मुख्यमंत्री निवास कार्यालय का भवन ‘समत्व’ सेवा के मंदिर के रूप में पहचान बनाएगा – मुख्यमंत्री चौहान

  • प्रत्येक क्षण का उपयोग प्रदेश की प्रगति, विकास और जन-कल्याण में करने का लें महासंकल्प
  • मुख्यमंत्री के साथ श्रमिक श्रीमती विद्याबाई ने दीप जलाकर किया भवन का लोकार्पण

भोपाल

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मुख्यमंत्री निवास परिसर में नवनिर्मित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय भवन "समत्व" प्रदेश के विकास, समृद्धि, जनता के कल्याण, न्यायशील व्यवस्था और दुष्टों के दलन के केन्द्र के रूप में अपनी पहचान बनाएगा। आधुनिक तकनीक के समावेश से बना यह भवन और यहाँ स्थापित व्यवस्थाएँ जन-सामान्य की समस्याओं के समाधान का माध्यम बने, हर चेहरे पर मुस्कान हो, हर व्यक्ति के जीवन में आनंद और प्रसन्नता रहे, टीम मध्यप्रदेश का यही प्रयास होगा। मुझे मेरी टीम मध्यप्रदेश पर विश्वास है। हम यह महासंकल्प लें कि अपने प्रत्येक क्षण का उपयोग प्रदेश की प्रगति, विकास और लोगों के कल्याण तथा उन्हें न्याय दिलाने के लिए करेंगे। मुख्यमंत्री चौहान निवास परिसर में "समत्व" भवन के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

पुष्प वर्षा कर श्रमिकों का स्वागत किया

मुख्यमंत्री चौहान और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह के साथ श्रमिक श्रीमती विद्या बाई ने ‘समत्व’ भवन का लोकार्पण दीप जला कर किया। मूलत: गढ़ाकोटा सागर की श्रमिक श्रीमती विद्या बाई, भवन निर्माण में आरंभ से लगी हैं। मुख्यमंत्री चौहान ने सपत्नीक शंख ध्वनि और स्वस्ति-वाचन के बीच भवन के द्वार पर कलश पूजन कर भवन में प्रवेश किया। मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी, पुलिस महानिदेशक सुधीर सक्सेना, प्रमुख सचिव जनसंपर्क राघवेन्द्र कुमार सिंह तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी साथ थे। मुख्यमंत्री चौहान ने राजा राम चंद्र भगवान की जय के घोष के साथ अपने कक्ष ‘संकल्प’ में प्रवेश किया। साथ ही गणेश तथा राम दरबार की पूजा सम्पन्न कर अखंड रामायण का पाठ आरंभ किया गया। मुख्यमंत्री चौहान ने ‘समत्व’ भवन की पट्टिका का अनावरण किया और श्रमिकों का पुष्प-वर्षा कर स्वागत किया। उन्होंने भवन के सामने स्थित उद्यान में रूद्राक्ष, पारिजात और बेलपत्र के पौधे लगाए। मुख्य सचिव बैंस तथा पुलिस महानिदेशक सक्सेना ने पारिजात का पौधा लगाया। महाप्रसादी का वितरण भी हुआ।

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घर-घर पहुँच कर किया जाएगा समस्याओं का समाधान

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि जनता की सेवा ही भगवान की पूजा है। मुख्यमंत्री निवास कार्यालय का यह भवन सेवा के मंदिर के रूप में अपनी पहचान बनाएगा। यह कार्यालय जनता का है, ‘समत्व’ में सभी का एक समान महत्व होगा। यहाँ पदस्थ अधिकारी-कर्मचारी जन-सेवा का आदर्श प्रस्तुत करें। यह मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता विकास और कल्याण के लिए संचालित योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन है। मुख्यमंत्री जन-सेवा अभियान के पहले चक्र में अब तक 83 लाख लोगों के नाम जोड़े गए हैं, स्वीकृति-पत्र का वितरण आरंभ हो रहा है। दूसरे चक्र में राज्य सरकार घर-घर पहुँच कर प्रदेशवासियों की समस्याओं का समय-सीमा में समाधान करेगी।

मुख्य द्वार पर अंकित है मध्यप्रदेश गान

मुख्यमंत्री चौहान ने भवन निर्माण प्रक्रिया में लगे श्रमिक, इंजीनियर, निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों का शाल, श्रीफल और पुष्प-गुच्छ भेंट कर सम्मान किया। इस क्रम में श्रमिक श्रीमती विद्याबाई, कलाराम पातरे, निर्माण एजेंसी के सुविल, श्रीमती पुस्तकला शेंडे, जयदीप वासवानी, नवीन वासवानी, सुरेश वासवानी, वास्तुकार नितेश, विपिन चौहान तथा श्रीमती स्मृति चौहान का सम्मान किया गया। भवन निर्माण संबंधी प्रस्तुतिकरण में बताया गया कि कोविड काल में आरंभ हुए भवन का निर्माण 15 माह में पूर्ण किया गया। "समत्व’’ भवन में मुख्यमंत्री चौहान के कक्ष को ‘संकल्प’ और मीटिंग हॉल को ‘मंथन’ नाम दिया गया है। भवन के मुख्य द्वार पर मध्यप्रदेश गान अंकित है। संचालन मुख्यमंत्री प्रेस प्रकोष्ठ के उप संचालक अशोक मनवानी ने किया।

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