कोरोना काल में कर्ज लेकर किस्‍त जमा करना भूले, NPA से परेशान बैंक अब भेज रहे नोटिस

 फिरोजाबाद
 
कोरोना काल में बंद पड़े कारोबार को फिर से चलाने के लिए सरकार ने स्वनिधि के तहत दस-दस हजार रुपये बांटे। कोरोना के बाद धंधे फिर से शुरू हो गए। ठेल भी लगने लगीं, लेकिन स्वनिधि के तहत ऋण ले गए 70 फीसद के करीब कर्जदार किस्‍त जमा ही नहीं कर रहे। खाते एनपीए हो रहे हैं तो बैंक प्रशासन परेशान हैं। ऐसे खाता धारकों को अब नोटिस भी भेजे जा रहे हैं। कोरोना काल के बाद सरकार ने रेहड़ी, खोमचे और ठेले वालों के कारोबार को फिर से शुरू करने के लिए स्वनिधि योजना चलाई। लाभ लेने लंबी लाइनें लग गईं। नगर निगम से लेकर बैंकों तक में भीड़ थी। ऋण लेने के लिए हर रोज चक्कर काटने वालों ने दस हजार मिलने के बाद में किश्त भरने के लिए एक बार भी बैंक की तरफ नहीं देखा।

कहीं 50 फीसद तो कहीं 80 फीसद घर बैठे

हिन्दुस्तान ने कई बैंकों में जाकर पड़ताल की तो आंकड़े चौंकाने वाले थे। भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा में प्रबंधक ने बताया कि 3800 ऋण बांटे गए हैं, 80 फीसद में धन की वापसी नहीं हो रही। इंडियन बैंक की बात करें तो यहां पर 130 के करीब स्वनिधि ऋण का वितरण किया। बैंक अधिकारी श्याम बहादुर की मानें तो 20 से 25 फीसद ही धनराशि वापस कर रहे हैं। पीएनबी में जाने पर पता चला कि 500 को ऋण दिया था। इसमें से 80 फीसद भी ऋण वापसी नहीं कर रहे हैं। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के अधिकारियों की मानें तो 50 से 60 फीसद से ज्यादा लोग किस्त जमा नहीं कर रहे।

 

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