ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों के लिए जरूरी खबर है। भारतीय रेलवे ने रात के समय मोबाइल चार्जिंग पॉइंट बंद रखने के निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा है। रेलवे बोर्ड के निर्देश के मुताबिक, रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक ट्रेनों के कोच में लगे चार्जिंग पॉइंट बंद रखे जाएंगे। इस दौरान किसी भी तरह की छूट नहीं देने को कहा गया है।
रेलवे का यह कदम यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर उठाया गया है। हाल ही में दक्षिण पूर्व रेलवे के अंतर्गत मुंबई-हावड़ा मेल में चार्जिंग के दौरान एक यात्री का पावर बैंक फटने की घटना सामने आई थी। इसके बाद रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे को रात में चार्जिंग पॉइंट बंद रखने के नियम का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए।
पावर बैंक फटने की घटना के बाद रेलवे सख्त
रिपोर्ट के मुताबिक, 25 अक्टूबर को ट्रेन संख्या 12809 मुंबई-हावड़ा मेल के बी-3 कोच में चार्जिंग के दौरान एक यात्री का पावर बैंक फट गया था। यह घटना ओडिशा के बंडामुंडा के पास हुई। घटना के बाद ट्रेन में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की चार्जिंग से जुड़े सुरक्षा इंतजामों पर फिर ध्यान दिया गया।
रेलवे बोर्ड ने सभी क्षेत्रीय रेलवे को निर्देश दिया है कि रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक कोचों के चार्जिंग पॉइंट अनिवार्य रूप से बंद रखे जाएं। संबंधित कर्मचारियों को इस व्यवस्था का पालन सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट निर्देश देने को कहा गया है।
सभी जोनल रेलवे को निर्देश, नहीं मिलेगी छूट
रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे को निर्धारित समय में चार्जिंग पॉइंट बंद रखने के निर्देशों का पालन कराने को कहा है। इसके लिए संबंधित ऑनबोर्ड कर्मचारियों को जरूरी जानकारी और प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया गया है।
अधिकारियों और पर्यवेक्षकों को औचक निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ट्रेनों में रात के समय चार्जिंग पॉइंट बंद रखे जा रहे हैं। रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि इस व्यवस्था में किसी भी तरह की छूट नहीं दी जानी चाहिए।
पहली बार नहीं लिया गया ऐसा फैसला
ट्रेनों में रात के समय चार्जिंग पॉइंट बंद रखने के निर्देश पहले भी जारी किए जा चुके हैं। रेलवे बोर्ड ने 19 जून 2014 को भी रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक चार्जिंग पॉइंट बंद रखने के संबंध में निर्देश दिए थे। मार्च 2021 में भी रेलवे ने आग लगने की घटनाओं के मद्देनजर इस व्यवस्था को दोबारा लागू करने पर जोर दिया था।
रात के समय यात्री अक्सर मोबाइल फोन और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण चार्जिंग पर लगाकर सो जाते हैं। ऐसी स्थिति में उपकरण के ज्यादा गर्म होने, बैटरी में खराबी या बिजली से जुड़ी समस्या का तुरंत पता लगाना मुश्किल हो सकता है। चार्जिंग पॉइंट बंद रखने का उद्देश्य ऐसे जोखिमों को कम करना और यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाना है।
ट्रेन में सफर करने वाले यात्री क्या करें?
अगर आप रात में ट्रेन से यात्रा कर रहे हैं, तो कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है:
- यात्रा शुरू करने से पहले मोबाइल फोन और जरूरी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण चार्ज कर लें।
- रात 11 बजे से सुबह 5 बजे के बीच ट्रेन के चार्जिंग पॉइंट उपलब्ध रहने पर निर्भर न रहें।
- पावर बैंक या मोबाइल असामान्य रूप से गर्म हो, उसमें से धुआं निकले या जलने जैसी गंध आए, तो उसका इस्तेमाल बंद कर दें।
- किसी भी तरह की संदिग्ध स्थिति में तुरंत ट्रेन के स्टाफ को सूचना दें।
- क्षतिग्रस्त चार्जर, केबल या पावर बैंक का इस्तेमाल करने से बचें।
रेलवे का उद्देश्य रात के समय चार्जिंग से जुड़ी संभावित दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करना है। इसलिए यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे यात्रा की तैयारी पहले से करें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।