एमपी में संस्कृति का मेगा रोडमैप: सीएम यादव ने तय किया नया विजन

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को नई ऊंचाई देने के लिए बड़ा रोडमैप पेश किया। विक्रमादित्य अकादमी, धार्मिक पर्यटन विस्तार, सांस्कृतिक आयोजन और विरासत संरक्षण पर विशेष जोर दिया गया।

28

भोपाल।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश की कला, संस्कृति और धार्मिक विरासत को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए व्यापक रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि आने वाले छह महीनों में प्रदेशभर में बड़े त्योहार, मेले और सांस्कृतिक आयोजन होंगे, जिनमें सभी समाजों और परंपराओं की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।

विक्रमादित्य के नाम पर बनेगी अलग अकादमी

मुख्यमंत्री ने सम्राट वीर विक्रमादित्य के नाम से पृथक अकादमी स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। इस संस्थान में उनके जीवन, इतिहास और योगदान पर शोध कार्य के साथ सांस्कृतिक गतिविधियां संचालित की जाएंगी। इसे प्रदेश की ऐतिहासिक विरासत को नई पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

धार्मिक पर्यटन को मिलेगा नया विस्तार

डॉ. यादव ने संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास और ग्रामोद्योग विभागों के संयुक्त प्रयासों पर जोर देते हुए कहा कि धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन को नई ऊंचाई दी जाएगी।

मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना में अब प्रदेश के ज्योतिर्लिंगों, शक्तिपीठों और प्रमुख धार्मिक स्थलों को भी शामिल करने की तैयारी की जा रही है।

राम वन गमन पथ और कृष्ण पाथेय पर बढ़ेगी रफ्तार

मुख्यमंत्री ने श्रीराम वन गमन पथ और श्रीकृष्ण पाथेय परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ये दोनों परियोजनाएं प्रदेश के धार्मिक और पर्यटन मानचित्र को नई पहचान देंगी।

जगदीशपुर किले से जुड़ेगा इतिहास और शासन

भोपाल के निकट स्थित ऐतिहासिक जगदीशपुर किले को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए मुख्यमंत्री ने यहां भविष्य में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित करने की घोषणा की। उनका मानना है कि इससे ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण और प्रचार को नई दिशा मिलेगी।

लोक संस्कृति और लोकनायकों को मिलेगा सम्मान

मुख्यमंत्री ने आल्हा-ऊदल की स्मृति में विशेष आयोजन, श्रावण महोत्सव और भुजरिया पर्व के आयोजन के निर्देश दिए।

साथ ही नागपंचमी को जैव विविधता संरक्षण और सर्प प्रजातियों के संरक्षण से जोड़कर जनजागरूकता अभियान चलाने की बात कही।

प्रदेश के कलाकारों को मिलेगा बड़ा मंच

डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि मध्यप्रदेश से जुड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कलाकारों, गायकों और प्रतिभाओं की सूची तैयार कर उन्हें प्रदेश में प्रस्तुति देने के लिए आमंत्रित किया जाए। इससे प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता को वैश्विक पहचान मिलेगी।

4160 करोड़ के सांस्कृतिक प्रोजेक्ट्स पर काम जारी

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में वर्तमान में 17 धार्मिक-सांस्कृतिक लोक और 20 संग्रहालयों का निर्माण चल रहा है।

वर्ष 2023 से अब तक लगभग 4160 करोड़ रुपये के निर्माण कार्य प्रगति पर हैं। महाकाल लोक, राम राजा लोक, श्रीराम वन गमन पथ सहित कई परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जा रहा है।