लिव-इन कपल ने बेचा अपना बच्चा,खरीदे गहने,स्मार्ट फोन,पुलिस ने बचाया

छत्रपति संभाजीनगर में लिव-इन कपल पर दो महीने के बच्चे को 1.20 लाख रुपये में बेचने का आरोप है। पुलिस ने जांच के बाद मासूम को बरामद कर सात आरोपियों को गिरफ्तार किया।

छत्रपति संभाजीनगर।

महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में बच्चे की कथित

खरीद-फरोख्त का चौंकाने वाला मामला सामने आया है।

पुलिस के मुताबिक, लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे एक दंपती ने

अपने करीब एक महीने के बच्चे को 1.20 लाख रुपये में दे दिया।

इसके बाद मासूम को महाराष्ट्र से तेलंगाना तक कई लोगों के बीच बेचा गया।

पुलिस ने बच्चे को बरामद कर लिया है और मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

48 घंटे में चार हाथों तक पहुंचा मासूम

पुलिस की जांच के अनुसार, बच्चे का जन्म 5 जुलाई 2026 को

छत्रपति संभाजीनगर के सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में हुआ था।

माता-पिता करीब दो-तीन साल से लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे।

जांच में सामने आया कि बच्चे की मां ने कथित तौर पर उसे बेचने में मदद के लिए

अपनी एक सहकर्मी से संपर्क किया।

इसके बाद बच्चे को दूसरे लोगों तक पहुंचाया गया।

करीब एक महीने बाद बच्चे को 1.20 लाख रुपये में सीमा रेशवाल को सौंपे जाने का आरोप है।

इसके बाद सौदा लगातार आगे बढ़ता गया।

सीमा ने बच्चे को अपनी रिश्तेदार संगीता आव्हाड को कथित तौर पर 2.70 लाख रुपये में दिया।

इसके बाद बच्चा नांदेड़ पहुंचा। वहां से उसे तेलंगाना ले जाया गया।

पुलिस के मुताबिक, अगला सौदा 3.50 लाख रुपये में हुआ।

माता-पिता ने पैसे से खरीदा फोन और गहने

पुलिस के मुताबिक, बच्चे को बेचकर मिले 1.20 लाख रुपये में से माता-पिता ने

करीब 25 हजार रुपये का स्मार्टफोन और 62 हजार रुपये के सोने के गहने खरीदे।

जांच के दौरान पुलिस ने फोन और गहने बरामद कर लिए हैं।

मां ने बाद में दर्ज कराई बच्चे के अपहरण की शिकायत

मामला तब सामने आया जब पुलिस को बच्चे की बिक्री की सूचना मिली।

पुलिस ने बच्चे की मां से पूछताछ की।

इसके बाद 20 सितंबर को उसने बच्चे के अपहरण की शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने मामले की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं।

जांच आगे बढ़ी तो कथित बिक्री और बच्चे के अलग-अलग लोगों तक पहुंचने की जानकारी सामने आई।

तेलंगाना से पुलिस ने बच्चे को बरामद किया

पुलिस के मुताबिक, बच्चा आखिरकार तेलंगाना के हैदराबाद क्षेत्र तक पहुंच गया था।

इसके बाद उसे छत्रपति संभाजीनगर लाया गया।

रविवार को संबंधित लोगों ने बच्चे को मुकुंदवाड़ी पुलिस स्टेशन में सौंप दिया।

बच्चे को बाल कल्याण समिति (CWC) के सामने पेश किया गया।

समिति के निर्देश पर उसे संरक्षण और पुनर्वास के लिए अधिकृत बाल देखभाल संस्था साकार की देखरेख में रखा गया है।

सात आरोपी गिरफ्तार

इस मामले में पुलिस ने माता-पिता समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों में बच्चे को पहले लेने वाली महिला और बाद में उसे अलग-अलग लोगों तक पहुंचाने वाले लोग शामिल हैं।

सभी आरोपी फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं।

अंतरराज्यीय नेटवर्क की भी जांच

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि मामला केवल इस बच्चे की खरीद-फरोख्त तक सीमित है

या इसके पीछे कोई बड़ा अंतरराज्यीय बाल तस्करी नेटवर्क सक्रिय है।

मामले में महाराष्ट्र और तेलंगाना के बीच बच्चे की आवाजाही सामने आने के कारण जांच का दायरा बढ़ाया गया है।

 किन धाराओं में केस?

मुकुंदवाड़ी पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के साथ

Juvenile Justice Act की धारा 81 के तहत मामला दर्ज किया है।

पुलिस आगे की जांच कर रही है।

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