जबलपुर।
मंडला के उभरते खिलाड़ी श्रेष्ठ मिश्रा ने राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन किया है।
16 वर्षीय श्रेष्ठ ने आइस स्केटिंग में रजत पदक हासिल किया है।
उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की फिगर एवं स्पीड स्केटिंग प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा दिखाई।
करीब 5 डिग्री तापमान में आयोजित प्रतियोगिता में श्रेष्ठ ने शानदार प्रदर्शन किया।
उन्होंने अपने आयु वर्ग में देशभर में दूसरा स्थान हासिल किया।
बर्फीले ट्रैक पर दिखाई रफ्तार

प्रतियोगिता का आयोजन देहरादून स्थित हिमाद्री आइस रिंक, महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज कॉम्प्लेक्स में किया गया।
श्रेष्ठ ने स्पेशल ओलंपिक्स भारत की आइस स्केटिंग प्रतियोगिता में हिस्सा लिया।
बर्फ के ट्रैक पर स्केटिंग के दौरान खिलाड़ियों को रफ्तार के साथ संतुलन भी बनाए रखना पड़ता है।
ठंडे मौसम में तकनीक पर नियंत्रण रखना भी बड़ी चुनौती होती है।
श्रेष्ठ ने इन चुनौतियों के बीच बेहतर प्रदर्शन किया।
उनकी स्पीड और संतुलन ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान दिलाया।
तीन-चार साल से कर रहे लगातार अभ्यास

श्रेष्ठ पिछले तीन-चार वर्षों से आइस स्केटिंग का प्रशिक्षण ले रहे हैं।
उन्होंने जबलपुर के भंवरताल स्केटिंग कोर्ट में भी अभ्यास किया है।
इसके अलावा स्मॉल वंडर सीनियर सेकेंडरी स्कूल, बल्देवबाग में भी उन्होंने प्रशिक्षण लिया।
उनके प्रशिक्षण में कोच रामकिशोर सोनी का मार्गदर्शन महत्वपूर्ण रहा।
लगातार अभ्यास के दौरान श्रेष्ठ ने अपनी स्पीड और तकनीक पर काम किया।
उन्होंने बर्फ पर संतुलन बनाए रखने की क्षमता को भी मजबूत किया।
शुरुआत में आसान नहीं था सफर

श्रेष्ठ के लिए आइस स्केटिंग का सफर आसान नहीं रहा।
बर्फ के ट्रैक पर तेज रफ्तार से स्केटिंग करना अपने आप में चुनौती है।
शुरुआती दौर में उन्हें तकनीक और संतुलन से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
अभ्यास के दौरान अपनी कमियों को पहचानकर उन्होंने उन्हें दूर करने पर काम किया।
धीरे-धीरे उनकी स्पीड में सुधार हुआ।
स्केटिंग तकनीक बेहतर हुई।
फिटनेस पर भी उन्होंने विशेष ध्यान दिया।
राष्ट्रीय प्रतियोगिता से पहले उन्होंने नियमित अभ्यास किया।
परिवार ने भी उन्हें लगातार प्रोत्साहित किया।
अब जर्मनी की प्रतियोगिता पर नजर

राष्ट्रीय स्तर पर रजत पदक जीतने के बाद श्रेष्ठ के सामने अगला लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय मंच है।
उन्हें जर्मनी में होने वाली आगामी अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम में जगह मिलने की उम्मीद है।
यदि उनका चयन होता है तो यह उनके खेल करियर का बड़ा अवसर होगा।
वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत और मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करना चाहते हैं।
श्रेष्ठ की सफलता में इनका रहा योगदान
श्रेष्ठ प्रकाश मिश्रा के पौत्र और अनिल मिश्रा के पुत्र हैं।
उनकी सफलता से परिवार में खुशी का माहौल है।
स्पेशल ओलंपिक्स भारत, मध्यप्रदेश के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. दीपांकर बैनर्जी ने श्रेष्ठ को बधाई दी।
उन्होंने श्रेष्ठ के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कोच रामकिशोर सोनी ने भी उनकी उपलब्धि पर खुशी जताई।
उन्होंने आगामी प्रतियोगिताओं के लिए श्रेष्ठ को शुभकामनाएं दीं।
भाजपा जिला अध्यक्ष प्रफुल्ल मिश्रा ने भी श्रेष्ठ की उपलब्धि पर प्रसन्नता जताई।
उन्होंने श्रेष्ठ के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाने का लक्ष्य
राष्ट्रीय प्रतियोगिता में रजत पदक जीतने के बाद श्रेष्ठ की नजर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने पर है।
श्रेष्ठ लगातार अभ्यास जारी रखना चाहते हैं।
वह अपनी स्पीड, फिटनेस और तकनीक को और मजबूत करना चाहते हैं।
उनका लक्ष्य भविष्य में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतना है।
वह भारत और मध्य प्रदेश का नाम रोशन करना चाहते हैं।
श्रेष्ठ की उपलब्धि मंडला के युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा है।
उनकी कहानी बताती है कि लगातार अभ्यास और अनुशासन से राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा जा सकता है।
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