सीएम के टीकमगढ़ दौरे में गड्ढों का विरोध, शिकायतकर्ता ने खाया जहर

टीकमगढ़ में सीएम दौरे के दौरान लोगों ने सड़क के गड्ढों का विरोध दर्ज कराया। जमीन विवाद की शिकायत लेकर पहुंचे युवक ने मुख्यमंत्री से नहीं मिल पाने पर जहरीला पदार्थ खा लिया। उसका अस्पताल में इलाज जारी है।

रूपेश जैन,टीकमगढ़।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का टीकमगढ़ दौरा जनसमस्याओं और विरोध के अलग-अलग तरीकों के कारण चर्चा में रहा।

एक ओर कुछ लोगों ने सड़क के गड्ढों को लेकर विरोध दर्ज कराया।

दूसरी ओर जमीन विवाद की शिकायत लेकर पहुंचे युवक ने मुख्यमंत्री से मुलाकात नहीं होने पर कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खा लिया।

तय जन विश्वास कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव टीकमगढ़ जिले के दौरे पर थे।

इस दौरान उन्होंने ​जिला अस्तपाल का अवलोकन किया।​

विभिन्न विकास कार्यक्रमों व समाधान आनलाइन की समीक्षा करने के साथ ही जिले को विकास कार्यों की सौगात भी दी।

समाधान आनलाइन समीक्षा में एक मामले की शिकायत का समय पर निराकरण नहीं होने पर एक पंचायत सचिव को निलंबित करने के निर्देश भी दिए,

लेकिन इसी बीच कुछ ऐसे मामले भी सामने आए,जब लोग मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी पीड़ा जताने चाहते थे,

लेकिन पुलिस व प्रशासन की सख्ती के चलते वे इसमें सफल नहीं हो सकेै।

मुलाकात नहीं होने पर युवक ने खाया जहर

                    (जहर खाने वाले युवक को अस्पताल ले जाते पुलिस कर्मी)

पुरानी टिहरी, वार्ड क्रमांक-1 निवासी सचेंद्र कुशवाह अपनी पत्नी राधा और बेटी के साथ कार्यक्रम में पहुंचे थे।

परिवार जमीन के सीमांकन और कब्जे से जुड़ी शिकायत मुख्यमंत्री तक पहुंचाना चाहता था।

परिवार का आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद जमीन का सीमांकन नहीं हुआ।

उनका कहना है कि इस कारण विवाद लगातार बना हुआ है।

पत्नी राधा के अनुसार, उनका आवेदन पुलिसकर्मियों ने ले लिया था।

हालांकि, सचेंद्र मुख्यमंत्री से सीधे मिलकर अपनी बात रखना चाहते थे।

कार्यक्रम स्थल के बाहर खाया जहरीला पदार्थ

आरोप है कि युवक को कार्यक्रम स्थल के अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली।

इसके बाद वह नगर पालिका कार्यालय के बाहर पहुंचा।

दोपहर करीब 12:30 बजे उसने सड़क पर जहरीला पदार्थ खा लिया।

घटना के बाद मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसे तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया।

सिविल सर्जन डॉ. अमित शुक्ला के अनुसार, युवक ने कौन सा पदार्थ खाया,

इसकी जानकारी स्पष्ट नहीं है। उसे चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।

जमीन का सीमांकन नहीं होने का आरोप

राधा कुशवाह ने बताया कि किला क्षेत्र में उनकी करीब 1.096 एकड़ जमीन है।

परिवार का आरोप है कि जमीन पर कब्जे का विवाद चल रहा है।

उनका कहना है कि सीमांकन होने से विवाद सुलझने की उम्मीद है।

परिवार आर्थिक दबाव का भी सामना कर रहा है।

राधा के अनुसार, मकान पर करीब 5 लाख रुपए का लोन है।

बैंक की किश्तों और अन्य कर्ज को लेकर परिवार परेशान है।

दूसरी ओर, सड़क के गड्ढों को लेकर विरोध

( सीएम को सड़क के गड्ढे दिखाती अंजान आवाज)

मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान कुछ लोगों ने सड़क के गड्ढों की समस्या उठाने का प्रयास किया।

हालांकि, वे सीधे मुख्यमंत्री तक अपनी बात नहीं पहुंचा सके।

इसके बाद उन्होंने गड्ढों से गुजरते मुख्यमंत्री के काफिले का वीडियो बनाया।

वीडियो के जरिए सड़क की स्थिति पर विरोध दर्ज कराया गया।

इस दौरान कुछ लोग मुख्यमंत्री के समर्थन में नारे भी लगाते सुनाई दिए।

यानी विरोध का स्वर था, लेकिन तरीका शांतिपूर्ण और प्रतीकात्मक रहा।

जनविश्वास कार्यक्रम में उठे स्थानीय मुद्दे

नगर पालिका में आयोजित जनविश्वास कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने लोगों से संवाद किया।

इस दौरान कई स्थानीय मुद्दे भी सामने आए।

कांग्रेस पार्षदों ने टीकमगढ़ में मेडिकल कॉलेज की मांग रखी।

नगर पालिका अध्यक्ष पद को लेकर भी राजनीतिक असहमति दिखाई दी।

कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि नियमों के अनुसार अध्यक्ष पद की व्यवस्था स्पष्ट की जाए।

सीएम ने शिकायतों पर कार्रवाई के निर्देश दिए

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम के दौरान लोगों की समस्याएं सुनीं।

उन्होंने संबंधित शिकायतों पर कार्रवाई और समाधान के निर्देश भी दिए।

हालांकि, दौरे के दौरान सामने आई घटनाओं ने यह भी दिखाया कि स्थानीय स्तर की समस्याएं अब भी लोगों की बड़ी चिंता हैं।

एक तरफ सड़क के गड्ढों ने विरोध की तस्वीर बनाई।

दूसरी तरफ जमीन विवाद से परेशान युवक का कदम प्रशासनिक शिकायतों की गंभीरता की ओर इशारा कर गया।