2 अक्टूबर को नहीं ले सकेंगे UPI से पेमेंट? व्यापारियों ने किया ‘No UPI Day’ का ऐलान

व्यापारी संगठनों ने प्रस्तावित 0.40 फीसदी MDR के विरोध में 2 अक्टूबर 2026 को ‘No UPI Day’ मनाने का ऐलान किया है। इस दिन विरोध में कई व्यापारी UPI भुगतान स्वीकार नहीं करने की योजना बना रहे हैं। हालांकि, देशभर में UPI सेवा तकनीकी रूप से बंद रहने की बात नहीं है।

UPI News: देश में डिजिटल पेमेंट को लेकर एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। व्यापारिक संगठनों ने 2 अक्टूबर 2026 को ‘No UPI Day’ मनाने का ऐलान किया है। इसका मतलब यह नहीं है कि उस दिन UPI सिस्टम देशभर में तकनीकी रूप से बंद रहेगा। बल्कि विरोध के तौर पर कई व्यापारी और कारोबारी संगठन दुकानों पर UPI QR कोड, स्कैनर और साउंड बॉक्स को काले कपड़े से ढककर UPI भुगतान स्वीकार नहीं करने की योजना बना रहे हैं।

इस विरोध की मुख्य वजह UPI के कुछ मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर प्रस्तावित 0.40 फीसदी Merchant Discount Rate (MDR) है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत 15 अक्टूबर 2026 से 2,000 रुपये से अधिक के पात्र UPI मर्चेंट पेमेंट पर MDR लागू होना है।

क्या 2 अक्टूबर को UPI पूरी तरह बंद रहेगा?

यह सवाल सबसे ज्यादा चर्चा में है। 2 अक्टूबर को UPI सेवा देशभर में बंद होने की बात नहीं है। व्यापारिक संगठनों का प्रस्तावित ‘No UPI Day’ एक विरोध प्रदर्शन है, जिसमें व्यापारी UPI से भुगतान स्वीकार नहीं करने की बात कह रहे हैं।

विरोध के दौरान QR कोड, UPI स्कैनर और साउंड बॉक्स को काले कपड़े से ढकने की योजना बताई गई है। ऐसे में जिन दुकानदारों ने विरोध में हिस्सा लिया, वहां ग्राहक UPI की जगह नकद या उपलब्ध दूसरे भुगतान माध्यमों का इस्तेमाल कर सकते हैं।

क्यों किया जा रहा है ‘No UPI Day’ का ऐलान?

व्यापारी संगठनों की मुख्य आपत्ति 0.40 फीसदी MDR को लेकर है। प्रस्तावित नियम के मुताबिक 2,000 रुपये से अधिक के पात्र Person-to-Merchant (P2M) UPI ट्रांजैक्शन पर व्यापारी से 0.40 फीसदी शुल्क लिया जाएगा। इस शुल्क की अधिकतम सीमा 300 रुपये बताई गई है।

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व्यापारी संगठनों का कहना है कि कई रिटेल और डिस्ट्रीब्यूशन कारोबार कम मार्जिन पर चलते हैं। ऐसे में डिजिटल भुगतान स्वीकार करने पर अतिरिक्त शुल्क उनकी लागत बढ़ा सकता है।

15 अक्टूबर से क्या बदलेगा?

प्रस्तावित नई व्यवस्था 15 अक्टूबर 2026 से लागू होनी है। इसके तहत पात्र P2M UPI पेमेंट में 2,000 रुपये से अधिक के ट्रांजैक्शन पर 0.40 फीसदी MDR का प्रावधान है, जिसकी सीमा 300 रुपये तक होगी।

हालांकि, हर UPI ट्रांजैक्शन पर यह शुल्क नहीं लगेगा। Person-to-Person (P2P) UPI भुगतान पर शुल्क नहीं होने की बात रिपोर्टों में कही गई है। इसी तरह, प्रति महीने UPI के जरिए 1 लाख रुपये तक प्राप्त करने वाले छोटे विक्रेताओं की एक श्रेणी को भी MDR से छूट दी गई है।

आसान भाषा में समझें

  • 2,000 रुपये तक का पात्र P2M भुगतान: प्रस्तावित MDR लागू नहीं होगा।
  • 2,000 रुपये से ज्यादा का पात्र P2M भुगतान: 0.40% MDR प्रस्तावित।
  • MDR की अधिकतम सीमा: 300 रुपये।
  • P2P भुगतान: शुल्क से बाहर।
  • छोटे विक्रेताओं की निर्धारित P2PM श्रेणी: MDR से छूट।

व्यापारिक संगठनों ने क्या कहा?

