प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फ्रांस‑स्लोवाकिया यात्रा: आर्थिक‑सांस्कृतिक साझेदारी को नई ऊँचाइयों पर ले जाना

नई दिल्ली से रवाना होकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस और स्लोवाकिया की ओर एक ऐतिहासिक यात्रा शुरू की, जिसका उद्देश्य आर्थिक, तकनीकी और सांस्कृतिक बंधनों को गहरा करना है। फ्रांस में नाइस में ‘भारत इनोवेट्स’ का उद्घाटन, स्लोवाकिया में प्रथम भारतीय प्रधानमंत्री का राज्य दौरा और आगे के G7 शिखर सम्मेलन में भारत की सक्रिय भागीदारी, सभी पहलुओं को एक साथ जोड़ते हुए भारत‑यूरोप संबंधों को नई दिशा दे रहे हैं। इस यात्रा में दो देशों के नेताओं के साथ रणनीतिक वार्ताएँ, स्टार्ट‑अप इकोसिस्टम का विस्तार और भारतीय प्रवासी समुदाय के साथ संवाद शामिल हैं, जो वैश्विक दक्षिण के लिए भारत की आवाज़ को और सशक्त बनाते हैं।

फ्रांस में प्रधानमंत्री मोदी की द्विपक्षीय बैठकें और ‘भारत इनोवेट्स’ उद्घाटन

नाइस में प्रमुख कार्यक्रम और रणनीतिक साझेदारी

नाइस में 14 जून को प्रधानमंत्री मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैन्युअल मैक्रॉन के साथ मिलकर ‘भारत इनोवेट्स’ का भव्य उद्घाटन किया। इस मंच का उद्देश्य भारत के सबसे आशाजनक स्टार्ट‑अप्स को वैश्विक निवेशकों से जोड़ना और उच्च शिक्षा संस्थानों की नवाचार क्षमताओं को तेज़ी से आगे बढ़ाना है। उद्घाटन समारोह में दोनों देशों के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रियों ने सहयोग के नए क्षेत्रों पर प्रकाश डाला, जिसमें क्वांटम कंप्यूटिंग, हरित ऊर्जा और स्वास्थ्य‑तकनीक प्रमुख हैं।

भाषण और भविष्य की दिशा

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि फ्रांस भारत की रणनीतिक दृष्टि में विशेष स्थान रखता है और दोनों देशों ने फरवरी 2024 में विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को सुदृढ़ किया था। उन्होंने दोनो देशों के बीच व्यापारिक बाधाओं को हटाने, डिजिटल कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने और पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान में सहयोग को तेज़ करने की प्रतिबद्धता दोहराई। इस मंच के माध्यम से भारत‑फ्रांस नवाचार वर्ष को नई ऊर्जा मिली, जिससे यूरोपीय निवेशकों को भारतीय तकनीकी उद्यमों में विश्वास बढ़ा।

स्लोवाकिया में प्रथम भारतीय प्रधानमंत्री का राज्य दौरा

ब्रातिस्लावा में राजनयिक वार्ता और रणनीतिक समझौते

नाइस से निकलते ही प्रधानमंत्री मोदी ने 14‑15 जून को स्लोवाकिया के राष्ट्रपति मारियो पेल्लेग्रिनी और प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के साथ ब्रातिस्लावा में विस्तृत द्विपक्षीय वार्ता की। इन बैठकों में यूरोपीय संघ के साथ भारत‑EU मुक्त व्यापार समझौते के कार्यान्वयन को तेज़ करने, डिजिटल सेवा विनिमय को सरल बनाने और सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सहयोगी ढांचा तैयार करने पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने नई ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन और कृषि प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं की घोषणा की।

आर्थिक सहयोग और यूरोपीय संघ के साथ संबंध

प्रधानमंत्री मोदी ने स्लोवाकिया के प्रमुख उद्योगपतियों से मुलाकात कर भारतीय निर्यातकों के लिए नए बाजारों के द्वार खोले। उन्होंने कहा कि स्लोवाकिया, जो यूरोपीय संघ का सक्रिय सदस्य है, भारत के लिए एक रणनीतिक प्रवेश बिंदु बन सकता है, विशेषकर औद्योगिक उत्पादन, सूचना‑प्रौद्योगिकी और स्वास्थ्य‑सेवा सेवाओं में। इस दौरे को भारत‑EU रणनीतिक साझेदारी को सुदृढ़ करने का एक महत्वपूर्ण कदम माना गया, जिससे दोनों महाद्वीपों के बीच व्यापारिक वॉल्यूम में अगले पाँच वर्षों में 30% की वृद्धि की संभावना है।

आंकड़े और प्रमुख बिंदु: यूरोपीय साझेदारी में भारत की नई दिशा

प्रधानमंत्री मोदी की इस यूरोपीय यात्रा ने कई मापनीय संकेतक प्रस्तुत किए हैं, जो भारत‑यूरोप आर्थिक और तकनीकी सहयोग के विस्तार को दर्शाते हैं। नीचे प्रमुख आँकड़े और तथ्य प्रस्तुत किए गए हैं:

  • व्यापार वृद्धि: भारत‑EU द्विपक्षीय व्यापार 2023‑24 में $115 बिलियन तक पहुँच गया, और अगले दो वर्षों में 20% की अतिरिक्त वृद्धि की उम्मीद है।
  • निवेश प्रवाह: ‘भारत इनोवेट्स’ के बाद यूरोपीय वेंचर कैपिटल निवेश में 45% की वृद्धि दर्ज की गई, जिससे भारतीय स्टार्ट‑अप्स को $2.8 बिलियन की नई फंडिंग मिली।
  • प्रौद्योगिकी सहयोग: फ्रांस और स्लोवाकिया के साथ संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं की संख्या 2022 में 12 थी, जो अब 2026 में 28 तक बढ़ गई है।

जनमत, सांस्कृतिक आदान‑प्रदान और भविष्य की दृष्टि

सार्वजनिक प्रतिक्रिया और भारतीय प्रवासी समुदाय

फ्रांस के पेरिस में भारतीय प्रवासी समुदाय ने प्रधानमंत्री के आगमन को उत्सव के रूप में मनाया, जहाँ सांस्कृतिक कार्यक्रम, भारतीय संगीत और पाक कला का प्रदर्शन हुआ। सोशल मीडिया पर #ModiInEurope हैशटैग ने 2 मिलियन से अधिक उल्लेख प्राप्त किए, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि भारतीय जनसमुदाय इस यात्रा को राष्ट्रीय गौरव मानता है। स्थानीय फ्रांसीसी मीडिया ने भी भारत की नवाचार क्षमता को यूरोपीय बाजार में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में सराहा।

दीर्घकालिक रणनीतिक प्रभाव और अगले कदम

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस दौरे के बाद भारत‑यूरोप सहयोग का विस्तार केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और शैक्षिक क्षेत्रों में भी होगा। आगामी महीनों में फ्रांस‑भारत छात्रवृत्ति कार्यक्रम, स्लोवाकिया‑भारत सांस्कृतिक महोत्सव और यूरोपीय संघ के साथ नई डिजिटल नियामक फ्रेमवर्क पर चर्चा की जाएगी। यह व्यापक दृष्टिकोण भारत को वैश्विक दक्षिण के लिए एक प्रमुख आवाज़ बनाते हुए, यूरोपीय गठबंधन में उसकी रणनीतिक स्थिति को और सुदृढ़ करेगा।

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