गुना: टेकरी सरकार मंदिर में प्राचीन शिवलिंग रहेगा यथावत , ट्रस्ट ने अफवाहों पर लगाया विराम

"टेकरी सरकार मंदिर में यथावत रहेगा प्राचीन शिवलिंग, ट्रस्ट ने अफवाहों पर लगाया विराम शिव पंचायत मंदिर का होगा निर्माण, महाभारतकालीन शिवलिंग से नहीं होगी कोई छेड़छाड़।"

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गुना | शिवकुमार जोगी

गुना के ऐतिहासिक और आस्था के प्रमुख केंद्र टेकरी सरकार मंदिर में स्थापित प्राचीन शिवलिंग को लेकर पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और शहर में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही थीं।

अफवाहें फैलाई जा रही थीं कि मंदिर ट्रस्ट प्राचीन शिवलिंग को हटाकर उसकी जगह नई शिव पंचायत प्रतिमा स्थापित करने जा रहा है। इन चर्चाओं के चलते श्रद्धालुओं और आमजन के बीच भी असमंजस की स्थिति बनी हुई थी।

हालांकि, अब मंदिर ट्रस्ट ने इन सभी अटकलों पर पूर्ण विराम लगा दिया है। बुधवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में ट्रस्ट पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्राचीन शिवलिंग अपने मूल स्थान पर यथावत रहेगा और उससे किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की जाएगी।

श्रद्धालुओं को मिलेगा नया शिव पंचायत मंदिर

मंदिर ट्रस्ट के अनुसार श्रद्धालुओं की सुविधा और धार्मिक गतिविधियों के विस्तार को ध्यान में रखते हुए परिसर में एक नवीन शिव पंचायत मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। यह नया मंदिर प्राचीन शिवलिंग से अलग होगा और श्रद्धालु दोनों स्थलों पर दर्शन-पूजन कर सकेंगे।

ट्रस्ट ने कहा कि मंदिर के विकास कार्यों को लेकर फैलाई जा रही भ्रामक जानकारियों का वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है।

महाभारतकालीन आस्था का केंद्र है टेकरी सरकार मंदिर

गुना का टेकरी सरकार मंदिर क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार मंदिर का इतिहास महाभारत काल से जुड़ा हुआ माना जाता है। यहां स्थापित प्राचीन शिवलिंग के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था है और दूर-दूर से भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

सावन, महाशिवरात्रि और अन्य धार्मिक पर्वों पर मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटते हैं। यही वजह है कि शिवलिंग को लेकर फैली अफवाहों ने लोगों की भावनाओं को प्रभावित किया था।

‘असामाजिक तत्वों ने फैलाया भ्रम’

मंदिर ट्रस्ट के प्रवक्ता राजेश अग्रवाल ने जनप्रचार से चर्चा में कहा कि प्राचीन शिवलिंग को हटाने संबंधी बातें पूरी तरह निराधार हैं।

उनके अनुसार कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा मंदिर की शांति और सौहार्दपूर्ण वातावरण को प्रभावित करने के उद्देश्य से भ्रम फैलाया गया।

उन्होंने कहा कि ट्रस्ट ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पर विचार कर रहा है तथा प्रशासन से भी उचित कार्रवाई की मांग की जाएगी।

ट्रस्ट की अपील

मंदिर ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट सूचनाओं पर विश्वास न करें और किसी भी जानकारी के लिए ट्रस्ट के अधिकृत स्रोतों पर ही भरोसा करें।