महाराष्ट्र चैंबर ऑफ कॉमर्स, इंडस्ट्री एंड एग्रीकल्चर (MACCIA) ने 2 अक्टूबर को ‘No UPI Day’ के आयोजन की घोषणा की है। MACCIA के अध्यक्ष रविंद्र मंगवे के अनुसार, देश के विभिन्न व्यापारिक संगठनों से इस मुद्दे पर बातचीत की गई है और कई संगठन विरोध में शामिल होने की योजना बना रहे हैं।

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रिपोर्टों के मुताबिक, Federation of Retail Traders Welfare Association (FRTWA), All India Consumer Products Distributors Federation (AICPDF), All India Mobile Retailers Association (AIMRA), All India Jewellers and Goldsmiths Federation (AIJGF) और All India Edible Oil Traders Federation (AIEOTF) जैसे संगठन भी इस विरोध का समर्थन कर रहे हैं।

UPI का कितना बड़ा इस्तेमाल होता है?

UPI के जरिए होने वाले मर्चेंट भुगतान का पैमाना काफी बड़ा है। अगस्त 2026 में UPI पर 15.51 अरब P2M ट्रांजैक्शन हुए, जिनकी कुल वैल्यू करीब 8.95 लाख करोड़ रुपये रही। इनमें 2,000 रुपये से अधिक के भुगतान कुल P2M ट्रांजैक्शन वैल्यू के लगभग 67 फीसदी थे।

यही वजह है कि प्रस्तावित MDR को लेकर व्यापारी संगठनों की चिंता खास तौर पर बड़े मूल्य वाले मर्चेंट पेमेंट को लेकर है।

पेट्रोल पंप और दूसरे सेक्टर भी उठा रहे सवाल

UPI MDR को लेकर सिर्फ रिटेल व्यापारी ही नहीं, बल्कि दूसरे कारोबारी क्षेत्रों से भी चिंताएं सामने आई हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारियों ने All India Petroleum Dealers Association के साथ UPI MDR से छूट की मांग पर चर्चा की है।

कैपिटल मार्केट से जुड़े भुगतान को लेकर भी अलग दर का प्रावधान बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, म्यूचुअल फंड, ब्रोकर, डीलर और निवेश सलाहकार जैसी श्रेणियों के भुगतान के लिए 0.02 फीसदी MDR और 300 रुपये की अधिकतम सीमा प्रस्तावित है।

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क्या ग्राहकों को 2 अक्टूबर को परेशानी होगी?

‘No UPI Day’ में हिस्सा लेने वाले व्यापारियों के यहां ग्राहकों को UPI से भुगतान करने में परेशानी हो सकती है, क्योंकि संबंधित दुकानदार QR कोड या UPI डिवाइस का इस्तेमाल बंद रख सकते हैं। हालांकि, यह देशभर में UPI नेटवर्क के बंद होने के बराबर नहीं है

इसलिए 2 अक्टूबर को खरीदारी करने वालों के लिए स्थानीय दुकानदार की भुगतान व्यवस्था पहले से जांचना उपयोगी रहेगा। जहां व्यापारी विरोध में शामिल होंगे, वहां नकद या अन्य उपलब्ध भुगतान विकल्प इस्तेमाल करने पड़ सकते हैं।

आगे क्या होगा?

2 अक्टूबर का ‘No UPI Day’ प्रस्तावित MDR के खिलाफ व्यापारिक संगठनों का विरोध है। संगठनों ने संकेत दिया है कि यदि उनकी चिंताओं पर समाधान नहीं निकलता है तो आगे भी विरोध किया जा सकता है। वहीं, 15 अक्टूबर से प्रस्तावित MDR व्यवस्था लागू होने की बात रिपोर्टों में कही गई है।

2 अक्टूबर को UPI देशभर में बंद होने की खबर को इस अर्थ में नहीं समझना चाहिए कि UPI सिस्टम काम करना बंद कर देगा। व्यापारिक संगठनों ने उस दिन विरोध स्वरूप UPI भुगतान स्वीकार नहीं करने का अभियान घोषित किया है। असली बदलाव 15 अक्टूबर से प्रस्तावित MDR व्यवस्था के लागू होने से जुड़ा है।