BRICS 2026: ब्रिक्स नेताओं ने देखी भारत की टेक ताकत, भारत मंडपम में डीप-टेक इनोवेशन ने खींचा ध्यान

भारत मंडपम में पीएम मोदी ने ब्रिक्स नेताओं के साथ भारत इनोवेट्स एक्सपो का दौरा किया। 37 डीप-टेक स्टार्टअप्स ने भारतीय तकनीक और इनोवेशन की ताकत दिखाई।

नई दिल्ली: 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान भारत ने अपनी बढ़ती तकनीकी और नवाचार क्षमता की मजबूत झलक दुनिया के सामने रखी। शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स देशों के नेताओं के साथ नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित ‘भारत इनोवेट्स एक्सपो‍जिशन’ का दौरा किया। प्रदर्शनी में भारतीय डीप-टेक स्टार्टअप्स, शोध संस्थानों और उच्च शिक्षा से जुड़े नवाचारों को प्रदर्शित किया गया।

प्रधानमंत्री मोदी ने प्रदर्शनी के दौरे की तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा कीं। उन्होंने भारतीय युवाओं की ऊर्जा और तकनीकी क्षेत्र में उनके योगदान की सराहना करते हुए भारत के इनोवेशन को वैश्विक समस्याओं के समाधान से जोड़ने पर जोर दिया।

इस दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन समेत ब्रिक्स के अन्य नेताओं ने भी प्रधानमंत्री मोदी के साथ प्रदर्शनी का अवलोकन किया। अलग-अलग क्षेत्रों में विकसित भारतीय तकनीकों और नए प्रयोगों ने कार्यक्रम को खास बनाया।

37 डीप-टेक स्टार्टअप्स ने पेश की अपनी तकनीक

भारत मंडपम में आयोजित इस दो दिवसीय एक्सपो‍जिशन में 37 भारतीय डीप-टेक स्टार्टअप्स हिस्सा ले रहे हैं। इन स्टार्टअप्स का चयन उन 120 भारतीय स्टार्टअप्स के समूह में से किया गया है, जिन्होंने जून 2026 में फ्रांस के नीस में आयोजित भारत इनोवेट्स कार्यक्रम में भाग लिया था।

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भारत इनोवेट्स पहल का उद्देश्य देश के उच्च शिक्षा संस्थानों, रिसर्च सेंटरों और स्टार्टअप इकोसिस्टम से निकलने वाली तकनीकों को अंतरराष्ट्रीय मंच उपलब्ध कराना है। इसके जरिए भारतीय इनोवेटर्स को वैश्विक कंपनियों, निवेशकों, इनक्यूबेटर्स, विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

वैश्विक साझेदारी पर भारत का जोर

शिक्षा मंत्रालय ने विदेश मंत्रालय के सहयोग से इस प्रदर्शनी का आयोजन किया है। इसका फोकस केवल भारतीय तकनीकों को प्रदर्शित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि लंबे समय के लिए वैश्विक सहयोग और साझेदारी के अवसर तैयार करना भी है।

इस पहल के माध्यम से स्टार्टअप्स के साथ-साथ विश्वविद्यालयों, प्रयोगशालाओं और रिसर्च पार्कों को अंतरराष्ट्रीय निवेश और सहयोग से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता की थीम ‘लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास के लिए निर्माण’ से भी इस आयोजन का सीधा संबंध है।

गाला डिनर में दिखी भारत की सांस्कृतिक विविधता

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान शनिवार शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेशी नेताओं के सम्मान में भारत मंडपम में भव्य गाला डिनर का आयोजन किया। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट टोकायेव, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी समेत कई प्रमुख हस्तियां इसमें शामिल हुईं।

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डिनर के लिए विशेष वीगन मेन्यू तैयार किया गया, जिसमें भारत की विविध खान-पान परंपराओं के साथ पर्यावरण और जिम्मेदार मेहमाननवाजी की भावना को भी शामिल किया गया।

कार्यक्रम में ‘नवरसा – साझा भावनाओं का ब्रह्मांड’ नाम से सांस्कृतिक प्रस्तुति हुई। इसके अलावा ‘वन रिदम, मेनी कल्चर्स’ नाम की ब्रिक्स सिम्फनी ने अलग-अलग देशों के संगीत और वाद्य परंपराओं को एक मंच पर पेश किया। इस तरह भारत मंडपम में आयोजित कार्यक्रम ने तकनीकी ताकत के साथ भारत की सांस्कृतिक विविधता और वैश्विक सहयोग की भावना को भी प्रदर्शित किया।