नेपाल बाढ़ पर केंद्र की नजर, अमित शाह ने बिहार-यूपी के CM से की बात; NDRF हाई अलर्ट पर

नई दिल्ली। नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ के बाद भारत सरकार ने सीमावर्ती राज्यों में सतर्कता बढ़ा दी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों से बातचीत कर नेपाल में बाढ़ की स्थिति और उसके संभावित असर की जानकारी ली। केंद्र ने प्रभावित हो सकने वाले इलाकों में NDRF समेत राहत और बचाव एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा है।

सरकार के मुताबिक नेपाल की ओर जलस्तर में कमी आने के संकेत हैं और फिलहाल भारत में घबराने जैसी स्थिति नहीं है। इसके बावजूद गंडक नदी के निचले इलाकों समेत सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है।

अमित शाह ने नेपाल की बाढ़ पर जताया दुख

गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में भारत नेपाल के साथ खड़ा है।

केंद्र सरकार ने नेपाल में हालात को देखते हुए मानवीय मदद और भारत के सीमावर्ती इलाकों की सुरक्षा, दोनों पर ध्यान केंद्रित किया है।

बिहार और यूपी के मुख्यमंत्रियों से हुई बातचीत

नेपाल में बाढ़ का असर भारत के कुछ सीमावर्ती क्षेत्रों तक पहुंचने की आशंका के बीच अमित शाह ने बिहार और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों से बात की।

दोनों राज्यों के संवेदनशील इलाकों में प्रशासन को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। राहत और बचाव टीमों के साथ NDRF की तैयारियों की भी समीक्षा की जा रही है, ताकि जलस्तर अचानक बढ़ने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।

गंडक नदी के निचले इलाकों पर खास निगरानी

नेपाल में अचानक बाढ़ आने के बाद भारत में सबसे ज्यादा चिंता गंडक नदी के निचले इलाकों को लेकर है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक नेपाल-चीन सीमा के आसपास अचानक जलस्तर बढ़ने से त्रिशूली नदी में भी पानी का प्रवाह बढ़ा।

इस घटनाक्रम को संभावित ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) से जोड़कर भी देखा जा रहा है। केंद्रीय जल आयोग की निगरानी में नेपाल और भारत के नदी तंत्र से जुड़े जलस्तर पर नजर रखी जा रही है।

सीमा से लगे इलाकों में बढ़ाई गई सतर्कता

बिहार और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। संभावित खतरे वाले क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।

प्रशासन की प्राथमिकता नदी के किनारे रहने वाली आबादी को समय रहते सुरक्षित करना और किसी भी आपात स्थिति में राहत सामग्री तथा बचाव दल उपलब्ध कराना है।

कई केंद्रीय मंत्रालय मिलकर कर रहे निगरानी

नेपाल की बाढ़ से उत्पन्न स्थिति पर गृह मंत्रालय के साथ विदेश मंत्रालय, जल शक्ति मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय भी नजर बनाए हुए हैं।

केंद्रीय जल आयोग से मिलने वाली जानकारी के आधार पर नदी के जलस्तर और संभावित प्रभाव का आकलन किया जा रहा है। सरकार का कहना है कि नेपाल की ओर जलस्तर में गिरावट के संकेत मिलने से फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।

हालांकि, नदियों के जलस्तर में अचानक बदलाव की संभावना को देखते हुए निगरानी जारी रहेगी।

नेपाल में भारतीय नागरिकों को लेकर भी चिंता

नेपाल के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कुछ भारतीय पर्यटकों के लापता होने की खबरों ने भी चिंता बढ़ाई है। ऐसे में विदेश मंत्रालय और काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास भारतीय नागरिकों से संपर्क करने और उन्हें जरूरी सहायता उपलब्ध कराने में जुटे हैं।

भारतीय नागरिक सहायता के लिए दूतावास द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:

भारतीय दूतावास, काठमांडू हेल्पलाइन:
+977 985 131 6807
+977 970 910 7500

फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं, लेकिन अलर्ट जरूरी

नेपाल की बाढ़ के मद्देनजर भारत ने एहतियाती कदम तेज कर दिए हैं। केंद्र और राज्य सरकारें संभावित बाढ़ के खतरे वाले इलाकों में स्थिति पर नजर रख रही हैं।

फिलहाल सरकार के अनुसार नेपाल की ओर जलस्तर कम हो रहा है और भारत में तत्काल किसी बड़े खतरे की स्थिति नहीं है। फिर भी गंडक और अन्य संबंधित नदियों के आसपास रहने वाले लोगों को प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और सतर्क रहने की सलाह दी गई है।