभूषण ने क्या कहा?
अयोध्या एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में बृजभूषण शरण सिंह से जब राज्यसभा भेजे जाने की चर्चा के बारे में सवाल पूछा गया तो उन्होंने साफ कहा कि उनका राज्यसभा चुनाव लड़ने का इरादा नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्यसभा के लिए उनका नाम किसी नंबर पर नहीं है और वह 2029 में गोंडा जिले की किसी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे।
पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक गलियारों में चर्चा थी कि बीजेपी उन्हें राज्यसभा भेज सकती है। ऐसे में बृजभूषण का यह बयान उनके अगले चुनावी लक्ष्य को लेकर स्पष्ट संकेत देता है।
अखिलेश यादव से रिश्ते पर भी बोले
बृजभूषण शरण सिंह ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के साथ अपने रिश्तों को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि वह अखिलेश यादव के खिलाफ नहीं बोलते और अखिलेश भी उनके खिलाफ नहीं बोलते। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह बीजेपी में हैं, जबकि अखिलेश यादव समाजवादी पार्टी के नेता हैं, लेकिन दोनों के बीच अच्छे व्यक्तिगत संबंध हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि वह पहले समाजवादी पार्टी से सांसद रह चुके हैं और अखिलेश यादव की तारीफ को राजनीतिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।
2029 में किस सीट से लड़ेंगे?
बृजभूषण ने फिलहाल किसी एक लोकसभा सीट का नाम नहीं बताया है। उनका कहना है कि वह गोंडा जिले की किसी लोकसभा सीट से 2029 का चुनाव लड़ेंगे। वह पहले कैसरगंज लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने उनकी जगह उनके बेटे करण भूषण सिंह को कैसरगंज से टिकट दिया था। करण भूषण सिंह ने चुनाव जीतकर लोकसभा में जगह बनाई।
इस बयान के बाद यह सवाल जरूर उठ रहा है कि 2029 में बृजभूषण किस सीट से मैदान में उतरेंगे और उनकी पार्टी क्या होगी। हालांकि, उनके मौजूदा बयान में उन्होंने बीजेपी छोड़ने की कोई घोषणा नहीं की है। उन्होंने खुद कहा है कि वह बीजेपी में हैं।
यूपी की राजनीति में क्यों अहम है बृजभूषण का बयान?
बृजभूषण शरण सिंह उत्तर प्रदेश के गोंडा और आसपास के इलाकों में लंबे समय से सक्रिय राजनीति का हिस्सा रहे हैं। वह छह बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं और कैसरगंज समेत पूर्वी उत्तर प्रदेश की राजनीति में उनका प्रभाव रहा है।
2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने उन्हें टिकट नहीं दिया था और उनकी जगह उनके बेटे करण भूषण सिंह को मैदान में उतारा था। अब 2029 में खुद चुनाव लड़ने की घोषणा ने उनकी राजनीतिक सक्रियता को लेकर चर्चा बढ़ा दी है।
राज्यसभा चुनाव के बीच आया बयान
बृजभूषण का यह बयान ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। कुछ रिपोर्टों में उनके नाम को संभावित उम्मीदवार के तौर पर लेकर अटकलें लगाई गई थीं, लेकिन बृजभूषण ने खुद इन अटकलों को खारिज कर दिया है।
वहीं, समाजवादी पार्टी की ओर से भी बृजभूषण को राज्यसभा भेजे जाने की चर्चाओं पर आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
फिलहाल बीजेपी में ही रहने की बात
अखिलेश यादव के साथ अच्छे रिश्तों को लेकर सवाल उठने के बावजूद बृजभूषण ने अपने राजनीतिक पक्ष को स्पष्ट करते हुए कहा कि वह बीजेपी में हैं और अखिलेश यादव समाजवादी पार्टी के नेता हैं। उन्होंने दोनों के बीच व्यक्तिगत संबंधों को राजनीतिक गठजोड़ से अलग बताया।
इसलिए फिलहाल उनके बयान का सबसे स्पष्ट संदेश यही है कि राज्यसभा चुनाव उनकी प्राथमिकता नहीं है और 2029 में लोकसभा चुनाव लड़ना उनका घोषित लक्ष्य है।